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Jhajjar-Bahadurgarh News: आग में जलीं चार जिंदगी या धुएं में घुटा दम
Sun, 23 Mar 2025 03:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 23 Mar 2025 03:35 AM IST
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-फोटो 63 : बहादुरगढ़ हादसा...मौके पर मौजूद डीसीपी मयंक मिश्रा, एसीपी प्रदीप कुमार व अन्य पुलिस
बहादुरगढ़। शनिवार शाम करीब 7 बजे सेक्टर 9 दहल उठा। मकान नंबर 312 पी में तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हुआ और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। मकान में सिलेंडर फटने की अफवाह शहर में आग की तरह फैल गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस और एफएसएल के साथ बैलिस्टिक टीम जांच के लिए पहुंची। आग बुझाने के बाद जांच शुरू हुई तो पता चला कि घर पर सिलेंडर सही सलामत रखे हैं। ब्लास्ट हुआ तो कैसे? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था। दूसरा सवाल यह है हादसे में जान गंवाने वाले आग में जले या धुएं में दम घुटने से उनकी माैत हुई ?
हादसा में चार लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन बच्चे और एक महिला शामिल है, जबकि एक पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गया। यह ब्लास्ट एसी यूनिट में हुआ या किसी और वजह से। इस बारे में अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। इससे इलाके में दहशत फैल गई। घायल की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर निवासी हरपाल सिंह के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 स्थित 312 नंबर मकान में परिवार समेत किराये पर रहते हैं। उनका दिल्ली में ट्रांसपोर्ट का काम है।
तीन किलोमीटर तक सुनाई दी धमाके की आवाज
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार शाम मकान नंबर 312 पी में तेज आवाज सुनाई दी। एक बार लगा कि सिलेंडर ब्लास्ट हुआ है। पहले धमाके की आवाज कम रही, उसके कुछ सेकंड बाद दूसरा धमाका हुआ। इसकी आवाज तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास रहने वाले लोग घर की तरफ दौड़े तो देखा कि घर के पिछले हिस्से में आग लगी हुई थी। लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया और आग बुझाने के प्रयास हुई किए। दीवार कूदकर लोगों ने दरवाजे को तोड़ा और कई लोग अंदर चले गए। अंदर कमरे से सरदार हरपाल सिंह को बाहर निकाला गया, लेकिन जिस कमरे में आग लगी थी उसमें परिवार के और सदस्य थे। जिन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। धमाके इतने खतरनाक थे कि घर के अंदर लगी फर्श की टाइल तक उखड़ गई है। घर के अंदर चारों तरफ धुआं ही धुआं था। फायर ब्रिगेड ने आग पर पूरी तरह से काबू पाया, तो पता चला कि घर में चार लोगों के शव पड़े हुए हैं। इनमें एक महिला और तीन बच्चे शामिल हैं। इनमें दो लड़कियां और एक लड़का व एक महिला बताई गई है। मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। घर के अंदर लगे स्पिलिट एसी और एलईडी पूरी तरह जल गए हैं।
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आखिर इतना खतरनाक ब्लास्ट कैसे हुआ
बहादुरगढ़ पुलिस अब तक यह नहीं पता लगा पाई है कि आखिर घर के अंदर इतनी खतरनाक ब्लास्ट कैसे हुए। बैलिस्टिक इन्वेस्टिगेशन टीम और फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि आखिर घर में आग कैसे लगी और धमाकों की असली वजह क्या है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
जांच में जुटे अधिकारी
ब्लास्ट कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है। एफएसएल टीम भी जांच कर रही है। हरपाल अपने परिवार के साथ इस मकान में 7 महीने पहले किराये पर रहने के लिए आया था। घर के अंदर एलपीजी सिलेंडर सही सलामत रखे हुए हैं। हालांकि एसी की इंडोर यूनिट को आग की वजह से नुकसान पहुंचा है। आशंका है कि यह ब्लास्ट कुछ अन्य ज्वलनशील पदार्थ के कारण भी हो सकता है इसलिए फॉरेंसिक टीम के साथ-साथ बैलिस्टिक इन्वेस्टिगेशन टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।
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हादसा में चार लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन बच्चे और एक महिला शामिल है, जबकि एक पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गया। यह ब्लास्ट एसी यूनिट में हुआ या किसी और वजह से। इस बारे में अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। इससे इलाके में दहशत फैल गई। घायल की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर निवासी हरपाल सिंह के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 स्थित 312 नंबर मकान में परिवार समेत किराये पर रहते हैं। उनका दिल्ली में ट्रांसपोर्ट का काम है।
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तीन किलोमीटर तक सुनाई दी धमाके की आवाज
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार शाम मकान नंबर 312 पी में तेज आवाज सुनाई दी। एक बार लगा कि सिलेंडर ब्लास्ट हुआ है। पहले धमाके की आवाज कम रही, उसके कुछ सेकंड बाद दूसरा धमाका हुआ। इसकी आवाज तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास रहने वाले लोग घर की तरफ दौड़े तो देखा कि घर के पिछले हिस्से में आग लगी हुई थी। लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया और आग बुझाने के प्रयास हुई किए। दीवार कूदकर लोगों ने दरवाजे को तोड़ा और कई लोग अंदर चले गए। अंदर कमरे से सरदार हरपाल सिंह को बाहर निकाला गया, लेकिन जिस कमरे में आग लगी थी उसमें परिवार के और सदस्य थे। जिन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। धमाके इतने खतरनाक थे कि घर के अंदर लगी फर्श की टाइल तक उखड़ गई है। घर के अंदर चारों तरफ धुआं ही धुआं था। फायर ब्रिगेड ने आग पर पूरी तरह से काबू पाया, तो पता चला कि घर में चार लोगों के शव पड़े हुए हैं। इनमें एक महिला और तीन बच्चे शामिल हैं। इनमें दो लड़कियां और एक लड़का व एक महिला बताई गई है। मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। घर के अंदर लगे स्पिलिट एसी और एलईडी पूरी तरह जल गए हैं।
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आखिर इतना खतरनाक ब्लास्ट कैसे हुआ
बहादुरगढ़ पुलिस अब तक यह नहीं पता लगा पाई है कि आखिर घर के अंदर इतनी खतरनाक ब्लास्ट कैसे हुए। बैलिस्टिक इन्वेस्टिगेशन टीम और फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि आखिर घर में आग कैसे लगी और धमाकों की असली वजह क्या है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
जांच में जुटे अधिकारी
ब्लास्ट कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है। एफएसएल टीम भी जांच कर रही है। हरपाल अपने परिवार के साथ इस मकान में 7 महीने पहले किराये पर रहने के लिए आया था। घर के अंदर एलपीजी सिलेंडर सही सलामत रखे हुए हैं। हालांकि एसी की इंडोर यूनिट को आग की वजह से नुकसान पहुंचा है। आशंका है कि यह ब्लास्ट कुछ अन्य ज्वलनशील पदार्थ के कारण भी हो सकता है इसलिए फॉरेंसिक टीम के साथ-साथ बैलिस्टिक इन्वेस्टिगेशन टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।