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हाइवे पर कोहरे का कहर, टकराए दर्जन भर वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:10 AM IST
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झज्जर।
चार दिनों से खिल रही धूप के बाद शनिवार की सुबह अचानक आई धुंध ने हाईवे पर अपना कहर बरपाया। धुंध के दौरान जीरो दृश्यता होने के कारण अलग-अलग स्थानों पर करीब दर्जन भर वाहन टकरा गए। इसमें 12 से ज्यादा लोग ही घायल हुए। गनीमत यह रही इन हादसों में किसी की जान नहीं गई। शनिवार को रोहतक बाईपास पर तीन ट्रक व एक कार टकरा गई। वहीं डीघल टोल प्लाजा के पास 6 वाहन टकराए। इसके अलावा सिलानी बाईपास पर तीन ट्रक व एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सभी घटनाओं की जानकारी पर नेशनल हाईवे अॅथारिटी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे व घायलों को गाड़ियों से निकाल कर अस्पतालों में पहुंचवाया। वहीं सड़कों पर खड़ी इन गाड़ियों को भी साइड में करवाते हुए यातायात सुचारु करवाया।
हादसों के चलते लगा रहा जाम
रोहतक बाईपास पर करीब 9 बजे रोहतक की तरफ से आ रहे तीन ट्रक और एक कार ने फ्लाईओवर पर एक दूसरे को पीछे से टक्कर मार दी। इसके चलते कार में सवार करनाल बिजली निगम के एसडीओ घायल हो गए। इन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं हादसे में उनकी पत्नी में भी घायल हो गई थी। हादसे के बाद फ्लाईओवर पर जाम के हालात बन गए। जिन्हें हाईवे अॅथारिटी के कर्मचारियों और पुलिस कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ठीक करवाया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को पुलिस के द्वारा क्रेन की सहायता से साइड में करवाया गया।
पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से जान पर आफत
धुंध के दौरान सफेद पट्टी के सहारे चलने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि सड़कों से संकेतक और सफेद पट्टियां ही इस समय गायब हो चुके हैं। इसको लेकर अमर उजाला ने मामला उठाया था। इसमें विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि 31 दिसंबर तक सभी जगहों पर संकेतक और सफेद पट्टी लगवा दी जाएंगी। 90 किलोमीटर तक थर्मो प्लास्टिक पेंट के भी टेंडर छोड़े गए थे, जिन पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते लग रहा है कि विभाग का यह दावा भी झूठा पड़ने वाला है क्योंकि महीने को खत्म होने में अब केवल 7 दिन बचे हैं। वहीं यह भी साफ दिख रहा है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की नजर में लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है।
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अलाव के सहारे दिखे लोग
धुंध के दौरान शनिवार को दृश्यता शून्य रही, वहीं ठिठुरन पैदा करने वाले ठंड के दौरान अलावा का सहारा लेते देखा गया। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चे भी सुबह ठिठुरते हुए ही स्कूल बसों में सवार हुए। इन छात्रों के लिए अच्छी बात यह है कि 25 दिसंबर से प्रदेश के स्कूलों में छुुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। इसके चलते अब इन्हें आगे ठिठुरते हुए स्कूलों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
फसलों में मिलेगा लाभ
शनिवार को लगी धुंध के बाद किसानों के चेहरे पर रौनक देखने को मिल रही है। गेहूं व सरसों की फसलों में धुंध की वजह से काफी फायदा मिलेगा। कृषि विभाग के डीडीए रोहताश के अनुसार धुंध गेहूं व सरसों की बढ़वार के लिए बेहद आवश्यक है लेकिन पिछले कुछ दिनों से धुंध नहीं आ रही थी तो फसलों को इसका नुकसान हो रहा था। उन्होंने बताया कि धुंध अगर सही लगती रही तो फसलों में सिंचाई की भी कम आवश्यकता महसूस होगी।
पट्टियां लगाने का कार्य जल्द ही शुरू करवाया जा रह है। विभाग के द्वारा टेंडर कर दिए गए थे, जिनमें नियमों की वजह से देरी हुई है। संकेतक और पट्टियां जल्द ही लगवा दी जाएंगी।
एसएस दलाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग।
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चार दिनों से खिल रही धूप के बाद शनिवार की सुबह अचानक आई धुंध ने हाईवे पर अपना कहर बरपाया। धुंध के दौरान जीरो दृश्यता होने के कारण अलग-अलग स्थानों पर करीब दर्जन भर वाहन टकरा गए। इसमें 12 से ज्यादा लोग ही घायल हुए। गनीमत यह रही इन हादसों में किसी की जान नहीं गई। शनिवार को रोहतक बाईपास पर तीन ट्रक व एक कार टकरा गई। वहीं डीघल टोल प्लाजा के पास 6 वाहन टकराए। इसके अलावा सिलानी बाईपास पर तीन ट्रक व एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सभी घटनाओं की जानकारी पर नेशनल हाईवे अॅथारिटी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे व घायलों को गाड़ियों से निकाल कर अस्पतालों में पहुंचवाया। वहीं सड़कों पर खड़ी इन गाड़ियों को भी साइड में करवाते हुए यातायात सुचारु करवाया।
हादसों के चलते लगा रहा जाम
रोहतक बाईपास पर करीब 9 बजे रोहतक की तरफ से आ रहे तीन ट्रक और एक कार ने फ्लाईओवर पर एक दूसरे को पीछे से टक्कर मार दी। इसके चलते कार में सवार करनाल बिजली निगम के एसडीओ घायल हो गए। इन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं हादसे में उनकी पत्नी में भी घायल हो गई थी। हादसे के बाद फ्लाईओवर पर जाम के हालात बन गए। जिन्हें हाईवे अॅथारिटी के कर्मचारियों और पुलिस कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ठीक करवाया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को पुलिस के द्वारा क्रेन की सहायता से साइड में करवाया गया।
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पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से जान पर आफत
धुंध के दौरान सफेद पट्टी के सहारे चलने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि सड़कों से संकेतक और सफेद पट्टियां ही इस समय गायब हो चुके हैं। इसको लेकर अमर उजाला ने मामला उठाया था। इसमें विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि 31 दिसंबर तक सभी जगहों पर संकेतक और सफेद पट्टी लगवा दी जाएंगी। 90 किलोमीटर तक थर्मो प्लास्टिक पेंट के भी टेंडर छोड़े गए थे, जिन पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते लग रहा है कि विभाग का यह दावा भी झूठा पड़ने वाला है क्योंकि महीने को खत्म होने में अब केवल 7 दिन बचे हैं। वहीं यह भी साफ दिख रहा है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की नजर में लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है।
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अलाव के सहारे दिखे लोग
धुंध के दौरान शनिवार को दृश्यता शून्य रही, वहीं ठिठुरन पैदा करने वाले ठंड के दौरान अलावा का सहारा लेते देखा गया। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चे भी सुबह ठिठुरते हुए ही स्कूल बसों में सवार हुए। इन छात्रों के लिए अच्छी बात यह है कि 25 दिसंबर से प्रदेश के स्कूलों में छुुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। इसके चलते अब इन्हें आगे ठिठुरते हुए स्कूलों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
फसलों में मिलेगा लाभ
शनिवार को लगी धुंध के बाद किसानों के चेहरे पर रौनक देखने को मिल रही है। गेहूं व सरसों की फसलों में धुंध की वजह से काफी फायदा मिलेगा। कृषि विभाग के डीडीए रोहताश के अनुसार धुंध गेहूं व सरसों की बढ़वार के लिए बेहद आवश्यक है लेकिन पिछले कुछ दिनों से धुंध नहीं आ रही थी तो फसलों को इसका नुकसान हो रहा था। उन्होंने बताया कि धुंध अगर सही लगती रही तो फसलों में सिंचाई की भी कम आवश्यकता महसूस होगी।
पट्टियां लगाने का कार्य जल्द ही शुरू करवाया जा रह है। विभाग के द्वारा टेंडर कर दिए गए थे, जिनमें नियमों की वजह से देरी हुई है। संकेतक और पट्टियां जल्द ही लगवा दी जाएंगी।
एसएस दलाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग।