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छठे नवरात्र पर 10 हजार श्रद्धालुओं ने किए माता के दर्शन
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बेरी। विश्व प्रसिद्ध माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने को लेकर प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। भक्तों की आस्था को देखते हुए मंदिर के कपाट सिर्फ माता के दर्शन के लिए खोले गए हैं। मंदिर में दर्शनों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। छठे नवरात्र के दिन करीब 10 हजार भक्तों ने टोकन से दर्शन किए।
साथ ही श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों व प्रशासन की तरफ जागरूक किया जा रहा है। वहीं सप्तमी व अष्टमी के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। भक्तों को किसी प्रकार को परेशानी न हो, इसके लिए जगह-जगह पुलिस के कर्मचारी तैनात किए हुए हैं।
चैत्र नवरात्र के छठे दिन अवकाश होने के कारण मंदिर में अल-सुबह से भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो गई। टोकन व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुुई। करीब 10 हजार भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। वहीं प्राचीन परंपरा के अनुसार नवविवाहित जोड़ों की जात लगवाई गई, वहीं छोटे बच्चों के जड़ूले भी उतरवाए गए।
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वर्जन
रविवार को अवकाश होने के कारण मंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़ लग गई थी। छठे नवरात्र के दिन करीब 10 हजार भक्तों ने टोकन से दर्शन किए। कोरोना की गाइडलाइन के चलते सप्तमी व अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं को रात्रि ठहराव नहीं होगा। अष्टमी के दिन सुबह 5 बजे बाद ही मां की प्रतिमा को अंदर मंदिर से बाहर वाले मंदिर में लाया जाएगा।
- रविंद्र कुमार, एसडीएम, बेरी।
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साथ ही श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों व प्रशासन की तरफ जागरूक किया जा रहा है। वहीं सप्तमी व अष्टमी के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। भक्तों को किसी प्रकार को परेशानी न हो, इसके लिए जगह-जगह पुलिस के कर्मचारी तैनात किए हुए हैं।
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चैत्र नवरात्र के छठे दिन अवकाश होने के कारण मंदिर में अल-सुबह से भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो गई। टोकन व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुुई। करीब 10 हजार भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। वहीं प्राचीन परंपरा के अनुसार नवविवाहित जोड़ों की जात लगवाई गई, वहीं छोटे बच्चों के जड़ूले भी उतरवाए गए।
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रविवार को अवकाश होने के कारण मंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़ लग गई थी। छठे नवरात्र के दिन करीब 10 हजार भक्तों ने टोकन से दर्शन किए। कोरोना की गाइडलाइन के चलते सप्तमी व अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं को रात्रि ठहराव नहीं होगा। अष्टमी के दिन सुबह 5 बजे बाद ही मां की प्रतिमा को अंदर मंदिर से बाहर वाले मंदिर में लाया जाएगा।
- रविंद्र कुमार, एसडीएम, बेरी।