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मामलों में जांच सही न मिलने पर गंभीर नजर आया महिला आयोग
अमर उजाला/ब्यूराो/बहादुरगढ़/झज्जजर
Updated Sat, 13 May 2017 11:46 PM IST
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महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों एवं केसाें में ढिलाई बरते जाने पर राज्य महिला आयोग बेहद गंभीर नजर आया। शनिवार को बहादुरगढ़ पहुंची आयोग की चेयरमैन कमलेश पांचाल ने दहेज हत्या संबंधी एक मामले में सही कार्यवाई न करने पर डीएसपी के समक्ष एक तत्कालीन एसएचओ और दो जांच अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं, दो अन्य मामलों में एचसीएस प्रदीप कौशिक और आईजी भारती अरोड़ा को 17 मई को आयोग में रिपोर्ट लेकर पहुंचने को कहा है।
शिकायतें मिलने पर पहुंची
शिकायतें मिलने पर हरियाणा महिला आयोग की चेयरमैन कमलेश पांचाल शनिवार को अचानक बहादुरगढ़ पहुंची। चेयरमैन के आने की सूचना पर पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। यहां रोहतक रोड स्थित रेस्ट हाउस में डीएसपी बहादुरगढ़ भगतराम, डीएसपी बेरी राजीव कुमार, सिटी एसएचओ प्रदीप कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी रेस्ट हाउस में मौजूद रहे। इस सूचना पर कई फरियादी भी वहां पहुंचे और चेयरमैन के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। चेयरमैन पांचाल के सामने दहेज हत्या, सेक्सुअल हैरासमेंट, महिला पुलिसकर्मी से छेड़छाड़ और युवती से छेड़छाड़ के मामले प्रमुख रहे। इन मामलों में चेयरमैन ने शिकायत कर्ताओं की बातें ध्यान से सुनी और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियाें को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान भाजपा बहादुरगढ़ मंडल के पदाधिकारी एवं महिला मंडल की कार्यकर्ता भी पांचाल से मिलने पहुंची। महिला कार्यकर्ताओं ने फूलों का गुलदस्ता भेंट करके पांचाल का स्वागत किया। शिकायतें सुनने के उपरांत चेयरमैन पांचाल औद्योगिक क्षेत्र में रवाना हुई। वहां चेयरमैन ने फैक्ट्रियों में महिला कर्मचारियों की स्थिति, उनको दिए जाने की सुविधा और उनकी समस्याएं जानी।
मामले में निलंबन के निर्देश
सोनीपत निवासी एक लड़की की 2015 में बहादुरगढ़ में शादी हुई थी। मार्च-2017 में उसकी मौत हो गई। परिजनों द्वारा इस मामले में दहेज हत्या की शिक ायत दी गई थी। मगर इस मामले में कोई खास कार्यवाई नहीं हुई। फिर परिजनों ने आयोग में पुलिसकर्मियों द्वारा आरोपी पक्ष के बचाव करने की शिकायत दी। जांच के दौरान पाया गया कि मामले में सही कार्यवाही नहीं हुई। इस पर चेयरमैन ने मौखिक रूप से डीएसपी भगतराम को तत्कालीन एसएचओ और दो जांच अधिकारियों को निलंबन क रने के निर्देश दिए। वहीं बेरी क्षेत्र से लड़की से संबंधित छेड़छाड़ के मामले में पांचाल ने पुलिस को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। तत्कालीन एसएचओ विष्णु प्रसाद और जांच अधिकारी पवन कुमार और सुभाष बताए गए हैं।
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एचसीएस और आईजी से मांगी रिपोर्ट
वहीं, झज्जर वासी एक महिला पुलिसकर्मी ने आयोग में शिक ायत की है कि आरक्षण आंदोलन के दौरान उसकी एक चौकी में ड्यूटी लग गई थी। जब उसने चौकी इंचार्ज से छुट्टी मांगी तो उसने उसका हाथ पकड़ लिया और अश्लील शब्द कहे। इस मामले में पांचाल ने 17 मई को आईजी भारती अरोड़ा को आयोग में रिपोर्ट सौंपने का कहा है। वहीं, झज्जर स्थित नेहरू कालेज की एक एक्सटेंशन लेक्चरार ने सेक्सुअल हरासमेंट के मामले में आयोग से जांच करने की मांग की थी। इस लेक्चरर का अपने ही विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर के खिलाफ आरोप है। मामले की पूरी तह तक जाने के लिए चेयरमैन ने तत्कालीन एसडीएम प्रदीप कौशिक को 17 मई को रिपोर्ट देने का कहा।
फैक्ट्रियाें का औचक निरीक्षण
चेयरमैन कमलेश पांचाल ने फैक्ट्रियाें में महिलाओं की स्थिति जांचने के लिए दो नामी फैक्ट्रियाें का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फैक्ट्रियाें कई खामियां पाई गई। रिलेक्सो फैक्ट्री में काम करने के लिए महिलाओं के हाथों में दस्ताने नहीं थे, जिस कारण महिलाओं के हाथों में स्कि न प्राब्लम थी। उक्त फैक्ट्री चालक से लिखित में इसकी जवाब देही मांगी गई है। उधर, एक्वालाइट में भी केमिकल के कारण महिलाओं के हाथ पके हुए थे। छुट्टी व कई अन्य समस्याएं सामने आई। फैक्ट्री प्रबंधन को 17 मई को आयोग में बुलाया गया है। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और 17 मई को प्रबंधन आयोग में पेश नहीं होता है तो फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।
चेयरमैन बोली
चेयरमैन कमलेश ने कहा कि दहेज हत्या से जुड़े मामले में डीएसपी बहादुरगढ़ को मौखिक रूप से उक्त एसएचओ और दोनों जांच अधिकारियों को निलंबित करने को कह दिया गया है। इस मामले में डीजीपी हरियाणा को लेटर भेज कर तीनों को सस्पेंड कराने की सिफारिश की जाएगी। वहीं, महिला पुलिसकर्मी के साथ छेड़छाड़ मामले में आईजी भारती अरोड़ा व नेहरू कालेज सेक्सुअल हरासमेंट मामले में तत्कालीन एसडीएम प्रदीप कौशिक और शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को 17 मई को आयोग में रिपोर्ट देने को कहा गया है। पांचाल ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों और अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाएं चुप बैठें, यदि कहीं सुनवाई नहीं होती है तो आयोग में शिकायत करें।
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शिकायतें मिलने पर पहुंची
शिकायतें मिलने पर हरियाणा महिला आयोग की चेयरमैन कमलेश पांचाल शनिवार को अचानक बहादुरगढ़ पहुंची। चेयरमैन के आने की सूचना पर पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। यहां रोहतक रोड स्थित रेस्ट हाउस में डीएसपी बहादुरगढ़ भगतराम, डीएसपी बेरी राजीव कुमार, सिटी एसएचओ प्रदीप कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी रेस्ट हाउस में मौजूद रहे। इस सूचना पर कई फरियादी भी वहां पहुंचे और चेयरमैन के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। चेयरमैन पांचाल के सामने दहेज हत्या, सेक्सुअल हैरासमेंट, महिला पुलिसकर्मी से छेड़छाड़ और युवती से छेड़छाड़ के मामले प्रमुख रहे। इन मामलों में चेयरमैन ने शिकायत कर्ताओं की बातें ध्यान से सुनी और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियाें को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान भाजपा बहादुरगढ़ मंडल के पदाधिकारी एवं महिला मंडल की कार्यकर्ता भी पांचाल से मिलने पहुंची। महिला कार्यकर्ताओं ने फूलों का गुलदस्ता भेंट करके पांचाल का स्वागत किया। शिकायतें सुनने के उपरांत चेयरमैन पांचाल औद्योगिक क्षेत्र में रवाना हुई। वहां चेयरमैन ने फैक्ट्रियों में महिला कर्मचारियों की स्थिति, उनको दिए जाने की सुविधा और उनकी समस्याएं जानी।
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मामले में निलंबन के निर्देश
सोनीपत निवासी एक लड़की की 2015 में बहादुरगढ़ में शादी हुई थी। मार्च-2017 में उसकी मौत हो गई। परिजनों द्वारा इस मामले में दहेज हत्या की शिक ायत दी गई थी। मगर इस मामले में कोई खास कार्यवाई नहीं हुई। फिर परिजनों ने आयोग में पुलिसकर्मियों द्वारा आरोपी पक्ष के बचाव करने की शिकायत दी। जांच के दौरान पाया गया कि मामले में सही कार्यवाही नहीं हुई। इस पर चेयरमैन ने मौखिक रूप से डीएसपी भगतराम को तत्कालीन एसएचओ और दो जांच अधिकारियों को निलंबन क रने के निर्देश दिए। वहीं बेरी क्षेत्र से लड़की से संबंधित छेड़छाड़ के मामले में पांचाल ने पुलिस को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। तत्कालीन एसएचओ विष्णु प्रसाद और जांच अधिकारी पवन कुमार और सुभाष बताए गए हैं।
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एचसीएस और आईजी से मांगी रिपोर्ट
वहीं, झज्जर वासी एक महिला पुलिसकर्मी ने आयोग में शिक ायत की है कि आरक्षण आंदोलन के दौरान उसकी एक चौकी में ड्यूटी लग गई थी। जब उसने चौकी इंचार्ज से छुट्टी मांगी तो उसने उसका हाथ पकड़ लिया और अश्लील शब्द कहे। इस मामले में पांचाल ने 17 मई को आईजी भारती अरोड़ा को आयोग में रिपोर्ट सौंपने का कहा है। वहीं, झज्जर स्थित नेहरू कालेज की एक एक्सटेंशन लेक्चरार ने सेक्सुअल हरासमेंट के मामले में आयोग से जांच करने की मांग की थी। इस लेक्चरर का अपने ही विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर के खिलाफ आरोप है। मामले की पूरी तह तक जाने के लिए चेयरमैन ने तत्कालीन एसडीएम प्रदीप कौशिक को 17 मई को रिपोर्ट देने का कहा।
फैक्ट्रियाें का औचक निरीक्षण
चेयरमैन कमलेश पांचाल ने फैक्ट्रियाें में महिलाओं की स्थिति जांचने के लिए दो नामी फैक्ट्रियाें का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फैक्ट्रियाें कई खामियां पाई गई। रिलेक्सो फैक्ट्री में काम करने के लिए महिलाओं के हाथों में दस्ताने नहीं थे, जिस कारण महिलाओं के हाथों में स्कि न प्राब्लम थी। उक्त फैक्ट्री चालक से लिखित में इसकी जवाब देही मांगी गई है। उधर, एक्वालाइट में भी केमिकल के कारण महिलाओं के हाथ पके हुए थे। छुट्टी व कई अन्य समस्याएं सामने आई। फैक्ट्री प्रबंधन को 17 मई को आयोग में बुलाया गया है। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और 17 मई को प्रबंधन आयोग में पेश नहीं होता है तो फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।
चेयरमैन बोली
चेयरमैन कमलेश ने कहा कि दहेज हत्या से जुड़े मामले में डीएसपी बहादुरगढ़ को मौखिक रूप से उक्त एसएचओ और दोनों जांच अधिकारियों को निलंबित करने को कह दिया गया है। इस मामले में डीजीपी हरियाणा को लेटर भेज कर तीनों को सस्पेंड कराने की सिफारिश की जाएगी। वहीं, महिला पुलिसकर्मी के साथ छेड़छाड़ मामले में आईजी भारती अरोड़ा व नेहरू कालेज सेक्सुअल हरासमेंट मामले में तत्कालीन एसडीएम प्रदीप कौशिक और शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को 17 मई को आयोग में रिपोर्ट देने को कहा गया है। पांचाल ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों और अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाएं चुप बैठें, यदि कहीं सुनवाई नहीं होती है तो आयोग में शिकायत करें।