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पिता तिहाड़ जेल में बंद, नानी-मौसी ने करा दी नाबालिग की शादी
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दिल्ली की एक नाबालिग लड़की की शादी उसकी नानी और मौसी ने झज्जर जिले के एक गांव के रहने वाले 35 साल के युवक के साथ 9 फरवरी को करा दी। लड़की के साथ उसके भाई को भी भेजा गया था। इसकी जानकारी जब लड़की की दादी को मिली तो उसने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन क दिया। नाबालिग का पिता किसी मामले में तिहाड़ जेल में बंद है। उसकी मां छत्तीसगढ़ में रहती है। जब मामले का पता जिला प्रशासन को चला तो तुरंत जिला बाल संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में टीम का गठन कर युवक के गांव में भेजा गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ वे गांव में पहुंचे और नाबालिग को मुक्त कराया। फिलहाल इस मामले में अभी तक पुलिस में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
बाल कल्याण परिषद समिति की टीम के अधिवक्ता खुशविंद्र ढिल्लों, लतिका, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, नायब तहसीलदार बेरी को टीम में शामिल कर पुलिस की मदद से नाबालिग की ससुराल में जाकर उसे मुक्त कराया गया। अधिकारियों की माने तो जब उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो पाया कि दोनों ही बच्चे काफी दबाव में थे। वे वहां पर नहीं रहना चाहते थे। पुलिस की मदद से दोनों बच्चों को वहां से छुड़ाकर बहादुरगढ़ के उमंग जगन्नाथ आश्रम में भेजा गया है। समिति की तरफ से पूरे मामले की जांच की जा रही है। टीम में शामिल अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग की उम्र करीब 16 साल है।
सूचना मिलते ही बाल कल्याण परिषद की टीम पुलिस के साथ युवक के गांव पहुंची और दोनों बच्चों को मुक्त कराया। उन्हें उमंग आश्रम भेज दिया गया है। मामले की जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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खुुशविंद्र ढिल्लों, अधिवक्ता।
मामले की जानकारी मिलते ही दुजाना पुलिस टीम को साथ लेकर गांव में पहुंचे थे। सोमवार देर शाम दोनों बच्चों को मुक्त करा दिया गया था। -रमेश कुमार, नायब तहसीलदार, बेरी।
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बाल कल्याण परिषद समिति की टीम के अधिवक्ता खुशविंद्र ढिल्लों, लतिका, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, नायब तहसीलदार बेरी को टीम में शामिल कर पुलिस की मदद से नाबालिग की ससुराल में जाकर उसे मुक्त कराया गया। अधिकारियों की माने तो जब उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो पाया कि दोनों ही बच्चे काफी दबाव में थे। वे वहां पर नहीं रहना चाहते थे। पुलिस की मदद से दोनों बच्चों को वहां से छुड़ाकर बहादुरगढ़ के उमंग जगन्नाथ आश्रम में भेजा गया है। समिति की तरफ से पूरे मामले की जांच की जा रही है। टीम में शामिल अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग की उम्र करीब 16 साल है।
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सूचना मिलते ही बाल कल्याण परिषद की टीम पुलिस के साथ युवक के गांव पहुंची और दोनों बच्चों को मुक्त कराया। उन्हें उमंग आश्रम भेज दिया गया है। मामले की जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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खुुशविंद्र ढिल्लों, अधिवक्ता।
मामले की जानकारी मिलते ही दुजाना पुलिस टीम को साथ लेकर गांव में पहुंचे थे। सोमवार देर शाम दोनों बच्चों को मुक्त करा दिया गया था। -रमेश कुमार, नायब तहसीलदार, बेरी।