{"_id":"5fd3d81d8ebc3e3b9263e078","slug":"farmers-should-be-under-discipline-in-any-situation-chaudhani-bahadurgarh-news-rtk585993010","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान हर हाल में अनुशासन में रहें : चढू़नी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान हर हाल में अनुशासन में रहें : चढू़नी
विज्ञापन
शुक्रवार को टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे गुरनाम सिंह चढ़ूनी किसानों के साथ। -संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर से सटा होने की वजह से बहादुरगढ़ में शुक्रवार को आंदोलनकारियों की संख्या काफी बढ़ गई। यहां आंदोलन शुरू हुए 16 दिन होने के बावजूद किसानों के उत्साह में कोई कमी नहीं हुई। केंद्र सरकार से बातचीत विफल होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण बना हुआ है। शुक्रवार को टीकरी बॉर्डर पहुंचकर कई राज्यों के किसान और राजनीतिक नेताओं ने यहां पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने टीकरी बॉर्डर पर कमान संभाल रहे किसान नेताओं से बातचीत में कहा कि शनिवार को किसी भी टोल प्लाजा पर टोल न दें। उन्होंने पूरे आंदोलन में हर सूरत में अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी।
किसान आंदोलन की टीम से बातचीत करते हुए गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि सभी किसानों खासतौर पर युवा किसानों को अनुशासन में रखें। किसी निजी या सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं होना चाहिए। सरकार की तरफ से किसी तरह का असहयोग या अत्याचार होता है तो किसानों को सहन करना होगा, लेकिन हम कुछ गलत नहीं करेंगे। आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने में सभी सहयोग करें। अत्याचार सहन करके अगले की आत्मा को हिला डालो, ताकि वो आपकी बात मानने के लिए मजबूर हो जाए। आंदोलन की केंद्रीय कमेटी से जो काल हो उसके अनुसार चलें। किसी मोबाइल कंपनी टावर या केबल आदि को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं, कोई उपद्रव न करें।
शुक्रवार को किसान आंदोलन को कई राज्यों से आए किसान और राजनीतिक नेताओं ने समर्थन दिया महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय विधायक देवेंद्र भुयार कुछ लोगों के साथ किसान नेताओं से मिले और महाराष्ट्र से पूरे समर्थन का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि वह करीब 700 किसानों के साथ ट्रेन द्वारा आंदोलन में शामिल होने के लिए आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान आंदोलन की टीम से बातचीत करते हुए गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि सभी किसानों खासतौर पर युवा किसानों को अनुशासन में रखें। किसी निजी या सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं होना चाहिए। सरकार की तरफ से किसी तरह का असहयोग या अत्याचार होता है तो किसानों को सहन करना होगा, लेकिन हम कुछ गलत नहीं करेंगे। आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने में सभी सहयोग करें। अत्याचार सहन करके अगले की आत्मा को हिला डालो, ताकि वो आपकी बात मानने के लिए मजबूर हो जाए। आंदोलन की केंद्रीय कमेटी से जो काल हो उसके अनुसार चलें। किसी मोबाइल कंपनी टावर या केबल आदि को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं, कोई उपद्रव न करें।
विज्ञापन
शुक्रवार को किसान आंदोलन को कई राज्यों से आए किसान और राजनीतिक नेताओं ने समर्थन दिया महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय विधायक देवेंद्र भुयार कुछ लोगों के साथ किसान नेताओं से मिले और महाराष्ट्र से पूरे समर्थन का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि वह करीब 700 किसानों के साथ ट्रेन द्वारा आंदोलन में शामिल होने के लिए आए हैं।
विज्ञापन