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किसान आंदोलन: एसकेएम की टीकरी बॉर्डर कमेटी ने दी चेतावनी, कहा- मुद्दे जल्द नहीं सुलझाए तो आंदोलन के लिए तैयार रहे सरकार

Mon, 03 Jan 2022 05:12 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 03 Jan 2022 05:12 PM IST
सार

बैठक में कमेटी की अगली बैठक 3 मार्च को जींद में करने का फैसला लिया गया। भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के परगट सिंह ने कहा कि एसकेएम को मजबूत करेंगे।

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Farmers leaders of Tikri Border Committee are meeting in Bahadurgarh
बहादुरगढ़ की छोटूराम धर्मशाला में चल रही मीटिंग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

किसान आंदोलन खत्म करने के लिए सरकार से मिले आश्वासन पूरे नहीं होने से पंजाब-हरियाणा के किसान नेता नाराज हैं। उन्होंने चेताया कि तीन कृषि कानूनों की वापसी तो हो गई लेकिन एमएसपी समेत किसानों के कई महत्वपूर्ण मसले अभी बाकी हैं। सरकार ने इनको जल्द हल नहीं किया तो सरकार आंदोलन के लिए तैयार रहे।

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संयुक्त किसान मोर्चा की टीकरी बॉर्डर कमेटी की बैठक सोमवार को बहादुरगढ़ की चौधरी छोटूराम धर्मशाला में हुई। बैठक में हरियाणा-पंजाब के 50 किसान नेता शामिल हुए। इस बैठक में किसानों की समस्याओं के लिए भविष्य में भी मिलकर लडने का संकल्प व्यक्त किया गया। पंजाब से किसान नेता परगट सिंह, बलदेव सिंह व अमरीक सिंह, और हरियाणा से जोगिंदर सिंह नैन, मीत मान, रमेश सुडाना व जयकरण दलाल भी बैठक में मौजूद रहे।
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चार घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में किसानों के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। जोगिंदर सिंह नैन ने कहा कि हरियाणा सरकार ने एक-दो आपराधिक मुकदमों को छोड़ आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज बाकी सभी मुकदमों को वापस लेने की घोषणा की है।
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इसलिए उन दो मामलों को छोड़ बाकी मामलों में प्रदेश में किसी किसान को सम्मन मिलता है तो इस बारे में तुरंत उन्हें या एसकेएम की टीकरी बार्डर कमेटी को अवगत करवाएं, ताकि केस को रद्द करवाने के लिए सरकार से बात की जा सके। बहादुरगढ़ के गांव कसार के एक व्यक्ति की हत्या के मामले में सात-आठ महीने से जेल में बंद आंदोलनकारी कृष्ण व सतीश को नैन ने निर्दोष बताया और सरकार से मामले की निष्पक्ष पक्ष जांच करवाने की मांग की।

बैठक में कमेटी की अगली बैठक 3 मार्च को जींद में करने का फैसला लिया गया। भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के परगट सिंह ने कहा कि एसकेएम को मजबूत करेंगे। सरकार वादे पूरे करने से बचने की कोशिश करेगी तो सरकार को आंदोलन के लिए तैयार रहना पड़ेगा। उन्होंने एमएसपी के लिए कानून बनाने, आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के आश्रितों को सरकारी नौकरी व मुआवजा देने की मांग की।

किसान नेता बलदेव सिंह ने बताया कि किसान आंदोलन में 700 से अधिक किसान शहीद हुए हैं। उनके स्मारक पंजाब में लुधियाना-दिल्ली हाईवे के साथ चार एकड़ जमीन में और सिंघू बार्डर पर भी कई एकड़ जमीन में बनाया जाएगा। सिंघू बार्डर स्मारक में एक लाट, गुरुद्वारा, मंदिर और विशाल सराय बनाई जाएगी।


सराय बहुत विशाल होगी ताकि भविष्य आंदोलन करना पड़े तो किसान उसमें आराम से ठहर सकें। टीकरी बार्डर पर किसान स्मारक बनाने के लिए दिल्ली व केंद्र की सरकारों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने बताया कि एसकेएम दिल्ली सरकार से टीकरी बार्डर मेट्रो स्टेशन के पास खाली पड़ी दिल्ली सरकार की छह-सात एकड़ जमीन स्मारक के लिए एसकेएम को देने की मांग करेगा। इसके लिए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से भी बातचीत की जाएगी।

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