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Jhajjar-Bahadurgarh News: किसान तय दाम से 650 रुपये कम पर बाजरा बेचने को मजबूर
Sun, 17 Sep 2023 01:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 17 Sep 2023 01:58 AM IST
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झज्जर अनाज मंडी में पड़े हुए बाजरे को बारिश सें बचाने के लिए ढकते किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। शहर की अनाज मंडी में शनिवार से बाजरे की प्राइवेट खरीद शनिवार से शुरू हो गई। शनिवार को 3 से 4 किसान करीब 300 क्विंटल बाजरा मंडी में लेकर पहुंचे। किसान बाजरे की अगेती फसल ही निकाल रहे हैं। सरकारी खरीद 2500 रुपये प्रति क्विंटल होनी है, लेकिन किसानों की पहले दिन फसल 1850 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। इसके चलते किसानों को प्रति क्विंटल 650 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
अभी सरकारी खरीद 20 सितंबर से होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक यदि किसान मंडी में फसल लाकर आढ़तियों को बेचते हैं तो उनको नुकसान ही उठाना पड़ेगा। बाजरा लेकर पहुंचे किसानों ने कहा कि काफी खर्च हो गया है। बच्चों की स्कूल की फीस, ट्रैक्टर, थ्रेसिंग, खाद व बीज के अलावा घरेलू खर्चा हो जाता है। इसके चलते मजबूरीवश बाजरे को कम दाम में मंडी में बेचने के लिए आए हैं।
मार्केट कमेटी प्रबंधन ने मंडी में करवाए किसानों के लिए प्रबंध
शहर की अनाज मंडी में मार्केट कमेटी प्रबंधन ने बिजली-पानी व साफ सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करवाने के लिए एक सप्ताह से कर्मचारी लगे हुए हैं। मार्केट कमेटी के सुपरवाइजर अमरजीत ने बताया कि मंडी प्रबंधन की ओर से किसानों के लिए सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी लगे हुए हैं। गेट पास काटने के लिए मंडी के मुख्य गेट पर कर्मचारी लगा दिए गए हैं।
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मातनहेल मंडी में 60 किसान 1200 क्विंटल बाजरा लेकर पहुंचे
वही मंडी परिसर के तीनों गेटों पर सीसीटीवी कैमरे पहले से ही लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों के गेट पास कटने के बाद ही मंडी परिसर में बाजरा लेकर जाने की किसानों को अनुमति होगी। वहीं मातनहेल मंडी में करीब 60 किसान 1200 क्विंटल बाजरा लेकर पहुंचे हैं। किसानाें ने बताया कि वे प्राइवेट तौर पर बाजरा नहीं बेचेंगे। किसानों ने बताया कि सरकारी खरीद जब भी होगी, उसी समय अपने बाजरे का बेचने का काम करेंगे। मातनहेल मंडी में बाजरे खरीद को लेकर मार्केट कमेटी झज्जर की पूरी टीम पहुंच गई है।
पहले ही खरीद शुरू करवाए सरकार
आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चांद पहलवान ने बताया कि सरकार को बाजरे की खरीद पहले ही कर देनी चाहिए थी, क्योंकि बाजरा कम दाम पर बेचने से किसान को आर्थिक तौर पर नुकसान भुगत रहा है। यह किसान के साथ ज्यादती है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए सरकार को 15 सितंबर से मंडी में सरकारी खरीद शुरू करवानी चाहिए थी।
यह बोले किसान
बाजरे की फसल काे मंडी में काफी कम भाव को बेचनी पड़ रही है। क्योंकि श्रमिकों, ट्रैक्टर, थ्रेसिंग व अन्य काफी खर्च हाे जाते हैं। घर में रखने के लिए जगह नहीं है। कम दाम पर बाजरा बेचना पड़ रहा है।
जयपाल सिंह, किसान।
बाजरे को प्राइवेट तौर पर बेचने के लिए आए हैं। श्रमिकों, थ्रेसिंग वाले व अन्य लोगो को पैसे देने हैं, ताकि उनका भी काम चल सके। मौसम भी पलटी मार देता है। इसलिए बाजरे को बेचने के लिए पहुंचे हैं।
- कृष्ण कुमार, गांव कोट
करीब बीस क्विंटल बाजरा बेचने के लिए मंडी में आया हूं, क्योंकि घर पर पैसों की आवश्यकता है। मौसम भी बदल रहा है। बारिश के कारण घर पर बाजरा खराब हो जाता है। हालांकि सरकारी खरीद 20 सितंबर को होने की संभावना है।
- पवन कुमार, किसान
बाजरा खरीद को लेकर मंडी परिसर को साफ करवा दिया गया है। किसानों के लिए बिजली, पानी की व्यवस्था पूरी तरह से करवा दी गई है।
- सविता सैनी, सचिव मार्केट कमेटी झज्जर।
बाजरे की खरीद 20 सितंबर से होने की संभावना है। हैफेड की ओर से खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है।
- अनूप सिंह नैन, डीएम, हैफेड, झज्जर।
जिले की इन मंडियों में होनी है बाजरे की सरकारी खरीद
मातनहेल, झज्जर, ढाकला, बेरी, बहादुरगढ़, बादली, पाटोदा की मंडी में बाजरे की खरीद की जानी है।
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झज्जर। शहर की अनाज मंडी में शनिवार से बाजरे की प्राइवेट खरीद शनिवार से शुरू हो गई। शनिवार को 3 से 4 किसान करीब 300 क्विंटल बाजरा मंडी में लेकर पहुंचे। किसान बाजरे की अगेती फसल ही निकाल रहे हैं। सरकारी खरीद 2500 रुपये प्रति क्विंटल होनी है, लेकिन किसानों की पहले दिन फसल 1850 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। इसके चलते किसानों को प्रति क्विंटल 650 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
अभी सरकारी खरीद 20 सितंबर से होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक यदि किसान मंडी में फसल लाकर आढ़तियों को बेचते हैं तो उनको नुकसान ही उठाना पड़ेगा। बाजरा लेकर पहुंचे किसानों ने कहा कि काफी खर्च हो गया है। बच्चों की स्कूल की फीस, ट्रैक्टर, थ्रेसिंग, खाद व बीज के अलावा घरेलू खर्चा हो जाता है। इसके चलते मजबूरीवश बाजरे को कम दाम में मंडी में बेचने के लिए आए हैं।
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मार्केट कमेटी प्रबंधन ने मंडी में करवाए किसानों के लिए प्रबंध
शहर की अनाज मंडी में मार्केट कमेटी प्रबंधन ने बिजली-पानी व साफ सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करवाने के लिए एक सप्ताह से कर्मचारी लगे हुए हैं। मार्केट कमेटी के सुपरवाइजर अमरजीत ने बताया कि मंडी प्रबंधन की ओर से किसानों के लिए सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी लगे हुए हैं। गेट पास काटने के लिए मंडी के मुख्य गेट पर कर्मचारी लगा दिए गए हैं।
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मातनहेल मंडी में 60 किसान 1200 क्विंटल बाजरा लेकर पहुंचे
वही मंडी परिसर के तीनों गेटों पर सीसीटीवी कैमरे पहले से ही लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों के गेट पास कटने के बाद ही मंडी परिसर में बाजरा लेकर जाने की किसानों को अनुमति होगी। वहीं मातनहेल मंडी में करीब 60 किसान 1200 क्विंटल बाजरा लेकर पहुंचे हैं। किसानाें ने बताया कि वे प्राइवेट तौर पर बाजरा नहीं बेचेंगे। किसानों ने बताया कि सरकारी खरीद जब भी होगी, उसी समय अपने बाजरे का बेचने का काम करेंगे। मातनहेल मंडी में बाजरे खरीद को लेकर मार्केट कमेटी झज्जर की पूरी टीम पहुंच गई है।
पहले ही खरीद शुरू करवाए सरकार
आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चांद पहलवान ने बताया कि सरकार को बाजरे की खरीद पहले ही कर देनी चाहिए थी, क्योंकि बाजरा कम दाम पर बेचने से किसान को आर्थिक तौर पर नुकसान भुगत रहा है। यह किसान के साथ ज्यादती है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए सरकार को 15 सितंबर से मंडी में सरकारी खरीद शुरू करवानी चाहिए थी।
यह बोले किसान
बाजरे की फसल काे मंडी में काफी कम भाव को बेचनी पड़ रही है। क्योंकि श्रमिकों, ट्रैक्टर, थ्रेसिंग व अन्य काफी खर्च हाे जाते हैं। घर में रखने के लिए जगह नहीं है। कम दाम पर बाजरा बेचना पड़ रहा है।
जयपाल सिंह, किसान।
बाजरे को प्राइवेट तौर पर बेचने के लिए आए हैं। श्रमिकों, थ्रेसिंग वाले व अन्य लोगो को पैसे देने हैं, ताकि उनका भी काम चल सके। मौसम भी पलटी मार देता है। इसलिए बाजरे को बेचने के लिए पहुंचे हैं।
- कृष्ण कुमार, गांव कोट
करीब बीस क्विंटल बाजरा बेचने के लिए मंडी में आया हूं, क्योंकि घर पर पैसों की आवश्यकता है। मौसम भी बदल रहा है। बारिश के कारण घर पर बाजरा खराब हो जाता है। हालांकि सरकारी खरीद 20 सितंबर को होने की संभावना है।
- पवन कुमार, किसान
बाजरा खरीद को लेकर मंडी परिसर को साफ करवा दिया गया है। किसानों के लिए बिजली, पानी की व्यवस्था पूरी तरह से करवा दी गई है।
- सविता सैनी, सचिव मार्केट कमेटी झज्जर।
बाजरे की खरीद 20 सितंबर से होने की संभावना है। हैफेड की ओर से खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है।
- अनूप सिंह नैन, डीएम, हैफेड, झज्जर।
जिले की इन मंडियों में होनी है बाजरे की सरकारी खरीद
मातनहेल, झज्जर, ढाकला, बेरी, बहादुरगढ़, बादली, पाटोदा की मंडी में बाजरे की खरीद की जानी है।