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Jhajjar-Bahadurgarh News: खातों को आधार से लिंक नहीं करवा रहे किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। जल्द ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 15वीं किस्त आने वाली है, लेकिन जिले के 44 हजार 334 किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। इन किसानों ने अब तक न तो ई केवाईसी करवाई है और न ही भूमि रिकार्ड का सत्यापन करवाया है।
अधिकतर किसान अपने आधार से बैंक खातों की ई-केवासी नहीं करवाना चाहते। यदि वह ऐसा करते हैं तो उनके बैंक खातों की जानकारी सामने आ जाएगी, जिसके चलते वह ई-केवासी नहीं करवा रहे और योजना से भी बाहर हो जाएंगे जबकि विभाग ने अब योजना का लाभ लेने के लिए ई केवाईसी करवाना जरूरी कर दिया है। ऐसे में किसान ई केवाईसी नहीं करवा रहे हैं। ऐसे किसानों की संख्या जिले में सबसे ज्यादा है। इनकी संख्या 18 हजार 189 है। यही नहीं कई किसान ऐसे भी है, जो एक की जमीन पर पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा कुछ आयकर भरते हैं, वह भी लाभ ले रहे हैं। कुछ मामलों में किसानों की मौत होने पर उनके परिजन योजना का लाभ ले रहे हैं तो कुछ मामलों में बुजुर्ग किसानों के आधार सत्यापन नहीं होने के कारण इसी कारण वह ई-केवाईसी नहीं करवा रहे हैं। जिले में एक लाख 3 हजार 962 किसान पंजीकृत हैं।
सैकड़ों किसान ऐसे भी हैं, जिनके कागजात पूरे नहीं हैं या फिर उनके नाम, माता-पिता के नाम आधार कार्ड व अन्य जमीनी कागजात में अलग-अलग है। इसके अलावा कई किसानों की जमीन अब तक सत्यापन होकर परिवार पहचान पत्र पोर्टल में अपडेट नहीं हो सकी है। इस कारण भी कई किसानों को अब तक किस्त की राशि नहीं मिली है।
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जमीन किसी के नाम, योजना का लाभ ले रहे कोई और
कुछ मामलों में ऐसे भी सामने आया है, जिसमें जमीन किसी के नाम है और योजना का लाभ कोई किसान ले रहा है। कुछ किसान अपनी जमीन बेच चुके हैं और अब भी किस्त उनके नाम आ रही है। इसलिए वह अपनी भूमि सत्यापन नहीं करवा रहे हैं।
ये है जिले की स्थिति
पंजीकृत-103962
ईकेवाईसी लंबित-18189
लंबित भूमि रिकार्ड- 16891
आधार सत्यापन-9254
योग्य-59628
वर्जन
जिन किसानों ने ई-केवाईसी, भूमि या आधार सत्यापन नहीं करवाया है, वह तुरंत करवा लें। अगली किस्म उन किसानों को नहीं मिल पाएगी।-
डॉ. जितेंद्र अहलावत, कृषि उप निदेशक, झज्जर
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झज्जर। जल्द ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 15वीं किस्त आने वाली है, लेकिन जिले के 44 हजार 334 किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। इन किसानों ने अब तक न तो ई केवाईसी करवाई है और न ही भूमि रिकार्ड का सत्यापन करवाया है।
अधिकतर किसान अपने आधार से बैंक खातों की ई-केवासी नहीं करवाना चाहते। यदि वह ऐसा करते हैं तो उनके बैंक खातों की जानकारी सामने आ जाएगी, जिसके चलते वह ई-केवासी नहीं करवा रहे और योजना से भी बाहर हो जाएंगे जबकि विभाग ने अब योजना का लाभ लेने के लिए ई केवाईसी करवाना जरूरी कर दिया है। ऐसे में किसान ई केवाईसी नहीं करवा रहे हैं। ऐसे किसानों की संख्या जिले में सबसे ज्यादा है। इनकी संख्या 18 हजार 189 है। यही नहीं कई किसान ऐसे भी है, जो एक की जमीन पर पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा कुछ आयकर भरते हैं, वह भी लाभ ले रहे हैं। कुछ मामलों में किसानों की मौत होने पर उनके परिजन योजना का लाभ ले रहे हैं तो कुछ मामलों में बुजुर्ग किसानों के आधार सत्यापन नहीं होने के कारण इसी कारण वह ई-केवाईसी नहीं करवा रहे हैं। जिले में एक लाख 3 हजार 962 किसान पंजीकृत हैं।
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सैकड़ों किसान ऐसे भी हैं, जिनके कागजात पूरे नहीं हैं या फिर उनके नाम, माता-पिता के नाम आधार कार्ड व अन्य जमीनी कागजात में अलग-अलग है। इसके अलावा कई किसानों की जमीन अब तक सत्यापन होकर परिवार पहचान पत्र पोर्टल में अपडेट नहीं हो सकी है। इस कारण भी कई किसानों को अब तक किस्त की राशि नहीं मिली है।
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जमीन किसी के नाम, योजना का लाभ ले रहे कोई और
कुछ मामलों में ऐसे भी सामने आया है, जिसमें जमीन किसी के नाम है और योजना का लाभ कोई किसान ले रहा है। कुछ किसान अपनी जमीन बेच चुके हैं और अब भी किस्त उनके नाम आ रही है। इसलिए वह अपनी भूमि सत्यापन नहीं करवा रहे हैं।
ये है जिले की स्थिति
पंजीकृत-103962
ईकेवाईसी लंबित-18189
लंबित भूमि रिकार्ड- 16891
आधार सत्यापन-9254
योग्य-59628
वर्जन
जिन किसानों ने ई-केवाईसी, भूमि या आधार सत्यापन नहीं करवाया है, वह तुरंत करवा लें। अगली किस्म उन किसानों को नहीं मिल पाएगी।-
डॉ. जितेंद्र अहलावत, कृषि उप निदेशक, झज्जर