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शुक्रवार को बहादुरगढ़ में होने वाली किसान महापंचायत की तैयारियां तेज
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किसान एकता के नारे लगेती ट्रैक्टर-ट्राली में आई महिलाएं।
- फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। किसान आंदोलन को मजबूत समर्थन देने के लिए शुक्रवार 12 फरवरी को बहादुरगढ़ में किसान महापंचायत आयोजित करने के फैसले को मंगलवार को हुई दलाल-12 की पंचायत में अंतिम रूप दिया गया। पंद्रह गांवों की इस पंचायत में फैसला लेकर किसान महापंचायत की तैयारियां शुरू कर दी गई और सभी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग गांवों को जिम्मेदारियां सौंपी गई।
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को मजबूती देने के लिए दलाल खाप-84 की ओर से शुक्रवार 12 फरवरी को बहादुरगढ़ में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह समेत संयुक्त किसान मोर्चा के तमाम बड़े नेता किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे। किसान महापंचायत के आयोजन के लिए मंगलवार को दलाल खाप-84 के भंडारा स्थल पर दलाल-12 की पंचायत चौ. भूप सिंह दलाल की अध्यक्षता में हुई। इस पंचायत में दलाल-12 के बारह गांवों के अलावा कसार और खरमाण के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। खाप के प्रवक्ता कैप्टन मान सिंह दलाल ने बताया कि पंचायत में आयोजन के लिए सभी फैसलों को अंतिम रूप दिया गया। यह महापंचायत पीडीएम के सामने बाईपास के साथ विशाल मैदान में होगी। किसानों की महापंचायत के लिए 10 एकड़ जमीन को झाड़ियां आदि काटकर व्यवस्थित किया जाएगा।
महापंचायत में किसान नेताओं के लिए 100 फुट लंबा और 25 फुट चौड़ा लोहे का मजबूत मंच तैयार करवाया गया है। करीब 15 एकड़ जमीन में किसानों के ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। कैप्टन मान सिंह ने बताया कि महापंचायत में लगभग डेढ़ लाख किसानों के आने की संभावना है। इसलिए इस महापंचायत में आने वालों के वाहनों की पार्किंग, बैठने के स्थान, पीने के लिए पानी, भोजन, लाउडस्पीकर आदि साउंड सिस्टम, मंच संचालन और किसान नेताओं की आवभगत आदि के लिए अलग-अलग गांवों के किसानों की कमेटियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। डेढ़ लाख लोगों के लिए देशी घी का हलवा, पूरी और सब्जी की व्यवस्था की जाएगी। महापंचायत में सभी खापों से अधिकाधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दलाल-84 की ओर से चिट्ठी भेजी गई है।
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महिलाओं की भागीदारी
टीकरी बॉर्डर पर किसानों का धरना अब भी जारी है। दिनभर किसानों की सभा होती रही। महिलाओं की संख्या भी काफी रही। आंदोलन का नजारा अब फिर धीरे-धीरे बदल रहा है। हरियाणा के विभिन्न गांवों से महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर बॉर्डर पर पहुंच रही हैं और धरनास्थल पर मोर्चा भी संभाल रही हैं। कुछ देर किसानों की सभा में भी बैठती हैं। उधर विभिन्न संगठनों के किसान नेता अपने आंदोलन को जन आंदोलन में तब्दील करने के लिए गांव स्तर पर भी प्रचार अभियान में जुट गए हैं।
दिल्ली सीमा पर डटे किसान नेताओं ने अब किसान आंदोलन को जन आंदोलन बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है। गांव-गांव जाकर किसान लगातार लोगों से संपर्क भी कर रहे हैं और हरियाणा के विभिन्न गांवों से अनेक खाप, संगठन भी खुलकर किसानों के समर्थन में आगे आ रहे हैं। अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन के जयकरण दलाल और उनके साथियों ने मंगलवार को मांडोठी व मातन में सभाएं कर ग्रामीणों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। दलाल खाप से भूप सिंह व मान सिंह समेत अनेक लोगों ने किसानों की मदद के लिए सहयोग मांगा। किसान नेता अब मैदान में उतर कर गांवों में किसानों के बीच पहुंच रहे हैं।
आंदोलनकारी महिलाएं कहती हैं
धरना स्थल पर महिलाएं भी बढ़चढ़ कर भाग ले रही हैं। वे न केवल नारेबाजी प्रदर्शन में किसानों के साथ हैं, बल्कि उनकी लंगर सेवा में भी पूरा सहयोग कर रही हैं। सांपला से टीकरी बॉर्डर पर धरनास्थल पर पहुंची महिला सावित्री व किताबो ने कहा कि सरकार किसानों को दबाना चाहती है। लेकिन अन्नदाताओं के साथ वे कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी हैं। रोहतक के सांघी से आई कमला, सुमित्रा, मंजीत, रोशनी व सुनहरी ने कहा कि सरकार को हर हालत में तीनों कानून रद्द करने होंगे। सरकार अगर अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ेगी तो हम किसान भी अड़े रहेंगे। महिलाओं ने गीतों के माध्यम से केंद्र सरकार पर जमकर कटाक्ष भी किए। टीकरी बॉर्डर पर पंजाब के वक्ताओं का भाषण और हरियाणवीं महिलाओं के गीत यहां भीड़ भी जुटा रहे हैं।
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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को मजबूती देने के लिए दलाल खाप-84 की ओर से शुक्रवार 12 फरवरी को बहादुरगढ़ में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह समेत संयुक्त किसान मोर्चा के तमाम बड़े नेता किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे। किसान महापंचायत के आयोजन के लिए मंगलवार को दलाल खाप-84 के भंडारा स्थल पर दलाल-12 की पंचायत चौ. भूप सिंह दलाल की अध्यक्षता में हुई। इस पंचायत में दलाल-12 के बारह गांवों के अलावा कसार और खरमाण के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। खाप के प्रवक्ता कैप्टन मान सिंह दलाल ने बताया कि पंचायत में आयोजन के लिए सभी फैसलों को अंतिम रूप दिया गया। यह महापंचायत पीडीएम के सामने बाईपास के साथ विशाल मैदान में होगी। किसानों की महापंचायत के लिए 10 एकड़ जमीन को झाड़ियां आदि काटकर व्यवस्थित किया जाएगा।
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महापंचायत में किसान नेताओं के लिए 100 फुट लंबा और 25 फुट चौड़ा लोहे का मजबूत मंच तैयार करवाया गया है। करीब 15 एकड़ जमीन में किसानों के ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। कैप्टन मान सिंह ने बताया कि महापंचायत में लगभग डेढ़ लाख किसानों के आने की संभावना है। इसलिए इस महापंचायत में आने वालों के वाहनों की पार्किंग, बैठने के स्थान, पीने के लिए पानी, भोजन, लाउडस्पीकर आदि साउंड सिस्टम, मंच संचालन और किसान नेताओं की आवभगत आदि के लिए अलग-अलग गांवों के किसानों की कमेटियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। डेढ़ लाख लोगों के लिए देशी घी का हलवा, पूरी और सब्जी की व्यवस्था की जाएगी। महापंचायत में सभी खापों से अधिकाधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दलाल-84 की ओर से चिट्ठी भेजी गई है।
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महिलाओं की भागीदारी
टीकरी बॉर्डर पर किसानों का धरना अब भी जारी है। दिनभर किसानों की सभा होती रही। महिलाओं की संख्या भी काफी रही। आंदोलन का नजारा अब फिर धीरे-धीरे बदल रहा है। हरियाणा के विभिन्न गांवों से महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर बॉर्डर पर पहुंच रही हैं और धरनास्थल पर मोर्चा भी संभाल रही हैं। कुछ देर किसानों की सभा में भी बैठती हैं। उधर विभिन्न संगठनों के किसान नेता अपने आंदोलन को जन आंदोलन में तब्दील करने के लिए गांव स्तर पर भी प्रचार अभियान में जुट गए हैं।
दिल्ली सीमा पर डटे किसान नेताओं ने अब किसान आंदोलन को जन आंदोलन बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है। गांव-गांव जाकर किसान लगातार लोगों से संपर्क भी कर रहे हैं और हरियाणा के विभिन्न गांवों से अनेक खाप, संगठन भी खुलकर किसानों के समर्थन में आगे आ रहे हैं। अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन के जयकरण दलाल और उनके साथियों ने मंगलवार को मांडोठी व मातन में सभाएं कर ग्रामीणों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। दलाल खाप से भूप सिंह व मान सिंह समेत अनेक लोगों ने किसानों की मदद के लिए सहयोग मांगा। किसान नेता अब मैदान में उतर कर गांवों में किसानों के बीच पहुंच रहे हैं।
आंदोलनकारी महिलाएं कहती हैं
धरना स्थल पर महिलाएं भी बढ़चढ़ कर भाग ले रही हैं। वे न केवल नारेबाजी प्रदर्शन में किसानों के साथ हैं, बल्कि उनकी लंगर सेवा में भी पूरा सहयोग कर रही हैं। सांपला से टीकरी बॉर्डर पर धरनास्थल पर पहुंची महिला सावित्री व किताबो ने कहा कि सरकार किसानों को दबाना चाहती है। लेकिन अन्नदाताओं के साथ वे कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी हैं। रोहतक के सांघी से आई कमला, सुमित्रा, मंजीत, रोशनी व सुनहरी ने कहा कि सरकार को हर हालत में तीनों कानून रद्द करने होंगे। सरकार अगर अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ेगी तो हम किसान भी अड़े रहेंगे। महिलाओं ने गीतों के माध्यम से केंद्र सरकार पर जमकर कटाक्ष भी किए। टीकरी बॉर्डर पर पंजाब के वक्ताओं का भाषण और हरियाणवीं महिलाओं के गीत यहां भीड़ भी जुटा रहे हैं।