{"_id":"601afe6b8ebc3e74a42af649","slug":"farmer-leaders-removed-barricade-on-toll-got-it-freefarmer-leaders-removed-barricade-on-toll-got-it-free-bahadurgarh-news-rtk5937177139","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान नेताओं ने हटाए टोल पर लगे बैरिकेड, कराया फ्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान नेताओं ने हटाए टोल पर लगे बैरिकेड, कराया फ्री
विज्ञापन
केएमपी पर टोल फ्री करवाते किसान नेता।
- फोटो : Bahadurgarh
बादली। किसान संगठनों के आह्वान पर बादली में किसानों ने कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सपे्रस हाइवे को एक बार फिर से टोल फ्री करवाया। किसानों ने अपने हाथों से आर्म्स बैरिकेड्स हटाकर टोल फ्री करवाया। जबकि टोल प्रबंधक को आगामी रणनीति तक टोल नहीं वसूलने की नसीहत दी। बादली टोल पर 26 दिसंबर से टोल बंद था, लेकिन दो दिन पहले ही टोल वसूलने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
बुधवार दोपहर 2 बजे ही किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल केएमपी टोल पर पहुंचा और टोल प्रबंधक से टोल फ्री करवाने की मांग की। टोल मैनेजर की ओर से फ्री करने की बात नकारने के बाद किसानों ने आर्म्स बैरिकेड्स हटाए और वाहनों का आवागमन फ्री शुरू हो गया। किसानों और टोल मैनेजर के बीच नोंकझोंक के बाद टोल फ्री हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत करवाया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। ढांसा बॉर्डर पर किसान आंदोलन पर बैठे किसानों का प्रतिनिधिमंडल होशियार सिंह के नेतृत्व में पहुंचा और टोल मैनेजर से बातचीत के बाद उन्हें टोल वसूलने से मना किया गया। किसानों ने अपने हाथों से बैरिकेड्स को हटाया और टोल पर खड़े होकर टोल नहीं वसूलने की किसान रणनीति से टोल मैनेजर को अवगत करवाया।
टोल फ्री से प्रतिदिन 6 लाख का घाटा
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस हाइवे पर प्रतिदिन 5 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। छोटे और बड़े वाहनों से टोल नहीं वसूलने पर प्रतिदिन करीब 6 लाख रुपये का घाटा होता है जो कि 26 दिसंबर से जारी है। किसान रणनीति के तहत किसानों की ओर से टोल फ्री करवाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार दोपहर 2 बजे ही किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल केएमपी टोल पर पहुंचा और टोल प्रबंधक से टोल फ्री करवाने की मांग की। टोल मैनेजर की ओर से फ्री करने की बात नकारने के बाद किसानों ने आर्म्स बैरिकेड्स हटाए और वाहनों का आवागमन फ्री शुरू हो गया। किसानों और टोल मैनेजर के बीच नोंकझोंक के बाद टोल फ्री हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत करवाया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। ढांसा बॉर्डर पर किसान आंदोलन पर बैठे किसानों का प्रतिनिधिमंडल होशियार सिंह के नेतृत्व में पहुंचा और टोल मैनेजर से बातचीत के बाद उन्हें टोल वसूलने से मना किया गया। किसानों ने अपने हाथों से बैरिकेड्स को हटाया और टोल पर खड़े होकर टोल नहीं वसूलने की किसान रणनीति से टोल मैनेजर को अवगत करवाया।
विज्ञापन
टोल फ्री से प्रतिदिन 6 लाख का घाटा
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस हाइवे पर प्रतिदिन 5 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। छोटे और बड़े वाहनों से टोल नहीं वसूलने पर प्रतिदिन करीब 6 लाख रुपये का घाटा होता है जो कि 26 दिसंबर से जारी है। किसान रणनीति के तहत किसानों की ओर से टोल फ्री करवाया गया है।
विज्ञापन