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अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की अपील मानने को तैयार नहीं किसान नेता
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संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की अपील को गंभीरता से नहीं लिया है और साफ कहा है कि तीन कृषि कानून वापस होने और एमएसपी के लिए कानून बनने तक आंदोलन को वापस नहीं लिया जा सकता।
फिलहाल किसान आंदोलन खत्म करने और बीच का रास्ता निकालने की अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की अपील पर इस संवाददाता ने संयुक्त किसान मोर्चा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य किसान नेताओं से बातचीत की।
भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगेंद्र सिंह उग्राहा ने कहा कि मांगें पूरी होने से पहले आंदोलन को वापस नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की अपील करने के लिए ज्ञानी हरप्रीत सिंह आंदोलनकारी किसानों की महापंचायत में आएं। उन्होंने कहा, क्या कर रहे हैं वो वहां बैठकर। क्या मुंह लेकर घर जाएंगे मांगें पूरी होने से पहले आंदोलन खत्म करके हम। 200 से ज्यादा लाशें जा चुकी हैं आंदोलन से।
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हरमीत सिंह कादियां ने कहा कि पीक पर पहुंचे आंदोलन को इस तरह अपील पर खत्म नहीं किया जाएगा। यह आंदोलन किसी एक धर्म या जाति का नहीं है। हम सारे भेद भुलाकर यहां बैठे हैं। समस्त देश की जनता का आंदोलन है। कानून वापसी तक जारी रहेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता डा. दर्शन पाल ने कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आंदोलन समाप्त करने के लिए अपील की ही नहीं। उन्होंने केवल बीच का रास्ता निकालने का सुझाव दिया है।
भाकियू (चढूनी) के गुरनाम सिंह चढूनी तो जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की अपील पर टिप्पणी करने से लगातार बचते रहे।
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फिलहाल किसान आंदोलन खत्म करने और बीच का रास्ता निकालने की अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की अपील पर इस संवाददाता ने संयुक्त किसान मोर्चा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य किसान नेताओं से बातचीत की।
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भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगेंद्र सिंह उग्राहा ने कहा कि मांगें पूरी होने से पहले आंदोलन को वापस नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की अपील करने के लिए ज्ञानी हरप्रीत सिंह आंदोलनकारी किसानों की महापंचायत में आएं। उन्होंने कहा, क्या कर रहे हैं वो वहां बैठकर। क्या मुंह लेकर घर जाएंगे मांगें पूरी होने से पहले आंदोलन खत्म करके हम। 200 से ज्यादा लाशें जा चुकी हैं आंदोलन से।
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हरमीत सिंह कादियां ने कहा कि पीक पर पहुंचे आंदोलन को इस तरह अपील पर खत्म नहीं किया जाएगा। यह आंदोलन किसी एक धर्म या जाति का नहीं है। हम सारे भेद भुलाकर यहां बैठे हैं। समस्त देश की जनता का आंदोलन है। कानून वापसी तक जारी रहेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता डा. दर्शन पाल ने कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आंदोलन समाप्त करने के लिए अपील की ही नहीं। उन्होंने केवल बीच का रास्ता निकालने का सुझाव दिया है।
भाकियू (चढूनी) के गुरनाम सिंह चढूनी तो जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की अपील पर टिप्पणी करने से लगातार बचते रहे।