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Jhajjar-Bahadurgarh News: आभा आईडी बनवाने में गुरुग्राम से आगे फरीदाबाद, अब तक 13.2 लाख आईडी बनीं
Thu, 23 Apr 2026 03:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 23 Apr 2026 03:35 AM IST
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झज्जर। सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों का डिजिटल रिकाॅर्ड तैयार करने के लिए आभा आईडी तैयार की जा रही हैं। प्रदेश में आभा आईडी बनाने में फरीदाबाद जिला प्रदेश में सबसे आगे है तो चरखीदादरी सबसे पीछे हैं। जिला झज्जर की बात करें तो यह जिला अंतिम के तीसरे जिले में शामिल है।
फरीदाबाद में अब तक 13.2 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी है तो दूसरे नंबर पर गुरुग्राम हैं यहां 12.9 लाख लोगों की आईडी बनी है। 65 दिन पहले तक गुरुग्राम जिला प्रदेश में सबसे ज्यादा आईडी बनाने के मामले में पहले नंबर पर था और फरीदाबाद दूसरे नंबर पर था। तीसरे नंबर पर झज्जर में अब तक 6.3 लाख लोगों ने आईडी बनवाई है। इस आईडी के जरिये लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड अब एक जगह सुरक्षित हो सकेगा। डॉक्टर आभा आईडी को देखकर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री जान सकेंगे।
स्वास्थ्य विभाग बना रहा आभा आईडीप्रदेश में आभा आईडी बनाने का काम स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 84 लाख 77 हजार 482 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। प्रदेश में 52.61 प्रतिशत पुरुषों और 47.39 प्रतिशत महिलाओं ने आईडी बनवाई है। यह आईडी सीएचसी सेंटर के अलावा सरकारी अस्पतालों में भी बनाई जा रही हैं। आभा कार्ड सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत डिजिटल रूप से जारी स्वास्थ्य पहचान है जिसका प्रबंधन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की तरफ से किया जाता है।
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आईडी के जरिये मिलेगी पूरी जानकारी
आईडी पर क्लिक करने पर डॉक्टर को मरीज इलाज का इतिहास, ब्लड ग्रुप, बीमारी का विवरण, ली गई दवाइयां, लैब जांच रिपोर्ट, एमआरआई, अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध होंगी। आभा हेल्थ आईडी के साथ एक क्यूआर कोड भी मिलता है। किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के पास इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर मरीज का मेडिकल रिकार्ड तुरंत देखा जा सकता है।
किस जिले में कितनी आभा आईडी बनी (आंकड़ा लाख में है।)
फरीदाबाद 13.2
गुरुग्राम 12.9
करनाल 12
हिसार 12
सिरसा 10.1
सोनीपत 9.7
यमुनानगर 9.4
पानीपत 9.3
भिवानी 9.3
जींद 9.1
अंबाला 8.1
कैथल 7.7
महेंद्रगढ़ 7.7
फतेहाबाद 7.6
कुरुक्षेत्र 7.1
रेवाड़ी 6.9
मेवात 6.7
रोहतक 6.6
पलवल 6.3
झज्जर 6.3
पंचकूला 3.7
चरखीदादरी 3.1
(नोट- यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल से लिया गया है।)
सभी मरीजों की आभा आईडी बनाई जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि आने वाले मरीजों की आईडी बनाई जाएगी। यदि कोई व्यक्तिगत तौर पर भी आईडी बनवाने के लिए आता है तो उसकी भी बनाई जा रही है।
- डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन
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फरीदाबाद में अब तक 13.2 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी है तो दूसरे नंबर पर गुरुग्राम हैं यहां 12.9 लाख लोगों की आईडी बनी है। 65 दिन पहले तक गुरुग्राम जिला प्रदेश में सबसे ज्यादा आईडी बनाने के मामले में पहले नंबर पर था और फरीदाबाद दूसरे नंबर पर था। तीसरे नंबर पर झज्जर में अब तक 6.3 लाख लोगों ने आईडी बनवाई है। इस आईडी के जरिये लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड अब एक जगह सुरक्षित हो सकेगा। डॉक्टर आभा आईडी को देखकर मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री जान सकेंगे।
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स्वास्थ्य विभाग बना रहा आभा आईडीप्रदेश में आभा आईडी बनाने का काम स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 84 लाख 77 हजार 482 लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। प्रदेश में 52.61 प्रतिशत पुरुषों और 47.39 प्रतिशत महिलाओं ने आईडी बनवाई है। यह आईडी सीएचसी सेंटर के अलावा सरकारी अस्पतालों में भी बनाई जा रही हैं। आभा कार्ड सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत डिजिटल रूप से जारी स्वास्थ्य पहचान है जिसका प्रबंधन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की तरफ से किया जाता है।
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आईडी पर क्लिक करने पर डॉक्टर को मरीज इलाज का इतिहास, ब्लड ग्रुप, बीमारी का विवरण, ली गई दवाइयां, लैब जांच रिपोर्ट, एमआरआई, अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध होंगी। आभा हेल्थ आईडी के साथ एक क्यूआर कोड भी मिलता है। किसी भी अस्पताल या डॉक्टर के पास इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर मरीज का मेडिकल रिकार्ड तुरंत देखा जा सकता है।
किस जिले में कितनी आभा आईडी बनी (आंकड़ा लाख में है।)
फरीदाबाद 13.2
गुरुग्राम 12.9
करनाल 12
हिसार 12
सिरसा 10.1
सोनीपत 9.7
यमुनानगर 9.4
पानीपत 9.3
भिवानी 9.3
जींद 9.1
अंबाला 8.1
कैथल 7.7
महेंद्रगढ़ 7.7
फतेहाबाद 7.6
कुरुक्षेत्र 7.1
रेवाड़ी 6.9
मेवात 6.7
रोहतक 6.6
पलवल 6.3
झज्जर 6.3
पंचकूला 3.7
चरखीदादरी 3.1
(नोट- यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल से लिया गया है।)
सभी मरीजों की आभा आईडी बनाई जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि आने वाले मरीजों की आईडी बनाई जाएगी। यदि कोई व्यक्तिगत तौर पर भी आईडी बनवाने के लिए आता है तो उसकी भी बनाई जा रही है।
- डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन