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Jhajjar-Bahadurgarh News: बाबा प्रसाद गिरी मंदिर में दुल्हेंडी पर करीब 300 वर्षों से चढ़ाए जा रहे पंखे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 02:27 AM IST
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Fans have been offered at Baba Prasad Giri Temple on Dussehra for nearly 300 years.
24jjrp21- झज्जर। बाबा प्रसाद गिरी महाराज की समा​धि। संवाद
झज्जर। बाबा प्रसाद गिरी मंदिर में पिछले करीब 300 वर्षों से पंखे चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। पहले यहां पर हाथ से बने पंखे चढ़ाए जाते थे। वहीं आज के समय में कूलर व एसी भी चढाएं जाते हैं। मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु दूर-दूर श्रद्धा अनुसार पंखे चढ़ाने के लिए आते हैं।
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करीब 300 वर्ष पहले सोमवार के दिन दुल्हेंडी पर बाबा प्रसाद गिरी महाराज ने यहां पर जीवित समाधि ली थी। वहीं इसके बाद सोमवार के दिन यहां पर श्रद्धालु अपनी मनोकामना मांगने के लिए आते हैं। मौजूदा समय में बाबा प्रसाद गिरी मंदिर के महंत परमानंद गिरी महाराज की अध्यक्षता में यहां पर पंखे चढ़ाए जाते हैं।
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यह है जीवित समाधि की कहानी
महंत परमानंद गिरि महाराज ने बताया कि करीब 300 वर्ष पहले इस मंदिर में बिमला नाम की एक सेविका प्रतिदिन मंदिर में सेवा करने के लिए आती थीं। इससे उनका मन सेवा में लगा रहता था। इनके पति फौज में नौकरी करते थे। एक दिन पति छुट्टी आए तो पड़ोसियों ने उनके सामने पत्नी व बाबा प्रसाद गिरी महाराज की चुगली की। इस दौरान पति की मौत हो गई। इसका इलाज बिमला पर लगा। वह सारी बात महाराज को बताती हैं। महाराज उनको अपने पति की शव यात्रा को मंदिर के आगे से लेकर जाने के लिए कहते हैं। जब परिवार वाले शव यात्रा को मंदिर के आगे से लेकर जाते हैं तो महाराज शव के ऊपर जल के छिड़काव व अपने चिमटे से उनको जीवित कर देते हैं और अपने बचे हुए प्राण उसके अंदर डाल देते हैं। वहीं इस दौरान धरती फटती है और बाबा प्रसाद गिरी महाराज उसमें समा जाते हैं। जिस दिन महाराज ने समाधि ली, उस दिन दुल्हेंडी का भी पर्व था।
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संत सम्मेलन व भंड़ारे का होता है आयोजन
होली पर्व के अवसर पर पिछले 53 वर्षों से यहां पर संत सम्मेलन व भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। बाबा प्रसाद गिरी मंदिर के महंत परमानंद गिरी महाराज के गुरु ब्रह्मलीन श्री महंत धर्मराज गिरी महाराज निष्काम ने इस परंपरा को शुरू किया था। शहर भर में प्रभात फेरी निकाली जाती है। दुल्हेंडी के दिन ही मंदिर के बाहर मेला भी लगाया जाता है। इससे अगले दिन सुबह हवन यज्ञ किया जाता है और दो दिनों तक सत्संग का आयोजन होता है। वहीं दो दिनों के सत्संग के बाद यहां पर विशाल समष्टि भंडारा लगाया जाता है।


आज से शुरू होगी प्रभात फेरी
मृत्युंजय गिरि महाराज ने बताया कि शहर के सिद्ध समाधि श्री बाबा प्रसाद गिरी मंदिर से बुधवार को सुबह पांच बजे प्रभात फेरी शुरू की जाएगी। इसके बाद यह प्रभात फेरी दिल्ली गेट से शुरू होकर सिलानी गेट, यादव धर्मशाला, आंबेडकर चौक, बेरी गेट, सीताराम गेट से होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। तीन मार्च तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी। तीन से सात मार्च तक संत सम्मेलन रहेगा। संत सम्मेलन के अंतिम दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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