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कर्ज उतारने की खतिर मांगी गई थी दवा विक्रेता से 20 लाख की रंगदारी, चार आरोपी गिरफ्तार
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आरोपियों के साथ पुलिस टीम।
- फोटो : Jhjhar
झज्जर। शहर के सिलानी गेट क्षेत्र के एक थोक दवा विक्रेता से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगनेे व जान से मारने की धमकी देने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपी डी फार्मेसी के छात्र हैं। मामले को लेकर वीरवार को पुलिस की ओर से अपराध जांच शाखा झज्जर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। डीआईजी अशोक कुमार बताया कि 4 अगस्त को आरोपियों ने योजना बनाकर रंगदारी मांगने और न देने पर जान से मारने की धमकी देने की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की ओर से उपरोक्त वारदात के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान विक्रम पुत्र जयप्रकाश निवासी गांव खेड़ी जट्ट, नीरज पुत्र बिजेंद्र निवासी गांव खुंगाई, चिराग पुत्र जयप्रकाश निवासी सीताराम गेट झज्जर और संजय पुत्र प्रेम सिंह निवासी गांव पेगा जिला जींद के तौर पर की गई।
तीन आरोपी डी फार्मेसी कोर्स के छात्र
डीआईजी अशोक कुमार ने बताया कि उपरोक्त वारदात को पूरी योजना बनाकर अंजाम दिया गया था। वारदात के षड्यंत्र में शामिल तीन आरोपी झज्जर में स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में डी फार्मेसी कोर्स के प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। वारदात का पकड़ा गया चौथा आरोपी दिल्ली में स्थित एक प्लेसमेंट ऑफिस में कार्यरत है। चारों आरोपियों को सीआईए झज्जर और थाना शहर झज्जर की संयुक्त टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने प्राथमिक पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का पटाक्षेप कर दिया।
कर्ज उतारने के लिए बनाई योजना
आरोपी नीरज ने अपने ढाई लाख रुपये के कर्ज उतारने के लिए रंगदारी मांगने की योजना बनाई। योजना में चिराग को भी शामिल किया गया। इस कार्य में चिराग ने उनकी मदद की। वह भी झज्जर में स्थित एक मेडिकल स्टोर पर कार्यरत है। उसने दवा विक्रेता के संबंध में पूर्ण जानकारी अपने दोनों साथियों को दी। योजना को अंजाम देने के लिए दिल्ली में कार्यरत संजय की भी मदद ली गई। संजय ने फर्जी आईडी पर एक्टिवेट किया गया सिम कार्ड उपलब्ध करवाया। विक्रम की अक्षय से दोस्ती थी। इसलिए उसने रंगदारी मांगने व धमकी देने में खुद को अक्षय बतलाया था। गौरतलब है कि झज्जर शहर निवासी एक दवा विक्रेता दुकानदार मुकेश कुमार ने शिकायत देते हुए पुलिस को बताया था कि जान से मारने की धमकी देते हुए उससे 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। राशि ना देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पीड़ित शिकायतकर्ता ने बताया कि 4 अगस्त को उसके फोन पर कॉल करके रुपयों की मांग की गई थी। फिरौती मांगने और जान से मारने मारने की धमकी देने की शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए थाना शहर झज्जर में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया।
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डीएसपी के नेतृत्व में किया कमेटी का गठन
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीएसपी झज्जर राहुल देव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। दोषियों का जल्द पता लगाने के लिए साइबर सैल की भी मदद ली गई। फिरौती मांगने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल सिम कार्ड को एक्टिवेट करने के दो आरोपियों को स्थानीय पुलिस की ओर से पहले ही काबू किया जा चुका है। पुलिस ने चारों आरोपियों की मेडिकल जांच भी करवाई।
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तीन आरोपी डी फार्मेसी कोर्स के छात्र
डीआईजी अशोक कुमार ने बताया कि उपरोक्त वारदात को पूरी योजना बनाकर अंजाम दिया गया था। वारदात के षड्यंत्र में शामिल तीन आरोपी झज्जर में स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में डी फार्मेसी कोर्स के प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। वारदात का पकड़ा गया चौथा आरोपी दिल्ली में स्थित एक प्लेसमेंट ऑफिस में कार्यरत है। चारों आरोपियों को सीआईए झज्जर और थाना शहर झज्जर की संयुक्त टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने प्राथमिक पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का पटाक्षेप कर दिया।
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कर्ज उतारने के लिए बनाई योजना
आरोपी नीरज ने अपने ढाई लाख रुपये के कर्ज उतारने के लिए रंगदारी मांगने की योजना बनाई। योजना में चिराग को भी शामिल किया गया। इस कार्य में चिराग ने उनकी मदद की। वह भी झज्जर में स्थित एक मेडिकल स्टोर पर कार्यरत है। उसने दवा विक्रेता के संबंध में पूर्ण जानकारी अपने दोनों साथियों को दी। योजना को अंजाम देने के लिए दिल्ली में कार्यरत संजय की भी मदद ली गई। संजय ने फर्जी आईडी पर एक्टिवेट किया गया सिम कार्ड उपलब्ध करवाया। विक्रम की अक्षय से दोस्ती थी। इसलिए उसने रंगदारी मांगने व धमकी देने में खुद को अक्षय बतलाया था। गौरतलब है कि झज्जर शहर निवासी एक दवा विक्रेता दुकानदार मुकेश कुमार ने शिकायत देते हुए पुलिस को बताया था कि जान से मारने की धमकी देते हुए उससे 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। राशि ना देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पीड़ित शिकायतकर्ता ने बताया कि 4 अगस्त को उसके फोन पर कॉल करके रुपयों की मांग की गई थी। फिरौती मांगने और जान से मारने मारने की धमकी देने की शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए थाना शहर झज्जर में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया।
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डीएसपी के नेतृत्व में किया कमेटी का गठन
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीएसपी झज्जर राहुल देव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। दोषियों का जल्द पता लगाने के लिए साइबर सैल की भी मदद ली गई। फिरौती मांगने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल सिम कार्ड को एक्टिवेट करने के दो आरोपियों को स्थानीय पुलिस की ओर से पहले ही काबू किया जा चुका है। पुलिस ने चारों आरोपियों की मेडिकल जांच भी करवाई।