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Jhajjar-Bahadurgarh News: सैंपल लेने के 45 दिन बाद भी सैंपलिंग जांच के लिए नहीं पहुंची संबंधित फर्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 12:18 AM IST
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Even 45 days after the samples were taken, the relevant firm had not yet sent the samples for testing.
फोटो नंबर 71: नवनिर्मित विद्यालय भवन में सैंपलिंग कार्य करते एसडीएम और अधिकारी (स्रोत संवाद)
बादली। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का भवन भले ही संबंधित फर्म की ओर से शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिया गया है। अभी भी निर्माण में लगाई गई घटिया सामग्री और अनियमितता पर संबंधित फर्म पर जांच और कार्रवाई की तलवार अटकी हुई है।
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संबंधित फार्म की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों को जांच में सहयोग नहीं करने की बात सामने आई है। जिसे लेकर अब उपमंडल अधिकारी ने उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए फर्म और शिक्षा विभाग को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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गौरतलब है कि 4 दिसंबर को उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) डॉ. रमन गुप्ता ने नए भवन की दीवारों से सैंपल लिए थे। सैंपल के बाद नियम अनुसार संबंधित फर्म को सैंपलिंग जांच में सहयोग करना था लेकिन अभी तक फर्म की तरफ से प्रशासनिक स्तर पर कोई सहयोग नहीं किया गया है। बार-बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी अपना पक्ष नहीं रखा गया है।
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एसडीएम ने बताया की सैंपलिंग जांच में शिक्षा विभाग और संबंधित फर्म सहयोग नहीं कर रही है जिसके चलते सैंपल पिछले 45 दिनों से रखे हुए हैं। फर्म ठेकेदार सतीश कुमार की ओर से न तो फीस जमा करवाई गई है और ना ही जवाब दिया जा रहा है। भवन में जगह-जगह आई दरारें, टूटा फर्श और टपकती छत से निर्माण सामग्री पर सवालिया निशान लगे हैं।


क्या है नियम
नियम के अनुसार सैंपल लिए जाने के बाद निर्माण कार्य करने वाली फर्म को सैंपल जांच में सहयोग करना होता है जिसमें सैंपलिंग के दौरान लगने वाली फीस और खर्च भी संबंधित फर्म को ही वहन करना होता है। प्रति सैंपलिंग जांच में 40 हजार से एक लाख रुपए तक फीस होती है जिसका भुगतान संबंधित फर्म ही करती है।

सीएम फ्लाइंग जांच में फर्म को लग चुका है जुर्माना
स्कूल भवन में लगाई गई निर्माण सामग्री की जांच सीएम फ्लाइंग भी कर चुकी है। पिछले वर्ष अप्रैल माह में सीएम ने सेंपलिंग लेने के बाद जांच करवाई थी जिसकी प्लास्टर संबंधी सैंपलिंग में खामियां मिलने के बाद 1 लाख 40 हजार रुपए फर्म पर जुर्माना लगाया गया। जुर्माना की राशि शिक्षा विभाग ने फर्म के बजट से वसूल की।

साढे 4 करोड़ की लागत से बना है स्कूल भवन
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का नया भवन साढे चार करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है। पिछले वर्ष ही इसे शिक्षा विभाग को हैंडओवर किया गया। भवन निर्माण के दौरान घटिया सामग्री लगाने और पिलर सहित फर्श और छत को सही तरीके से नहीं बनाने का मामला उजागर हुआ। बार-बार शिकायतों के बाद प्रसारण स्तर पर कार्रवाई की गई।


वर्जन
सैंपल लेने के बाद जांच में खर्च होने वाली फीस के लिए डिपार्टमेंट को मंजूरी के लिए लेटर भेजा गया है। सतीश कुमार कॉन्ट्रेक्टर नामक फर्म ने निर्माण कार्य किया था लेकिन अब फर्म ने सैंपलिंग की फीस देने से मना कर दिया है। अब मंजूरी मिलने के बाद ही सैंपलिंग की जांच करवाई जाएगी।

-विकास शर्मा, एसडीओ सर्व शिक्षा विभाग।

फोटो नंबर 71: नवनिर्मित विद्यालय भवन में सैंपलिंग कार्य करते एसडीएम और अधिकारी (स्रोत संवाद)
फोटो नंबर 72: नवनिर्मित बादली का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भवन (स्रोत संवाद)

फोटो नंबर 71: नवनिर्मित विद्यालय भवन में सैंपलिंग कार्य करते एसडीएम और अधिकारी (स्रोत संवाद)

फोटो नंबर 71: नवनिर्मित विद्यालय भवन में सैंपलिंग कार्य करते एसडीएम और अधिकारी (स्रोत संवाद)

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