{"_id":"58f124b24f1c1ba368cf9f92","slug":"electricity-falling-on-the-expectations-of-farmers-armaan-jhajjar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की उम्मीदों पर गिर रही ‘बिजली’, जल रहे अरमान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की उम्मीदों पर गिर रही ‘बिजली’, जल रहे अरमान
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Sat, 15 Apr 2017 01:06 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
फसल कटाई और कढ़ाई सीजन वर्तमान में जोरों पर चल रहा है। पिछले दस दिनों में गेहूं की करीब 550 एकड़ फसल जलकर खाक हो चुकी है। इन आगजनी की घटनाओं में अब तक का जो प्रमुख कारण सामने आया है, वो खेतों से गुजर रही बिजली लाइनों में शार्ट-सर्किट का होना। ढीले तारों की वजह से लाइनों में स्पार्किंग हो रही है और इससे निकली चिंगारी पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल को खाक में बदल रही है। इससे किसानों की पूरे साल की मेहनत धुआं हो रही है। बिजली निगम की बड़ी लापरवाही से किसानों का लाखों में नुकसान हो रहा है लेकिन निगम इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। पिछले 15 दिन में शायद ही ऐसा कोई दिन गया है, जिसमें बिजली के तारों से कोई चिंगारी गिरकर किसान की फसल ना जली हो। एक तो बिजली विभाग की लापरवाही ऊपर से दमकल विभाग का भी पूरा सहयोग नहीं मिलना किसानों पर भारी पड़ रहा है। दमकल की गाड़ी सूचना मिलने पर भी नहीं पहुंचती और अगर पहुंचती है तो तब तक सारी फसल स्वाह हो चूकी होती है।
केस नंबर 1
शुक्रवार को बेरी-गोच्छी मार्ग पर नहर के पास बिजली के तारों में शार्ट-सर्किट होने से किसानों की गेहूं की फसल और फांस जलकर स्वाहा हो गए। खेतों में आग लगाने की सूचना तुरंत किसानों ने दमकल विभाग के दस्ते को दी। सूचना मिलने के डेढ़ घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके तब तक किसानों की फसल जलकर राख हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गाड़ी आई तब तक फसल जलकर स्वाहा हो चुकी थी। खेतों में आग लगाने से किसान जसबीर की 1 एकड़ गेहूं की फसल और डेढ़ एकड़ फांस जलकर राख हो गई। मनबीर की तीन एकड़ फांस जलकर राख हो गई। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार को खेतों से गुजर रही बिजली की तारों में सप्लाई चालू थी और तारों में शर्ट-सर्किट होने लगा और फसलों पर चिंगारी जा गिरी और फसलों में आग लग गई। खेतों में आगजनी की घटना होने के बाद किसान बेरी बिजली निगम कार्यालय पहुंचे और दिन में बिजली की सप्लाई न चालू करने को लेकर निगम के कर्मचारियों को खुब-खरी-खोटी सुनाई।
केस नंबर 2
वजीरपुर गांव के खेतों में दो किसानों की फसलें और ट्रैक्टर-ट्राली बिजली तारों में हुई स्पार्किंग की भेंट चढ़ गए। किसान संजीत की दो एकड़, किसान विशंभर की दो एकड़ गेहूं की फसल और किसान सुरेंद्र के दो ट्राली, एक रैपर और एक ट्रैक्टर आग में जल गए। किसानों का कहना था कि ढीले तारों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं लेकिन बिजली निगम का इस और कोई ध्यान नहीं है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और ढीले तोर को टाइट किए जाने चाहिए।
विज्ञापन
केस नंबर 3
डाबौदा गांव के एक किसान की पट्टे पर लेकर बोई गई सात बीघा फसल में आग लग गई। आग लगने का कारण बिजली के तारों में शार्ट-सर्किट होना है। खेत पर बिजली लाइन गुजर रही थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। वहीं जरदकपुर के किसान दलीप के भी एक एकड़ गेंहू शार्ट सर्किट की भेंट चढ़ गए।
वर्जन
बिजली निगम ने मार्च माह से ही ढीले तारों को टाइट करने का अभियान शुरू कर दिया था, जो कि मई माह तक जारी रहेगा। अगर किसी भी जगह लाइन ढीली है तो वे इस समय में उसे दुरुस्त कर लेंगे। पूरी जांच के बाद ही बता पाएंगे कि शॉर्ट-सर्किट से अब तक कितना नुकसान हुआ है।
एसके चावला, एसई, झज्जर।
केस नंबर 1
शुक्रवार को बेरी-गोच्छी मार्ग पर नहर के पास बिजली के तारों में शार्ट-सर्किट होने से किसानों की गेहूं की फसल और फांस जलकर स्वाहा हो गए। खेतों में आग लगाने की सूचना तुरंत किसानों ने दमकल विभाग के दस्ते को दी। सूचना मिलने के डेढ़ घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके तब तक किसानों की फसल जलकर राख हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गाड़ी आई तब तक फसल जलकर स्वाहा हो चुकी थी। खेतों में आग लगाने से किसान जसबीर की 1 एकड़ गेहूं की फसल और डेढ़ एकड़ फांस जलकर राख हो गई। मनबीर की तीन एकड़ फांस जलकर राख हो गई। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार को खेतों से गुजर रही बिजली की तारों में सप्लाई चालू थी और तारों में शर्ट-सर्किट होने लगा और फसलों पर चिंगारी जा गिरी और फसलों में आग लग गई। खेतों में आगजनी की घटना होने के बाद किसान बेरी बिजली निगम कार्यालय पहुंचे और दिन में बिजली की सप्लाई न चालू करने को लेकर निगम के कर्मचारियों को खुब-खरी-खोटी सुनाई।
विज्ञापन
केस नंबर 2
वजीरपुर गांव के खेतों में दो किसानों की फसलें और ट्रैक्टर-ट्राली बिजली तारों में हुई स्पार्किंग की भेंट चढ़ गए। किसान संजीत की दो एकड़, किसान विशंभर की दो एकड़ गेहूं की फसल और किसान सुरेंद्र के दो ट्राली, एक रैपर और एक ट्रैक्टर आग में जल गए। किसानों का कहना था कि ढीले तारों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं लेकिन बिजली निगम का इस और कोई ध्यान नहीं है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और ढीले तोर को टाइट किए जाने चाहिए।
विज्ञापन
केस नंबर 3
डाबौदा गांव के एक किसान की पट्टे पर लेकर बोई गई सात बीघा फसल में आग लग गई। आग लगने का कारण बिजली के तारों में शार्ट-सर्किट होना है। खेत पर बिजली लाइन गुजर रही थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। वहीं जरदकपुर के किसान दलीप के भी एक एकड़ गेंहू शार्ट सर्किट की भेंट चढ़ गए।
वर्जन
बिजली निगम ने मार्च माह से ही ढीले तारों को टाइट करने का अभियान शुरू कर दिया था, जो कि मई माह तक जारी रहेगा। अगर किसी भी जगह लाइन ढीली है तो वे इस समय में उसे दुरुस्त कर लेंगे। पूरी जांच के बाद ही बता पाएंगे कि शॉर्ट-सर्किट से अब तक कितना नुकसान हुआ है।
एसके चावला, एसई, झज्जर।