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Jhajjar-Bahadurgarh News: प्रदूषण स्तर खराब हुआ तो दिल्ली जाएंगे इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 इंजन वाले वाहन
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बहादुरगढ़। सर्दियों में प्रदूषण को कम रखने के लिए सीएक्यूएम (कमिशन फॉर एयरक्वालिटी एंड मैनेजमेंट) ने ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) को 1 अक्टूबर से संशोधित करने का फैसला किया है। दिल्ली-एनसीआर में 1 अक्टूबर से कई तरह के बदलाव किए जाएंगे। इससे पहले जुलाई 2022 में इसे पूरी तरह संशोधित किया गया था। प्रदूषण अधिक खराब स्तर पर पहुंचने पर नए नियम के अनुसार दिल्ली में इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 इंजन के वाहन ही चल पाएंगे। अन्य वाहनों को दिल्ली में इंट्री नहीं दी जाएगी। बहादुरगढ क्षेत्र भी इससे प्रभावित होगा।
सीएक्यूएम के अनुसार गै्रप को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह बदलाव किए गए हैं। इससे सर्दियों के दौरान प्रदूषण को कम रखने में मदद मिलेगी। संशोधित करने से पहले सीएक्यूएम ने डाटा, स्टोक होल्टरों और एक्सपर्ट से भी सुझाव लिए थे। सर्दियों के दौरान सबसे अधिक बदलाव गंभीर और इमरजेंसी स्तर के प्रदूषण के दौरान उठाए जाने वाले कदमों में किए गए हैं। सीएक्यूएम के अनुसार सर्दियां शुरू होने से पहले ही इन बदलावों की जानकारियां दिल्ली-एनसीआर को भी दे दी गई है। ताकि अभी से वह इन कदमों को उठाने की तैयारियां कर लें। इस भी गै्रप को आईएमडी और आईआईटीएम के प्रदूषण पूर्वानुमान के आधार पर ही लागू किया जाएगा। दिल्ली के अलावा इस बार एनसीआर में भी ग्रेप के दौरान कई पाबंदियां दिखाई देंगी।
नई व्यवस्था के अनुसार प्रदूषण जैसे ही बेहद खराब स्तर पर पहुंचेगा दिल्ली व इससे सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल की गाड़ियों को चलने से रोक दिया जाएगा। पिछले ग्रेप में एनसीआर में यह लागू नहीं हो पाया था। प्रदूषण इमरजेंसी स्तर पर पहुंचते ही दिल्ली में सिर्फ वही गाड़ियां आ सकेंगी जो इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 होंगी। जरूरी सामान या जरूरी सर्विस से जुड़ी गाड़ियों को छूट रहेगी। पहले यह नियम सिर्फ डीजल ट्रकों पर था। इस बार दिल्ली एनसआर में सर्दियों में एलपीजी, नेचुरल गैस, बायो गैस, प्रोपेन और ब्यूटेन से चलने वाले जनरेटर पर रोक नहीं रहेगी। डीजल से चलने वाले हर तरह के जनरेटरों पर रोक रहेगी।
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सीएक्यूएम के अनुसार गै्रप को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह बदलाव किए गए हैं। इससे सर्दियों के दौरान प्रदूषण को कम रखने में मदद मिलेगी। संशोधित करने से पहले सीएक्यूएम ने डाटा, स्टोक होल्टरों और एक्सपर्ट से भी सुझाव लिए थे। सर्दियों के दौरान सबसे अधिक बदलाव गंभीर और इमरजेंसी स्तर के प्रदूषण के दौरान उठाए जाने वाले कदमों में किए गए हैं। सीएक्यूएम के अनुसार सर्दियां शुरू होने से पहले ही इन बदलावों की जानकारियां दिल्ली-एनसीआर को भी दे दी गई है। ताकि अभी से वह इन कदमों को उठाने की तैयारियां कर लें। इस भी गै्रप को आईएमडी और आईआईटीएम के प्रदूषण पूर्वानुमान के आधार पर ही लागू किया जाएगा। दिल्ली के अलावा इस बार एनसीआर में भी ग्रेप के दौरान कई पाबंदियां दिखाई देंगी।
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नई व्यवस्था के अनुसार प्रदूषण जैसे ही बेहद खराब स्तर पर पहुंचेगा दिल्ली व इससे सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल की गाड़ियों को चलने से रोक दिया जाएगा। पिछले ग्रेप में एनसीआर में यह लागू नहीं हो पाया था। प्रदूषण इमरजेंसी स्तर पर पहुंचते ही दिल्ली में सिर्फ वही गाड़ियां आ सकेंगी जो इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 होंगी। जरूरी सामान या जरूरी सर्विस से जुड़ी गाड़ियों को छूट रहेगी। पहले यह नियम सिर्फ डीजल ट्रकों पर था। इस बार दिल्ली एनसआर में सर्दियों में एलपीजी, नेचुरल गैस, बायो गैस, प्रोपेन और ब्यूटेन से चलने वाले जनरेटर पर रोक नहीं रहेगी। डीजल से चलने वाले हर तरह के जनरेटरों पर रोक रहेगी।
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