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अर्थ व्यवस्था को जोड़ेंगे गो-उत्पादों से : धनखड़
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर
Updated Fri, 15 Jan 2016 01:10 AM IST
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गो-उत्पादों को अर्थ व्यवस्था के साथ जोड़ना होगा। प्रदेश सरकार ने कुरुक्षेत्र के वीटा प्लांट को गो उत्पादों के लिए समर्पित किया है। आप सभी गो भक्त यह संकल्प लें कि अपने घरों में एक गाय जरूर रखेंगे। यह बात प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने आर्यव्रत गो शाला मांडोठी में बतौर मुख्यतिथि शिरकत करते हुए कहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने गो सुरक्षा एवं गो संवर्धन एक्ट पारित कर लागू कर दिया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि गो शालाओं के बाहर गो उत्पाद बिक्री केंद्र स्थापित होने चाहिए। गो शाला में पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ। कृषि मंत्री ने संक्रांत पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गो माता का सम्मान बढ़ाने के लिए गो शाला बिक्री केंद्रों से मिलने वाले दूध, दही, घी आदि गुणवत्ता के हिसाब से शुद्ध व प्रमाणिक होंगे, इससे गो उत्पाद के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि घर में गो माता और बुजुर्ग का सम्मान हमारी समृद्ध परंपरा का प्रतीक रही है।
129 करोड़ की लागत से बाढ़ व जल भराव से मिलेगी निजात
धनखड़ ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण उपायों को लेकर होने वाली वार्षिक बैठक इस वर्ष जनवरी माह में की गई है। विगत में यह बैठक मई महीने तक नहीं हो पाती थी, जिससे बाढ़ नियंत्रण उपाय ठीक ढ़ंग से पूरे नहीं हो पाते थे। बैठक में बाढ़ नियंत्रण की चालू तथा नई योजनाओं को सुदृढ़ तरीके से पूरा करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है।
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यह कमेटी सभी जिलों में चल रही व नई मंजूर की गई योजनाओं के क्रियान्यवन पर निरंतर निगरानी रखेगी। बाढ़ उपायों के लिए 129 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होने वाली 107 नई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। जो जुलाई से पहले पूरी कर ली जाएगी। वहीं चालू 140 योजनाओं के लिए 256 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं। सभी योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित जिला उपायुक्तों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
किसानों के लिए नव वर्ष का तोहफा
कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई फसल बीमा योजना को किसानों के लिए नव वर्ष का तोहफा दिया है। किसानों को अपनी फसल खराबे के लिए मुआवजे का इंतजार व भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। फसल बीमा योजना खरीफ की बिजाई के साथ शुरू हो जाएगी। फसल कटने के 14 दिन बाद भी इस योजना के तहत किसानों के नुकसान की भरपाई का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर गोशाला प्रधान, प्रबंधन समिति सदस्य, अनूप अहलावत, राजपाल शर्मा, रविभान राठी, भूप सिंह दलाल,राकेश कोच, रमेश छिल्लर, विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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कृषि मंत्री ने कहा कि गो शालाओं के बाहर गो उत्पाद बिक्री केंद्र स्थापित होने चाहिए। गो शाला में पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ। कृषि मंत्री ने संक्रांत पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गो माता का सम्मान बढ़ाने के लिए गो शाला बिक्री केंद्रों से मिलने वाले दूध, दही, घी आदि गुणवत्ता के हिसाब से शुद्ध व प्रमाणिक होंगे, इससे गो उत्पाद के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि घर में गो माता और बुजुर्ग का सम्मान हमारी समृद्ध परंपरा का प्रतीक रही है।
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129 करोड़ की लागत से बाढ़ व जल भराव से मिलेगी निजात
धनखड़ ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण उपायों को लेकर होने वाली वार्षिक बैठक इस वर्ष जनवरी माह में की गई है। विगत में यह बैठक मई महीने तक नहीं हो पाती थी, जिससे बाढ़ नियंत्रण उपाय ठीक ढ़ंग से पूरे नहीं हो पाते थे। बैठक में बाढ़ नियंत्रण की चालू तथा नई योजनाओं को सुदृढ़ तरीके से पूरा करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है।
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यह कमेटी सभी जिलों में चल रही व नई मंजूर की गई योजनाओं के क्रियान्यवन पर निरंतर निगरानी रखेगी। बाढ़ उपायों के लिए 129 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होने वाली 107 नई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। जो जुलाई से पहले पूरी कर ली जाएगी। वहीं चालू 140 योजनाओं के लिए 256 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं। सभी योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित जिला उपायुक्तों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
किसानों के लिए नव वर्ष का तोहफा
कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई फसल बीमा योजना को किसानों के लिए नव वर्ष का तोहफा दिया है। किसानों को अपनी फसल खराबे के लिए मुआवजे का इंतजार व भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। फसल बीमा योजना खरीफ की बिजाई के साथ शुरू हो जाएगी। फसल कटने के 14 दिन बाद भी इस योजना के तहत किसानों के नुकसान की भरपाई का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर गोशाला प्रधान, प्रबंधन समिति सदस्य, अनूप अहलावत, राजपाल शर्मा, रविभान राठी, भूप सिंह दलाल,राकेश कोच, रमेश छिल्लर, विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।