फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Door-to-door campaigning, yet 3 lakh voters remain untraced

Jhajjar-Bahadurgarh News: घर-घर दस्तक, फिर भी 3 लाख वोटर अनट्रेस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:50 AM IST
विज्ञापन
Door-to-door campaigning, yet 3 lakh voters remain untraced
22jjrp17- गुरुग्राम रोड ​स्थित लघु सचिवालय। संवाद
झज्जर। नवंबर 2025 से जिले में शुरू हुई इलेक्टोरल मैपिंग (वोटर को मतदान केंद्र से डिजिटल रूप से जोड़ना) का काम 66.49 फीसदी पूरा हो चुका है। 33.51 प्रतिशत वोटर्स का सत्यापन बाकी है। बाहर से आए और नौकरीपेशा लोगों के घर पर नहीं मिलने से 100 फीसदी लक्ष्य पूरा करना चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन

जिले में कुल चार विधानसभा झज्जर, बहादुरगढ़, बेरी और बादली हैं। इनमें झज्जर विधानसभा में सर्वाधिक 80.03 फीसदी मैपिंग का पूरी कर ली गई है। बहादुरगढ़ विधानसभा में सबसे कम 40 फीसदी मैपिंग का काम ही पूरा हुआ है।
विज्ञापन

बहादुरगढ़ में काफी संख्या में बाहरी वोटर हैं। दूसरे राज्यों जैसे- राजस्थान, यूपी व बिहार से शादी कर आईं महिलाएं और कंपनियों की शिफ्ट में काम करने वाले लोगों की मैपिंग नहीं हो पा रही है। इस वजह से मैपिंग का काम भी धीमा पड़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में कुल 8,18,384 मतदाताओं की मैपिंग होनी है। इनमें से 5, 25, 950 वोटर्स की मैपिंग की जा चुकी है। अब लगभग 2, 92, 434 वोटर की मैपिंग होनी है।
2002 और 2024 की सूची का हो रहा मिलान
निर्वाचन विभाग की तरफ से साल (2002) और वर्तमान (2024) के वोटरों के डेटा का मिलान किया जा रहा है। अगर किसी मतदाता की वर्तमान जानकारी स्पष्ट नहीं मिलती है तो उसके माता-पिता या दादा-दादी में से किसी एक के वोटर कार्ड नंबर से रिकॉर्ड का मिलान कर पहचान सुनिश्चित की जा रही है ताकि फर्जी प्रविष्टियों पर रोक और वास्तविक मतदाताओं को सूची में बनाए रखने में मदद मिल सके।
शहरी क्षेत्र में मैपिंग का काम अपेक्षाकृत धीमा
ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरों में मैपिंग की रफ्तार धीमी है। अधिकारियों के मुताबिक, शहरों में किराएदारों की अधिकता, बार-बार बदलते पते और कामकाजी लोगों का दिन भर घर से बाहर रहना मैपिंग की रफ्तार धीमी होने की बड़ी वजह है।
हर वोटर को सही पते और बूथ से जोड़ना है उद्देश्य
इलेक्टोरल मैपिंग का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज हर वोटर को उसके सही पते और संबंधित मतदान केंद्र से डिजिटल रूप से जोड़ना और सत्यापित करना है। इसके लिए चुनाव कार्यालय ने जिले में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई है। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर रहे हैं। जहां मतदाता नहीं मिल रहे हैं, वहां दोबारा विजिट की जा रही है।
डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना 2027
भारत सरकार की 2027 में पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना प्रस्तावित है। जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस होगी। मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़े सीधे डिजिटल रूप से दर्ज किए जाएंगे। इससे न केवल डेटा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा बल्कि मानवीय त्रुटियां भी न्यूनतम होंगी और डेटा प्रोसेसिंग में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।

दो चरणों में संपन्न होगी जनगणना
जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी। पहला चरण हाउस लिस्टिंग का कार्य एक मई 2026 से शुरू होगा जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना (एन्यूमरेशन) फरवरी 2027 में आयोजित होगा। इन दोनों चरणों में प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति का सटीक विवरण दर्ज किया जाएगा।


जानें...किस विधानसभा में कितने मतदाता, कितनी हुई मैपिंग

विधानसभा मतदाता मैपिंग हुई प्रतिशत
झज्जर- 190473 152429 80.03
बेरी 185109 141143 76.25
बादली 189422 132032 69.70
बहादुरगढ़ 253380 100346 40.00

वर्जन-

-डिजिटल जनगणना की तैयारियां शुरू हो चुकी है। सभी गांवों, शहरों, खंडों, तहसीलों और जिलों की लिस्टिंग हो चुकी है। जनगणना पूरी होने तक अब परिसीमन में कोई भी बदलाव नहीं होगा।
-मोहित कुमार, जिला जनगणना समन्वयक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed