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Jhajjar-Bahadurgarh News: डीएमआरसी ने सिल्वर लाइन एयरोसिटी तुगलकाबाद का नाम बदलकर गोल्डन लाइन किया
Tue, 30 Jan 2024 04:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 30 Jan 2024 04:12 AM IST
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बहादुरगढ़। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर दिल्ली मेट्रो की आगामी 23.62 किलोमीटर लंबी सिल्वर लाइन (एयरोसिटी-तुगलकाबाद) का नाम बदलकर गोल्डन लाइन कर दिया।
डीएमआरसी ने यात्रियों के लिए बेहतर दृश्यता और सुविधा के लिए इस लाइन को गोल्डन करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय इसलिए भी लिया गया है, क्योंकि ट्रेनों पर चांदी के बजाय सुनहरे रंग को अधिक प्रमुखता से और स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जा सकता है। सिल्वर कलर मेट्रो ट्रेनों के स्टेनलेस स्टील बाडी की समग्र चांदी की बनावट के साथ मिश्रित हो जाता है। इसलिए रंग कोड के रूप में गोल्डन के चयन से ट्रेनों में बेहतर दृश्यता सुनिश्चित होगी और यात्रियों के लिए यह अधिक सुविधाजनक होगा। दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों की आसान पहचान के लिए अपने सभी परिचालन गलियारों को रंग कोडित किया है। उस विशेष गलियारे के रंग कोड को दर्शाने वाली एक रंगीन पट्टी ट्रेनों के मुख्य भाग पर प्रमुखता से प्रदर्शित की जाती है। उदाहरण के लिए द्वारका सेक्टर 21 से नोएडा/वैशाली तक ब्लू लाइन पर चलने वाली ट्रेन में खिड़की के नीचे एक नीली पट्टी होती है। दिल्ली मेट्रो के चरण चार का एयरोसिटी-तुगलकाबाद मेट्रो कोरिडोर 15 स्टेशनों के साथ 23.62 किलोमीटर लंबा होगा। यह गलियारा कश्मीरी गेट-राजा नाहर सिंह वायलेट लाइन को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से जोड़ेगा और राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिणी भाग में कई नए क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस कोरिडोर के मार्च 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन के 16 स्टेशन वर्तमान में एयरोसिटी, महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, छतरपुर, छतरपुर मंदिर, इग्नू, नेब सराय, साकेत जी ब्लाक, आंबेडकर नगर, खानपुर, संगम विहार, मां आनंदमयी मार्ग जंक्शन, तुगलकाबाद में निर्माणाधीन हैं।
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डीएमआरसी ने यात्रियों के लिए बेहतर दृश्यता और सुविधा के लिए इस लाइन को गोल्डन करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय इसलिए भी लिया गया है, क्योंकि ट्रेनों पर चांदी के बजाय सुनहरे रंग को अधिक प्रमुखता से और स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जा सकता है। सिल्वर कलर मेट्रो ट्रेनों के स्टेनलेस स्टील बाडी की समग्र चांदी की बनावट के साथ मिश्रित हो जाता है। इसलिए रंग कोड के रूप में गोल्डन के चयन से ट्रेनों में बेहतर दृश्यता सुनिश्चित होगी और यात्रियों के लिए यह अधिक सुविधाजनक होगा। दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों की आसान पहचान के लिए अपने सभी परिचालन गलियारों को रंग कोडित किया है। उस विशेष गलियारे के रंग कोड को दर्शाने वाली एक रंगीन पट्टी ट्रेनों के मुख्य भाग पर प्रमुखता से प्रदर्शित की जाती है। उदाहरण के लिए द्वारका सेक्टर 21 से नोएडा/वैशाली तक ब्लू लाइन पर चलने वाली ट्रेन में खिड़की के नीचे एक नीली पट्टी होती है। दिल्ली मेट्रो के चरण चार का एयरोसिटी-तुगलकाबाद मेट्रो कोरिडोर 15 स्टेशनों के साथ 23.62 किलोमीटर लंबा होगा। यह गलियारा कश्मीरी गेट-राजा नाहर सिंह वायलेट लाइन को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से जोड़ेगा और राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिणी भाग में कई नए क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस कोरिडोर के मार्च 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन के 16 स्टेशन वर्तमान में एयरोसिटी, महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, छतरपुर, छतरपुर मंदिर, इग्नू, नेब सराय, साकेत जी ब्लाक, आंबेडकर नगर, खानपुर, संगम विहार, मां आनंदमयी मार्ग जंक्शन, तुगलकाबाद में निर्माणाधीन हैं।
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