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Jhajjar-Bahadurgarh News: बीमारी ने घेरा, लेकिन नहीं छोड़ी आशा, घर से बाहर निकली तो सफलता ने चूमे कदम

Fri, 08 Mar 2024 01:43 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2024 01:43 AM IST
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Disease surrounded, but did not give up hope, when she came out of the house, success kissed her feet.
बहादुरगढ़। वर्षों तक घरेलू कार्याें में लगी रही डॉ. आशा शर्मा को थायरायड ने जकड़ लिया। चिकित्सकों की तरफ से उम्मीद नहीं मिली, लेकिन परिजनों को भरोसा था कि वह मेहनती व योग्य हैं। वह घर से बाहर निकलेंगी, तो तरक्की करेगी। हकीकत में हुआ भी यही। वह तमाम मुश्किलों से उठकर 12 साल बाद घर से निकली और फिर पढ़ाई में जुट गई। आखिरकार सफलता ने उनके कदम चूमे और वह वैश्य बीएड कॉलेज की प्राचार्य बनी। आज वह महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हैंं।
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वैश्य कन्या महाविद्यालय में अंग्रेजी के शिक्षक की जरूरत थी और डॉ. आशा शर्मा का इस पर चयन हो गया। उनका इंटरव्यू हुआ और नौकरी मिल गई, लेकिन कॉलेज में शिक्षक रहते-रहते अपनी योग्यता बढ़ाने का क्रम नहीं छोड़ा। वर्ष 1998 में एमएड किया और 1999 में नेट पास किया। बहादुरगढ़ शिक्षा सभा ने 2002 में उन्हें बीएड कॉलेज में पढ़ाने का दायित्व दे दिया। यहां रहते वर्ष 2004 में अंग्रेजी में पीएचडी कर लिया और वर्ष 2014 में वैश्य बीएड कॉलेज में प्राचार्य बन गई। मूल रूप से जींद जिले के सफीदों की आशा शर्मा ने 1982 में महिला कॉलेज रोहतक से बीए की। 1982 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीएड किया। इसी दौरान 1984 में उनका विवाह हो गया। विवाह के बाद पढ़ाई करना सरल नहीं रहा। ससुराल वाले नियमित पढ़ाई को लेकर अनमने थे। लिहाजा पढ़ाई का सिलसिला अधर में छूट गया। आशा शर्मा घर-गृहस्थी में उलझ गई, लेकिन मन में पढ़ाई का सपना जीवंत था।
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अनेकों बार मिला सम्मान

वर्ष 1981-82 में डॉ. आशा शर्मा को पहला अवार्ड बेस्ट स्टूडेंट का मिला। इसके बाद कर्मयोगी सम्मान मिला। ग्लोबल अचीवर्स अवार्ड के लिए चीन की एक संस्था ने भी उन्हें सम्मानित किया। एजुकेशन एक्सलेंसी अवार्ड, सोसायटी डेवलपमेंट अवार्ड, भारतीय प्रतिभा गौरव अवार्ड, नारी शक्ति सम्मान मिला। वर्ष 2019 अगस्त में हरियाणा के चंडीगढ़ के राजभवन में तत्कालीन राज्यपाल सत्यदेव नारायण, सितंबर 2019 में लायंस क्लब बहादुरगढ़ द्वारा सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार, वर्ष 2021 अगस्त में सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में योगदान के लिए एसडीएम बहादुरगढ़ ने सम्मानित किया। वहीं ग्लोबल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न पुरस्कार नवाजा गया। वर्ष 2022 अगस्त में यूथ रेडक्रास के लिए हरियाणा के राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय द्वारा सम्मानित किया गया।
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लिख चुकी हैं 12 किताबें

डॉ. आशा शर्मा ने दूसरी पीएचडी एचआईवी एड्स को लेकर की। वह अंग्रेजी व अर्थशास्त्र दोनों विषयों की 12 पुस्तकें लिख चुकी हैं। छात्राओं को तो एड्स के खतरों से सजग करती ही हैं, सामाजिक कार्यक्रमों में भी जाकर लगातार जागरूकता फैला रही हैं। पर्यावरण रक्षा के लिए पौधरोपण व संरक्षण में गहरी रुचि रखती हैं। कॉलेज व अपने घर को सदा हरा-भरा रखती हैं।



-फोटो 53 : डॉ. आशा शर्मा, प्राचार्या, वैश्य बीएड कॉलेज, बहादुरगढ़।
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