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पार्षदों का आरोप, गंदे पानी की आपूर्ति से परेशान हैं शहरवासी, अधिकारी नहीं ले रहे सुध

Sun, 11 Oct 2020 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2020 12:45 AM IST
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dirty water problem issue
-फोटो 15 : पत्रकारों से बातचीत करते पार्षद व अन्य। - फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। एक तरफ कोरोना का बढ़ता संक्रमण लोगों को बेहाल कर रहा है। वहीं दूसरी ओर शहरवासी टाइफाइड, पीलिया, बुखार व पेट दर्द आदि बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। जलापूर्ति विभाग तथा नगर परिषद की बेपरवाही के कारण जल जनित बीमारियां पैर पसार रही हैं। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है लेकिन दोनों विभागों के जिम्मेदार लोगों को इसकी कोई चिंता नहीं है। यह कहना है वार्ड-15 की पार्षद मोनिका के पति कपूर सिंह राठी व वार्ड-31 के पार्षद शशि कुमार का।
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शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में इनेलो नेता कपूर सिंह राठी, पार्षद शशि कुमार, रामनिवास सैनी, सोनू सैनी, रतन सिंह मोर, राव कंवल सिंह, भारत नागपाल, कोच चरण सिंह राठी, मास्टर सुखबीर सरोहा, विनय राणा, विपिन टाक, अरुण स्वामी, राजू प्रजापति आदि ने बताया कि शहरवासियों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। नलों में गंदा पानी आ रहा है। लोग यही पानी पीने को मजबूर हैं। अशुद्ध और अनियमित जलापूर्ति से लोगों को पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। वहीं जगह-जगह लीकेज से सड़क पर पानी व्यर्थ बह रहा है। उन्होंने कहा कि बेशक प्रशासन शुद्ध जल आपूर्ति का दावा करता है लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। कहने को नगर परिषद करोड़ों रुपये में अमृत की पेयजल लाइनें बिछा रही है। जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग द्वारा भी जलापूर्ति व्यवस्था पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन दोनों विभागों में समन्वय के अभाव के कारण सारी व्यवस्था का बिगड़ी हुई है। जलापूर्ति के दौरान ड्रेनेज का गंदा पानी लोगों के घरों में पहुंच रहा है। जिस कारण कोरोना काल में भी शहर में जल जनित बीमारियों के मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद नगर परिषद और जलापूर्ति विभाग के जिम्मेदार लोगों ने कोई सबक नहीं लिया। आज तक शासन-प्रशासन जल तंत्र की निगरानी का कोई सिस्टम विकसित नहीं कर सके हैं। इसी के कारण लीकेज से रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बर्बाद हो जाता है।
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