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Jhajjar-Bahadurgarh News: एक अकतूबर से अस्पताल बैंकों में नहीं चलेंगे डीजल के जनरेटर
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झज्जर। प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए एनजीटी ने कमर कस ली है। हरियाणा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सख्त निर्देश देते हुए एक अक्टूबर से ग्रेप को पूरी तरह से लागू करने के आदेश दिए हैं। एक अक्तूबर से जिले के अस्पताल, बैंक, उद्योग में डीजल से चलने वाले जनरेटर का प्रयोग नहीं कर पाएंगे। हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष पी. राघवेंद्र राव ने भी प्रशासन से इसका सख्ती से पालन कराने को कहा है।
चार दिन पहले लघु सचिवालय के सभागार में हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष पी. राघवेंद्र राव ने जिले के प्रशासनिक और संबंधित अधिकारियों की बैठक में जिले में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा कार्याेंं की समीक्षा की थी। उन्होंने ग्रेप को एक अक्तूबर से पूरी तरह से लागू कराने के लिए कहा था। प्रशासन इसके अनुपालन में अब सख्ती के मूड में है।
निजी अस्पतालों और बैंकों के आगे बड़े-बड़े जनरेटर रखे जाते हैं। इनको बिजली जाने के बाद डीजल डालकर प्रयोग में लाया जा रहा है और डीजल से चलने वाले इंजन काफी धुआं छोड़ रहे हैं। इससे प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है प्रदूषण कंट्रोल विभाग ने फैक्ट्री, उद्योगों, कंपनियां को सोलर पावर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। शहर में एक दर्जन के करीबन अस्पताल, बैंकों के आगे डीजल जरनेटर रखकर उनका प्रयोग किया जा रहा है। अब एकअक्तूबर से इनका संचालन नहीं होगा।
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अस्पतालों में वैकल्पिक प्रबंध करे सरकार : राकेश
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान राकेश गर्ग ने बताया कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए व उद्योगों के लिए भी विशेष तौर पर बिजली की व्यवस्था करनी होगी, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाएं बिजली के बगैर नहीं चल पाएंगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी का ऑपरेशन करना है, अल्ट्रासाउंड व कोई टेस्ट करना है तो बिजली की आवश्यकता होती है। यदि बिजली नहीं होगी तो स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित होगी। इसलिए सरकार को ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर इसका समाधान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लगातार बिजली की समस्या से स्वास्थ्य सेवाएं, उद्योग प्रभावित होंगे। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चलने वाले जनरेटरों पर तो शिकंजा कंस रही, लेकिन यह स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यकता जरूरी है। आईएमए के प्रधान ने बताया कि मुख्यालय के पदाधिकारियों से बातचीत कर ग्रेप नियमों पर चर्चा कर आगामी रणनीति बनाएंगे।
वर्जन
एनजीटी के आदेशों का पालन कराया जाएगा। एक अक्तूबर से ग्रेप के नियम लागू होंगे और इनका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
अमित दहिया, एसडीओ, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, झज्जर
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चार दिन पहले लघु सचिवालय के सभागार में हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष पी. राघवेंद्र राव ने जिले के प्रशासनिक और संबंधित अधिकारियों की बैठक में जिले में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा कार्याेंं की समीक्षा की थी। उन्होंने ग्रेप को एक अक्तूबर से पूरी तरह से लागू कराने के लिए कहा था। प्रशासन इसके अनुपालन में अब सख्ती के मूड में है।
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निजी अस्पतालों और बैंकों के आगे बड़े-बड़े जनरेटर रखे जाते हैं। इनको बिजली जाने के बाद डीजल डालकर प्रयोग में लाया जा रहा है और डीजल से चलने वाले इंजन काफी धुआं छोड़ रहे हैं। इससे प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है प्रदूषण कंट्रोल विभाग ने फैक्ट्री, उद्योगों, कंपनियां को सोलर पावर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। शहर में एक दर्जन के करीबन अस्पताल, बैंकों के आगे डीजल जरनेटर रखकर उनका प्रयोग किया जा रहा है। अब एकअक्तूबर से इनका संचालन नहीं होगा।
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अस्पतालों में वैकल्पिक प्रबंध करे सरकार : राकेश
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान राकेश गर्ग ने बताया कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए व उद्योगों के लिए भी विशेष तौर पर बिजली की व्यवस्था करनी होगी, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाएं बिजली के बगैर नहीं चल पाएंगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी का ऑपरेशन करना है, अल्ट्रासाउंड व कोई टेस्ट करना है तो बिजली की आवश्यकता होती है। यदि बिजली नहीं होगी तो स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित होगी। इसलिए सरकार को ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर इसका समाधान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लगातार बिजली की समस्या से स्वास्थ्य सेवाएं, उद्योग प्रभावित होंगे। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चलने वाले जनरेटरों पर तो शिकंजा कंस रही, लेकिन यह स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यकता जरूरी है। आईएमए के प्रधान ने बताया कि मुख्यालय के पदाधिकारियों से बातचीत कर ग्रेप नियमों पर चर्चा कर आगामी रणनीति बनाएंगे।
वर्जन
एनजीटी के आदेशों का पालन कराया जाएगा। एक अक्तूबर से ग्रेप के नियम लागू होंगे और इनका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
अमित दहिया, एसडीओ, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, झज्जर