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कृषि मंत्री ने किया दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील का दौरा
jhajjar
Updated Fri, 29 Apr 2016 02:14 AM IST
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झील को देखते कृषिमंत्री
- फोटो : bureau
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हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने प्रतिनिधि मंडल के साथ मिस्र में सबसे ऊंचे बांध का दौरा किया और वहां की स्थिति के बारे में जानकारी ली। डैम के चेयरमैन अहमद फोदे ने हरियाणा के सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को डैम के बारे जानकारी दी।
उन्होंने ओपी धनखड़ को बताया कि असवान डैम के पीछे बनी नासिर झील संसार की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है जिसमें भाखड़ा डैम के पीछे बनी गोविंद सागर झील से अठारह गुना अधिक पानी समाया रहता है। इसमें 1070 लाख एकड़ फीट पानी रहता है। जो कि अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। खास बात यह है कि इसका क्षेत्रफल 5052 वर्ग किमी है। असवान उच्च डैम ने 1970 में चालू होने के बाद मिस्र का दुख कही जाने वाली नील नदी को सुख की नदी में बदल दिया है।
प्रारंभ में यहां डैम 1902 मे बनाया गया, जिसकी क्षमता कम थी। उच्च डैम 4 किमी लंबा और 111 किमी ऊंचा बना है। परंतु पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण 183 मीटर की गहराई का लाभ लेता है । मिस्र की कुल जरूरत की आधी बिजली की आपूर्ति इसी डैम से होती है। जो कि बड़ी बात है। मिस्र इस डैम से के पानी से 33600 वर्ग किमी की सिंचाई करता है। प्रतिनिधिमंडल में ओमप्रकाश यादव, रवींद्र मच्छरौली, अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास, प्रमुख अभियंता अनिल गुप्ता, मुख्य अभियंता राजीव बंसल, सुरेश कुमार यादव व अभिनव बालियान ने भाग लिया।
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उन्होंने ओपी धनखड़ को बताया कि असवान डैम के पीछे बनी नासिर झील संसार की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है जिसमें भाखड़ा डैम के पीछे बनी गोविंद सागर झील से अठारह गुना अधिक पानी समाया रहता है। इसमें 1070 लाख एकड़ फीट पानी रहता है। जो कि अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। खास बात यह है कि इसका क्षेत्रफल 5052 वर्ग किमी है। असवान उच्च डैम ने 1970 में चालू होने के बाद मिस्र का दुख कही जाने वाली नील नदी को सुख की नदी में बदल दिया है।
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प्रारंभ में यहां डैम 1902 मे बनाया गया, जिसकी क्षमता कम थी। उच्च डैम 4 किमी लंबा और 111 किमी ऊंचा बना है। परंतु पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण 183 मीटर की गहराई का लाभ लेता है । मिस्र की कुल जरूरत की आधी बिजली की आपूर्ति इसी डैम से होती है। जो कि बड़ी बात है। मिस्र इस डैम से के पानी से 33600 वर्ग किमी की सिंचाई करता है। प्रतिनिधिमंडल में ओमप्रकाश यादव, रवींद्र मच्छरौली, अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास, प्रमुख अभियंता अनिल गुप्ता, मुख्य अभियंता राजीव बंसल, सुरेश कुमार यादव व अभिनव बालियान ने भाग लिया।
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