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सेक्टर की तर्ज पर विकसित होगा डीघल
ब्ययूराो/अमर उजाला / झज्जजर
Updated Mon, 01 Feb 2016 12:58 AM IST
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रू-अर्बन योजना के तहत बड़े गांवों में अब शहरों की तर्ज पर सुविधाएं मुहैया होंगी। योजना के दायरे में दस हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को शामिल किया जाएगा। आरंभ में रोहतक संसदीय क्षेत्र के तीन बड़े गांव डीघल (झज्जर), कोसली (रेवाड़ी) और निंदाना (रोहतक) को इस योजना में शामिल किया गया है।
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कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना में शामिल होने वाले गांवों में मूलभूत सुविधाओं के लिए पहले चरण में 30 करोड़ रुपये एक कलस्टर में खर्च होंगे।
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तीन बड़े गांव डीघल, कोसली और निंदाना को इस योजना में शामिल किया गया है।
गांवों में यह होगा विकास
रू-अर्बन योजना के तहत इन गांवों में सीवरेज की लाइन बिछाई जाएगी। पेयजल आपूर्ति की बेहतर सुविधा होगी। साथ ही शहर के लोगों को मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी इन गांवों के लोगों को मुहैया होंगी। प्रदेश सरकार ने योजना को मंजूरी दे दी है। इन तीनों का विकास हुडा कॉलेेनियों की तर्ज पर होगा।
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मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण है कि गांवों को भी शहरी तर्ज पर सुविधाएं मिले। इस दिशा में प्रदेश सरकार रू-अर्बन योजना में गांवों के हालात बदलेगी।
यह मिलेगा प्रशिक्षण
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री धनखड़ ने कहा कि नवनिर्वाचित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की कार्यशैली में सुधार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच दिन के प्रशिक्षण में ओरियंटेशन गतिविधि में छह पहलुओं पर आधारित पाठ्यक्रम होंगे।
इनमें पंचायती राज अधिनियम के तहत मिलने वाले अधिकार और कर्तव्य, ग्रामीण विकास, हरियाणा व केंद्र सरकार के विशेष कार्यक्रम जैसे स्वच्छता, ग्राम सचिवालय, गर्वित, ग्राम गौरव पट आदि से रूबरू कराया जाएगा। इस दौरान प्रतिनिधियों के कौशल विकास जैसे ई-मेल करना, फॉर्म डाउनलोड करना आदि। प्रतिनिधियों को मोटिवेशन का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच दिन के प्रशिक्षण में प्रतिदिन एक सक्सेस स्टोरी दिखाई जाएगी।
तीन माह का सर्टिफाई कोर्स
मंत्री धनखड़ के अनुसार ग्रामीण विकास पर तीन महीने का सर्टिफाई कोर्स कराने को लेकर भी सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि सभी विवि में तीन महीने का ग्रामीण विकास पर एक सर्टिफिकेट कोर्स भी आरंभ करने के बारे में भी विचार किया जा रहा है।
प्रदेश के 12 सरकारी विवि के माध्यम से यह कोर्स कराया जाएगा। इसमें हर पंचायत को कोर्स दिलाने की व्यवस्था होगी। यह कोर्स ग्राम सचिवालय और ई-प्रोग्राम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
पंचायत में बढ़ी बेटियों की संख्या
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री धनखड़ ने पंचायत चुनाव 2016 सफल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने को अपना लाइफ टाइम अचीवमेंट माना है। उनका कहना है कि गौ संरक्षण-गौ संवर्धन अधिनियम के बाद उनके जीवन में यह दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि रही है।
इस बार पंचायती राज संस्थाओं में बेटियों को सीधी भागीदारी मिली है। महिलाओं की संख्या जिला परिषद में निर्धारित आरक्षण से 10 फीसदी अधिक, ब्लॉक समिति में 9 प्रतिशत और सरपंच के पदों पर 8 प्रतिशत अधिक रही है।
सर्वसम्मति से चुने गए प्रतिनिधियों का तो इस बार सर्वकालिक रिकॉर्ड बना है, जिससे साबित हुआ कि लोगों को बांटने की बजाय इस बार चुनाव जोड़ने वाले साबित हुए। आज हम गर्व से कह सकते है कि हमारी हर पंचायत शिक्षित है। अब हमारा प्रतिनिधि अंगूठा टेक नहीं, बल्कि अंगुली उठाने वाला है। वह आज मुद्दों की बात कर रहा है।