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डेंगू से पीड़ित 10 साल के मासूम की दिल्ली में मौत
अमर उजाला झज्जर/ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2015 01:32 AM IST
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बहादुरगढ़। डेंगू के डंक का कहर कम नहीं हुआ है। नई बस्ती के दस वर्षीय बच्चे की बुधवार को चार दिन के इलाज के दौरान डेंगू से मौत हो गई। बच्चे का उपचार दिल्ली में एक निजी अस्पताल में हो रहा था। परिजनों ने इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। हालांकि झज्जर स्वास्थ्य विभाग बच्चे की मौत को लेकर अभी अनभिज्ञ है। बता दें कि नई बस्ती निवासी संदीप कुमार के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा पीयूष (10) एसआर सेंच्युरी स्कूल बहादुरगढ़ में ही चौथी कक्षा में पढ़ता था। गत 26 सितंबर को उसे बुखार हुआ। परिजनों ने उसे शहर के मिशन हास्पिटल में दाखिल कराया। यहां दो-तीन दिन के उपचार के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो मंगलवार को दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित एक प्राइवेट हास्पिटल ले जाया गया। लेकिन पीयूष का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता जा रहा था।
परिजन बोले, डॉक्टरों ने उन्हें नहीं बताया सच
बच्चे के दादा मास्टर जिले सिंह, पिता संदीप, चाचा नवदीप ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टर पीयूष के जल्द ठीक होने की बात कहते हुए उन्हें लगातार टरकाते रहे। उसका ब्लड प्रेशर पहले कम था तो उसके बाद अचानक बढ़ गया। डॉक्टरों ने बच्चे के प्लेटलेट्स कम होने का हवाला देते हुए उसके पेट में पानी बनने व उसके शरीर पर सूजन आने की बात कही। रात को करीब साढ़े दस बजे पीयूष ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने उन्हें एनएस-1 एंटीजन पाजिटिव बताया था। वहीं हास्पिटल के अनुसार बच्चे के इलाज में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती गई। उसको बचाने के लिए भरसक प्रयास किया गया।
मौत के बाद हंगामा
बच्चे की इलाज के दौरान मौत होने से गुस्साए परिजनों ने हास्पिटल पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देख दिल्ली पुलिस भी मौके पर पहुंची। मृतक बच्चे के पिता ने लिखित शिकायत देकर जांच कराने की मांग की। बच्चे की मां सुनीता व दादी कृष्णा देवी ने बताया कि पीयूष सभी का चहेता था। बुखार की शिकायत हुई तो वे उसे बेहतर इलाज के लिए हास्पिटल भी ले गए। आखिरकार उसने डेंगू बुखार की वजह से दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया।
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खंगालेंगे केस हिस्ट्री
नई बस्ती में बच्चे की डेंगू से मौत के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं मिली है। फिर भी बच्चे की ट्रीटमेंट संबंधी हिस्ट्री की जांच करेंगे। इसमें क्या कुछ निकलकर सामने आता है उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल झज्जर जिले में डेंगू से एक भी डेथ कन्फर्म नहीं हुई है।
डॉ. विनित, डीएमओ झज्जर।
टीमें करेंगी जांच
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चे की मौत के पीछे क्या वजह रही है इसको लेकर उसके इलाज की पूरी फाइल देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। विभाग की टीमें उनके घर पर जाकर भी पूरी जांच पड़ताल करेंगी। साथ में हास्पिटलों से भी रिकार्ड जुटाएगी।
डॉ. एसआर सिवाच, सिविल सर्जन झज्जर।
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परिजन बोले, डॉक्टरों ने उन्हें नहीं बताया सच
बच्चे के दादा मास्टर जिले सिंह, पिता संदीप, चाचा नवदीप ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टर पीयूष के जल्द ठीक होने की बात कहते हुए उन्हें लगातार टरकाते रहे। उसका ब्लड प्रेशर पहले कम था तो उसके बाद अचानक बढ़ गया। डॉक्टरों ने बच्चे के प्लेटलेट्स कम होने का हवाला देते हुए उसके पेट में पानी बनने व उसके शरीर पर सूजन आने की बात कही। रात को करीब साढ़े दस बजे पीयूष ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने उन्हें एनएस-1 एंटीजन पाजिटिव बताया था। वहीं हास्पिटल के अनुसार बच्चे के इलाज में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती गई। उसको बचाने के लिए भरसक प्रयास किया गया।
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मौत के बाद हंगामा
बच्चे की इलाज के दौरान मौत होने से गुस्साए परिजनों ने हास्पिटल पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देख दिल्ली पुलिस भी मौके पर पहुंची। मृतक बच्चे के पिता ने लिखित शिकायत देकर जांच कराने की मांग की। बच्चे की मां सुनीता व दादी कृष्णा देवी ने बताया कि पीयूष सभी का चहेता था। बुखार की शिकायत हुई तो वे उसे बेहतर इलाज के लिए हास्पिटल भी ले गए। आखिरकार उसने डेंगू बुखार की वजह से दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया।
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खंगालेंगे केस हिस्ट्री
नई बस्ती में बच्चे की डेंगू से मौत के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं मिली है। फिर भी बच्चे की ट्रीटमेंट संबंधी हिस्ट्री की जांच करेंगे। इसमें क्या कुछ निकलकर सामने आता है उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल झज्जर जिले में डेंगू से एक भी डेथ कन्फर्म नहीं हुई है।
डॉ. विनित, डीएमओ झज्जर।
टीमें करेंगी जांच
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चे की मौत के पीछे क्या वजह रही है इसको लेकर उसके इलाज की पूरी फाइल देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। विभाग की टीमें उनके घर पर जाकर भी पूरी जांच पड़ताल करेंगी। साथ में हास्पिटलों से भी रिकार्ड जुटाएगी।
डॉ. एसआर सिवाच, सिविल सर्जन झज्जर।