बिमारी मुक्त समाज के लिए खुले में शौचमुक्त गांव बनाने का आह्वान
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बीमारी मुक्त गांव होने से इलाज पर खर्च होने वाले धन को हम अपने जीवन स्तर को सुधारने और बच्चों शिक्षा पर खर्च कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मातृशक्ति अपने जागरूकता अभियान के दौरान लोगों खासकर महिलाओं को यह समझाएं कि स्वच्छ माहौल से ही बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। स्वच्छता की शुरुआत घर से करते हुए मोहल्ले और पूरे गांव को साफ-सुथरा बनाना होगा। एक घर में सफाई होने से दूसरे घरों की मक्खियां बीमारी फैलाएंगी। यह तभी संभव है जब पूरा गांव खुले शौच मुक्त हो, साफ सुथरा हो। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की का स्वच्छ भारत का जो सपना है उसे जिले में तेजी से पूरा करने में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अपनी भागीदारी करें। उन्होंने कहा महिलाओं ने इस दिशा में जो अलख जगाने का काम शुरू किया है उसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इस अवसर पर दुजाना गांव की एक छात्रा ने स्वच्छता अभियान पर आम जन को जागरूक करने के लिए बनाया गया पोस्टर भी उपायुक्त को भेंट किया। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी योगेश पराशर सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
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