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डायरिया की चपेट में आ रहे हैं लोग

Fri, 08 Jul 2016 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़ Updated Fri, 08 Jul 2016 01:24 AM IST
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Dayriya, civil hospital bahadurgrh, jhajhar/Bahadurgarh
hospital - फोटो : Bureau

गर्मी, उमस व बरसाती सीजन में लोग उल्टी-दस्त की जकड़ में आने लगे हैं। नागरिक व निजी अस्पतालों, क्लीनिकों में आने वाले मरीजों में से लगभग 40 फीसदी मरीज डायरिया के लक्षणों से पीड़ित दिखाई देते हैं। डॉक्टर लोगों को स्वच्छ व पानी उबालकर ठंडा करके पीने की सलाह दे हे हैं, ताकि वे डायरिया की चपेट में आने से बच सके।

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बरसाती सीजन के दौरान डायरिया की चपेट में लोग अकसर आते हैं। कुछ रोज पूर्व हुई बरसात व उसके बाद बनी उमस व गर्मी के चलते लोग इसकी चपेट में आने लगे हैं। बहादुरगढ़ के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल न उपलब्ध होने के चलते यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि पानी की सप्लाई में गंदगी व मिट्टी के कण भी साथ मिलकर आ रहे हैं। दूषित पानी पीने से उन्हें उल्टी-दस्त के अलावा बुखार की भी शिकायत होने लगती है। ट्रॉमा सेंटर से लेकर ओपीडी में भी इस तरह के अनेक मरीज पीड़ित होकर डॉक्टर से इलाज के लिए परामर्श लेते दिखते हैं। जिन मरीज की हालत नाजुक दिखती है उन्हें एडमिट भी किया जा रहा है। ईद के अवसर पर नागरिक अस्पताल की ओपीडी में जहां ताला लटका हुआ था तो वहीं ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा मरीजों को मिल रही थी। वीरवार को ट्रॉमा सेंटर के लगभग हर बेड पर मरीज दिखे। उनमें से आधे मरीज तो उल्टी-दस्त से पीड़ित मिले।
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बरसाती के दौरान दूषित पेयजल की सप्लाई अकसर हो रही है। रोजाना किसी न किसी क्षेत्र से लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित होकर इलाज के लिए अस्पतालों में जरूर पहुंच रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सरकारी आपूर्ति में जो पानी आ रहा है वह मिट्टी व बदबू युक्त है और जमीनी पानी खारा होने से इस रोग का शिकार हो रहे हैं। चिकित्सकों की ओर से लोगों को बचाव की सलाह भी दी जा रही है, लेकिन स्वच्छ पानी के बिना डायरिया से बचना भी मुश्किल है। पिछले एक सप्ताह से डायरिया के मरीजों की तादाद निरंतर बढ़ रही है। कामकाजी ही नहीं बल्कि घरों में रहने वाले लोग भी इस रोग की चपेट में आ रहे हैं। इसकी वजह एक ही है कि पानी साफ नहीं है। बारिश के दिनों में पानी के अंदर दूषित कण और ज्यादा बढ़ गए हैं। अनेक व्यक्ति जाने-अनजाने में दूषित पानी पीकर डायरिया की जद में आ रहे हैं। इससे उल्टी दस्त होने लगते हैं। ज्यादा बार ऐसा होने से मरीज की किडनी फेल होने का खतरा भी होता है। उस अवस्था में मौत का खतरा भी बढ़ जाता है।
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-ये सावधानियां बरतें
1. स्वच्छ पानी ही पीयें। इसे उबालकर पीना और बेहतर होगा।
2. खाना पकाने के बाद ज्यादा देर तक न रखें। कुछ ही देर में खा लें।
3. बाजार में अधिक तैलीय और पानी से बनी चीजों से परहेज रखें।
4. कटे हुए व ज्यादा पके हुए फल न खाएं।
5. शरीर में पानी की कमी न होने दें, अधिक से अधिक स्वच्छ पानी पीते रहें।
-स्वच्छ पानी पीएं
अनेक मरीज डायरिया से पीड़ित मिल रहे हैं। दूषित खान-पान के चलते लोग इसकी चपेट में आते हैं। ऐसे में इससे बचने के लिए हमें स्वच्छ पेयजल व कटे व ज्यादा पके हुए फल नहीं खाने चाहिए। स्वच्छ पानी पीने व संतुलित आहार लेने से इससे बचा जा सकता है।
-डॉ. संजीव कुक्कल, पूर्व आरएमओ नागरिक अस्पताल।

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