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Jhajjar-Bahadurgarh News: बाल वाटिकाओं के विद्यार्थियों का डाटा एमआईएस पर होगा अपलोड
Wed, 22 Nov 2023 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 22 Nov 2023 12:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। जिले में हाल ही में खोली गई 192 बाल वाटिकाओं में दाखिल विद्यार्थियों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अनुसार 5 वर्ष की आयु से पहले हर बच्चा एक प्रारंभिक कक्षा या बाल वाटिका में स्थानांतरित हो जाएगा। तैयारी कक्षा में सीखना मुख्य रूप से खेल पर आधारित होगा, जिसमें संज्ञानात्मक, भावनात्मक और शारीरिक क्षमता, प्रारंभिक साक्षरता और संख्या-ज्ञान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राज्य के प्रत्येक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक अप्रैल से औपचारिक पूर्व प्राथमिक शिक्षा शुरू कर दी गई है। इसमें विशेषकर बालवाटिका का समुचित कार्यक्रम बनाकर लागू किया गया है।
विभाग की ओर से स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचे को पुनर्गठित किया जाएगा ताकि 3-8. 8-11, 11-14 और 14-18 की आयु के विभिन्न पड़ावों पर विद्यार्थियों के विकास की अलग-अलग व्यवस्था अनुसार उनकी रुचियों और विकास की जरूरतों पर समुचित ध्यान दिया जा सके। इसलिए स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचे और पाठयक्रम की रूपरेखा 5+3+3+4 डिजाइन से मार्गदर्शित होगी। इसके तहत क्रमशः फाउंडेशन स्टेज (दो भागों में अर्थात आंगनबाड़ी, प्री स्कूल के 3 साल, प्राथमिक स्कूल में कक्षा 1-2 में 2 साल, 3 से 8 वर्ष के बच्चों सहित), प्रीपरेटरी स्टेज (कक्षा 3-5 8 से 11 वर्ष के बच्चों सहित), मिडिल स्कूल स्टेज (कक्षा 6-8. 11 से 14 वर्ष के बच्चों सहित) और सेकेंडरी स्टेज (कक्षा 9 से 12 दो फेज में होगी। यानी पहले फेज में 9 और 10 और दूसरे में 11 और 12वीं कक्षा 14 से 18 वर्ष के बच्चों सहित) शामिल होगी।
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शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
कक्षा-कक्ष का प्रबंध, अध्यापक की व्यवस्था एवं प्रशिक्षण, पठन-पाठन सामग्री, समय-सारणी के बारे में मार्गदर्शन के लिए बालवाटिका व कक्षा पहली में पढ़ाने वाले 9 हजार अध्यापकों का 6 दिवसीय प्रशिक्षण भी सितंबर से नवंबर तक करवा दिया गया है। इस प्रशिक्षण में जादुई पिटारा और गतिविधि इत्यादि के माध्यम से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
वर्जन
बाल वाटिकाओं में पढ़ने वाले शिक्षकों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसका आदेश मुख्यालय से मिल चुका है।-सुभाष भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर।
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झज्जर। जिले में हाल ही में खोली गई 192 बाल वाटिकाओं में दाखिल विद्यार्थियों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अनुसार 5 वर्ष की आयु से पहले हर बच्चा एक प्रारंभिक कक्षा या बाल वाटिका में स्थानांतरित हो जाएगा। तैयारी कक्षा में सीखना मुख्य रूप से खेल पर आधारित होगा, जिसमें संज्ञानात्मक, भावनात्मक और शारीरिक क्षमता, प्रारंभिक साक्षरता और संख्या-ज्ञान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राज्य के प्रत्येक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक अप्रैल से औपचारिक पूर्व प्राथमिक शिक्षा शुरू कर दी गई है। इसमें विशेषकर बालवाटिका का समुचित कार्यक्रम बनाकर लागू किया गया है।
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विभाग की ओर से स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचे को पुनर्गठित किया जाएगा ताकि 3-8. 8-11, 11-14 और 14-18 की आयु के विभिन्न पड़ावों पर विद्यार्थियों के विकास की अलग-अलग व्यवस्था अनुसार उनकी रुचियों और विकास की जरूरतों पर समुचित ध्यान दिया जा सके। इसलिए स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचे और पाठयक्रम की रूपरेखा 5+3+3+4 डिजाइन से मार्गदर्शित होगी। इसके तहत क्रमशः फाउंडेशन स्टेज (दो भागों में अर्थात आंगनबाड़ी, प्री स्कूल के 3 साल, प्राथमिक स्कूल में कक्षा 1-2 में 2 साल, 3 से 8 वर्ष के बच्चों सहित), प्रीपरेटरी स्टेज (कक्षा 3-5 8 से 11 वर्ष के बच्चों सहित), मिडिल स्कूल स्टेज (कक्षा 6-8. 11 से 14 वर्ष के बच्चों सहित) और सेकेंडरी स्टेज (कक्षा 9 से 12 दो फेज में होगी। यानी पहले फेज में 9 और 10 और दूसरे में 11 और 12वीं कक्षा 14 से 18 वर्ष के बच्चों सहित) शामिल होगी।
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शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
कक्षा-कक्ष का प्रबंध, अध्यापक की व्यवस्था एवं प्रशिक्षण, पठन-पाठन सामग्री, समय-सारणी के बारे में मार्गदर्शन के लिए बालवाटिका व कक्षा पहली में पढ़ाने वाले 9 हजार अध्यापकों का 6 दिवसीय प्रशिक्षण भी सितंबर से नवंबर तक करवा दिया गया है। इस प्रशिक्षण में जादुई पिटारा और गतिविधि इत्यादि के माध्यम से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
वर्जन
बाल वाटिकाओं में पढ़ने वाले शिक्षकों का डाटा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसका आदेश मुख्यालय से मिल चुका है।-सुभाष भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर।