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राहत ः डीएपी खाद की दस हजार बैग पहुंचे, आज होगा वितरण
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डीएपी खाद से भरा ट्राला पहुंचा झज्जर।
- फोटो : Jhjhar
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जिले के किसानों के लिए दस हजार बैग डीएपी के पहुंच झज्जर जिले के बिक्री केंद्रो पर चुके हैं। गेहूं की बिजाई प्रभावित न हो इसके लिए भिवानी से दो हजार व आठ हजार बैग डीएपी खाद के रात को निजी बिक्री केंद्रों पर पहुंचे हैं।
सोमवार को जिले के विभिन्न निजी बिक्री केंद्रों पर डीएपी के बैग वितरित किए जाएंगे। सोनीपत से पहुंचा डीएपी का वितरण बहादुरगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए किया जाएगा और भिवानी से आए दो हजार बैग बेरी, दुजाना, दूबलधन, माजरा व अन्य जगहों पर स्थित निजी बिक्री केंद्रों पर भेजा गया है। इसके अलावा झज्जर के शहरी क्षेत्र के निजी केंद्रों पर मात्र करीब सात सौ बैग ही डीएपी आया है। कृषि अधिकारी ने कहा कि दो से तीन दिन बाद झज्जर में लगने वाले रैक से जिले को डीएपी करीब पंद्रह हजार बैग मिलने की सभांवना है, जिसके चलते किसानों को खाद की किल्लत से राहत मिलगी।
गेहूं की बिजाई में कोई भी समस्या नहीं आएगी। इसके अलावा आगामी दिनों में झज्जर में रैक लगते रहेंगे और अन्य जिलों में लगने वाले रैक से भी झज्जर को डीएपी की आपूर्ति होती रहेगी। जिले में करीब 325 निजी बिक्री केंद्र हैं लेकिन सभी केंद्रों में डीएपी की सप्लाई नहीं होगी। गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी की किल्लत को दूर करने के लिए विभाग की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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झज्जर के किसानों के लिए रात को ही दस हजार बैग भिवानी व सानीपत से मगंवाए गए हैं। डीएपी खाद के बैग की किमत 1200 रुपये प्रति बैग है। किसान ज्यादा पैसे किसी को भी न दें, यदि कोई लेता है तो कृषि विभाग के अधिकारियों को तुरंत शिकायत करें।
- डॉ. जसबीर सिंह, कृषि गुणवत्ता एवं नियंत्रण अधिकारी, झज्जर।
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सोमवार को जिले के विभिन्न निजी बिक्री केंद्रों पर डीएपी के बैग वितरित किए जाएंगे। सोनीपत से पहुंचा डीएपी का वितरण बहादुरगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए किया जाएगा और भिवानी से आए दो हजार बैग बेरी, दुजाना, दूबलधन, माजरा व अन्य जगहों पर स्थित निजी बिक्री केंद्रों पर भेजा गया है। इसके अलावा झज्जर के शहरी क्षेत्र के निजी केंद्रों पर मात्र करीब सात सौ बैग ही डीएपी आया है। कृषि अधिकारी ने कहा कि दो से तीन दिन बाद झज्जर में लगने वाले रैक से जिले को डीएपी करीब पंद्रह हजार बैग मिलने की सभांवना है, जिसके चलते किसानों को खाद की किल्लत से राहत मिलगी।
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गेहूं की बिजाई में कोई भी समस्या नहीं आएगी। इसके अलावा आगामी दिनों में झज्जर में रैक लगते रहेंगे और अन्य जिलों में लगने वाले रैक से भी झज्जर को डीएपी की आपूर्ति होती रहेगी। जिले में करीब 325 निजी बिक्री केंद्र हैं लेकिन सभी केंद्रों में डीएपी की सप्लाई नहीं होगी। गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी की किल्लत को दूर करने के लिए विभाग की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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झज्जर के किसानों के लिए रात को ही दस हजार बैग भिवानी व सानीपत से मगंवाए गए हैं। डीएपी खाद के बैग की किमत 1200 रुपये प्रति बैग है। किसान ज्यादा पैसे किसी को भी न दें, यदि कोई लेता है तो कृषि विभाग के अधिकारियों को तुरंत शिकायत करें।
- डॉ. जसबीर सिंह, कृषि गुणवत्ता एवं नियंत्रण अधिकारी, झज्जर।