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Jhajjar-Bahadurgarh News: गौरीशंकर मंदिर में चल रही भागवत सुनने को उमड़ी महिलाओं की भीड़
Fri, 20 Dec 2024 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 20 Dec 2024 01:07 AM IST
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-फोटो 59 : गौरी शंकर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत आयोजक
बहादुरगढ़। शहर के सेक्टर-2 के गौरीशंकर मंदिर में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन कथा सुनने को भीड़ उमड़ी। कथा वाचक सुभद्रा कृष्ण ने कहा कि जो भी गीता को पढ़ता है उसका अनुसरण करता है उसका भाग्य स्वयं संवर जाता है। भागवत कथा पुराण, सूर्य के समान प्रकाशमान है। मनुष्य जीवन भजन के लिए मिला है इसलिए आप खुद को ईश्वर की भक्ति में लगाएं, तभी जीवन में सुख-शांति मिलेगी।
कथा वाचक सुभद्रा कृष्ण ने शुकदेव जन्म, परीक्षित श्राप और अमर कथा का वर्णन करते हुए बताया कि नारद जी के कहने पर पार्वती जी ने भगवान शिव से पूछा कि उनके गले में जो मुंडमाला है वह किसकी है तो भोलेनाथ ने बताया वह मुंड किसी और के नहीं बल्कि स्वयं पार्वती जी के हैं। हर जन्म में पार्वती जी विभिन्न रूपों में शिव की पत्नी के रूप में जब भी देह त्याग करती हैं, शंकर जी उनके मुंड को अपने गले में धारण कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान सांसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। कथा सुनने के लिए दूसरे दिन काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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कथा वाचक सुभद्रा कृष्ण ने शुकदेव जन्म, परीक्षित श्राप और अमर कथा का वर्णन करते हुए बताया कि नारद जी के कहने पर पार्वती जी ने भगवान शिव से पूछा कि उनके गले में जो मुंडमाला है वह किसकी है तो भोलेनाथ ने बताया वह मुंड किसी और के नहीं बल्कि स्वयं पार्वती जी के हैं। हर जन्म में पार्वती जी विभिन्न रूपों में शिव की पत्नी के रूप में जब भी देह त्याग करती हैं, शंकर जी उनके मुंड को अपने गले में धारण कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। उसका सारा ध्यान सांसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है। कथा सुनने के लिए दूसरे दिन काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

-फोटो 59 : गौरी शंकर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत आयोजक
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