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Jhajjar-Bahadurgarh News: सिविल अस्पताल में बनेगी क्रिटिकल केयर यूनिट
Sat, 18 Nov 2023 01:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 18 Nov 2023 01:39 AM IST
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झज्जर। सिविल अस्पताल में भविष्य में गंभीर मरीजों को रोहतक, दिल्ली रेफर नहीं करना पडे़गा। सिविल अस्पताल में ही अब क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण होगा। इसके लिए चंडीगढ़ मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने साइट विजिट कर उसे फाइनल कर दिया है। इस योजना का अब एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। उसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी
। सिविल अस्पताल में फिलहाल गंभीर मरीज आने की स्थिति में उसे रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीजों की जान तक बन आती है। पिछले कुछ साल के दौरान कई ऐसे मामले हो चुके हैं, जब गंभीर होने की स्थिति में मरीज को रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीज की जान सांसत में भी आ जाती है। कई गर्भवती महिलाओं को रेफर करने के मामले में तो कई बार रास्ते में ही डिलीवरी के केस भी आ चुके हैं। ऐसे में अब सड़क हादसे में घायल या डिलीवरी के गंभीर केसों में मरीजों को रेफर करने की बजाय यही इलाज मिल सकेगा।
-आधुनिक लैब भी बनेगी
क्रिटिकल केयर यूनिट के साथ ही आधुनिक नई लैब भी बनाई जाएगी। इसमें आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। इसमें भी सभी प्रकार के टेस्ट की सुविधा हो सकेगी। इसके लिए अब एस्टीमेट तैयार किया जाएगा और नई बिल्डिंग तैयार की जाएगी। फिलहाल जो बिल्डिंग है, उसमें सैंपल देने के बाद बाहर धूप में ही मरीजों को बैठना पड़ता है। उनके बैठने की कोई सुविधा तक नहीं है।
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यह है क्रिटिकल केयर यूनिट
क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) को आईसीयू के रूप में भी जाना जाता है। यह अस्पताल का एक विशेष विभाग है, जिसमें मरीज की गहन देखभाल कर दवाएं दी जाती है और आधुनिक सुविधाओं से लैब होता है। गहन देखभाल इकाइयों में सबसे गंभीर चोटों और बीमारियों वाले ऐसे रोगियों का इलाज किया जाता है, जिनके जीवन को खतरा रहता है और सामान्य शारीरिक कार्यों को बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ उपकरणों और दवाओं से निरंतर निगरानी की जाती है। इसमें उच्च प्रशिक्षित डॉक्टर और क्रिटिकल केयर नर्स को रखा जाता है, जो सबसे गंभीर रूप से बीमार रोगियों की देखभाल करने में विशेषज्ञ होते हैं।
वर्जन
अस्पताल में मोचरी के पास क्रिटिकल केयर यूनिट के अलावा आधुनिक लैब बनाई जानी है। इसके लिए चंडीगढ़ से टीम विजिट कर चुकी है। अब आगामी एस्टीमेट व अन्य कार्रवाई मुख्यालय से होनी है।
डॉ. नरेश दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल, झज्जर
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। सिविल अस्पताल में फिलहाल गंभीर मरीज आने की स्थिति में उसे रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीजों की जान तक बन आती है। पिछले कुछ साल के दौरान कई ऐसे मामले हो चुके हैं, जब गंभीर होने की स्थिति में मरीज को रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीज की जान सांसत में भी आ जाती है। कई गर्भवती महिलाओं को रेफर करने के मामले में तो कई बार रास्ते में ही डिलीवरी के केस भी आ चुके हैं। ऐसे में अब सड़क हादसे में घायल या डिलीवरी के गंभीर केसों में मरीजों को रेफर करने की बजाय यही इलाज मिल सकेगा।
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-आधुनिक लैब भी बनेगी
क्रिटिकल केयर यूनिट के साथ ही आधुनिक नई लैब भी बनाई जाएगी। इसमें आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। इसमें भी सभी प्रकार के टेस्ट की सुविधा हो सकेगी। इसके लिए अब एस्टीमेट तैयार किया जाएगा और नई बिल्डिंग तैयार की जाएगी। फिलहाल जो बिल्डिंग है, उसमें सैंपल देने के बाद बाहर धूप में ही मरीजों को बैठना पड़ता है। उनके बैठने की कोई सुविधा तक नहीं है।
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यह है क्रिटिकल केयर यूनिट
क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) को आईसीयू के रूप में भी जाना जाता है। यह अस्पताल का एक विशेष विभाग है, जिसमें मरीज की गहन देखभाल कर दवाएं दी जाती है और आधुनिक सुविधाओं से लैब होता है। गहन देखभाल इकाइयों में सबसे गंभीर चोटों और बीमारियों वाले ऐसे रोगियों का इलाज किया जाता है, जिनके जीवन को खतरा रहता है और सामान्य शारीरिक कार्यों को बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ उपकरणों और दवाओं से निरंतर निगरानी की जाती है। इसमें उच्च प्रशिक्षित डॉक्टर और क्रिटिकल केयर नर्स को रखा जाता है, जो सबसे गंभीर रूप से बीमार रोगियों की देखभाल करने में विशेषज्ञ होते हैं।
वर्जन
अस्पताल में मोचरी के पास क्रिटिकल केयर यूनिट के अलावा आधुनिक लैब बनाई जानी है। इसके लिए चंडीगढ़ से टीम विजिट कर चुकी है। अब आगामी एस्टीमेट व अन्य कार्रवाई मुख्यालय से होनी है।
डॉ. नरेश दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल, झज्जर