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नफे सिंह हत्याकांड: सीबीआई की चार्जशीट में कई खुलासे, कार में लगाया था GPS ट्रैकर, ये बातें आई सामने

Sun, 16 Jun 2024 08:39 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 16 Jun 2024 08:39 PM IST
सार

गैंगस्टर नंदू ने सचिन से संपर्क कर कहा था कि भाई बहादुरगढ़ में एक दुश्मन मारना है। नफे सिंह हत्याकांड में सीबीआई की चार्जशीट में कई खुलासे हुए हैं। अभी मर्डर का मोटिव साफ नहीं है। दिल्ली के द्वारका की म्यूजिक कार शॉप से एक जीपीएस ट्रैकर खरीदा गया था। ब्रिटेन बेस्ड गैंगस्टर नंदू ने शूटर को सिग्नल एप इंस्टॉल करने का निर्देश दिया था।

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Nafe Singh murder case: Many revelations in CBI charge sheet, GPS tracker was installed in the car
नफे सिंह राठी का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के बहादुरगढ़ में पूर्व विधायक व इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रहे नफे सिंह राठी और उनके समर्थक जयकिशन दलाल हत्याकांड में सीबीआई ने कोर्ट में दाखिल पहली चार्जशीट में कई अहम खुलासे किए हैं। हालांकि हत्याकांड का मोटिव क्या रहा? इसको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। इससे हत्या की वारदात का रहस्य और गहरा गया है।

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हत्याकांड की परतें सुलझाने को लेकर सीबीआई ने एक अहम खुलासा जरूर किया है कि ब्रिटेन बेस्ड गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने सिग्नल एप के जरिये 18 फरवरी को सचिन नाम के शख्स से संपर्क साधा था। कहा था कि अमित गुलिया ने तेरा नंबर दिया था। भाई एक दुश्मन मारना है, 307 करनी है बहादुरगढ़ चले जाओ।
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बहादुरगढ़ में हुए नफे सिंह हत्याकांड की सीबीआई जांच जारी है। पंचकूला सीबीआई कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में ब्रिटेन के एक गैंगस्टर का नाम शामिल किया गया है। सबसे अहम बात यह सामने आई है कि हत्यारों ने नफे सिंह की हत्या से पहले उनकी गाड़ी की लोकेशन जानने के लिए एक जीपीएस सिस्टम भी लगाया था।
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यह जीपीएस ट्रैकर दिल्ली के द्वारका स्थित एक म्यूजिक कार शॉप से खरीदा गया था। ट्रैकर खरीदने वाला कौन था? इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। बताया गया है कि अभी तक जांच में सामने आया है कि चार शूटर और ब्रिटेन में रहने वाले गैंगस्टर नंदू ने सिग्नल एप के जरिए बातचीत की थी।

नफे सिंह राठी हत्याकांड के बाद नंदू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करके इसकी जिम्मेदारी ली थी। बताया गया है कि मर्डर से पहले सचिन ने इस काम में मदद के लिए आशीष उर्फ बाबा को चुना। 23 फरवरी को वे नांगलोई से बहादुरगढ़ मेट्रो स्टेशन गए, जहां सचिन ने नंदू के निर्देशानुसार सेल्फी ली और उसे भेज दी। इसके बाद 25 फरवरी को नफे सिंह राठी की हत्या की गई।


दो शूटर गिरफ्तार, दो आरोपी फरार
पुलिस ने इस मामले में गोवा के होटल से दो शूटर आशीष और सौरव को गिरफ्तार किया था, जबकि नजफगढ़ निवासी अतुल प्रधान और नारनौल निवासी नकुल सांगवान अभी फरार चल रहे हैं। शूटर्स को कार उपलब्ध कराने के आरोप में पुलिस ने बिजवासन निवासी धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने घटना को लेकर दिल्ली की मंडौली जेल में बंद अमित गुलिया से भी प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की थी।

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