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स्कूल से पहली कक्षा का मूक-बधिरछात्र लापता
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। अचीना गांव के राजकीय स्कूल का पहली कक्षा का मूक-बधिर विद्यार्थी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। शिक्षक वोट बनवाने के लिए सर्टिफिकेट लेने पहुंचे लोगों के रिकॉर्ड खंगालने में लगे थे, इसी दौरान छात्र स्कूल परिसर से बाहर निकल गया। छात्र के लापता होने की जानकारी मिलते ही स्कूल में हड़कंप मच गया। स्कूल के प्रधानाचार्य ने मामले की शिकायत अचीना ताल पुलिस चौकी में दी। पुलिस ने केस दर्ज कर गांव के अलावा आसपास भी छात्र को तलाशा लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। रविवार सुबह पुलिस की डॉग स्क्वायड टीम भी पहुंची। इसके अलावा गांव के जोहड़ में भी उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
जानकारी के अनुसार अचीना निवासी पार्थ गांव के राजकीय स्कूल की प्राथमिक विंग में पहली कक्षा का छात्र है। इस स्कूल में प्राइमरी कक्षाएं ग्राउंड फ्लोर पर लगती हैं जबकि छठी से 12वीं तक की कक्षाएं पहली मंजिल पर लगती हैं। पार्थ की मां मुकेश भी इसी स्कूल में ड्राइंग टीचर हैं। वह पांच वर्ष से यहां कार्यरत हैं। शनिवार सुबह पार्थ उनके साथ सवा नौ बजे स्कूल आया था और साढ़े नौ बजे प्रार्थना सभा हुई थी। इसके बाद स्कूल के सभी बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में चले गए। स्कूल के प्रधानाचार्य विजय ने बताया कि प्राइमरी हेड ही पहली कक्षा को पढ़ाता है। शनिवार को वोट बनवाने के लिए जन्म तिथि संबंधी दस्तावेज मांगने पर कुछ ग्रामीण स्कूल परिसर में सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे थे। प्राइमरी हेड अपनी कक्षा के बगल वाले कमरे में पुराना रिकॉर्ड की जांच कर रहे थे। उन्होंने पार्थ को कक्षा के सहपाठी के साथ उसकी मां मुकेश के पास भेजा था। इसी बीच वह स्कूल परिसर से बाहर निकल गया। ग्रामीणों के सर्टिफिकेट बनाने के बाद कक्षा इंचार्ज सवा दस बजे जब अपनी क्लास में पहुंचे तो पार्थ को ढूंढते हुए ड्राइंग शिक्षिका मुकेश देवी भी वहां आ गई। इसी दौरान पार्थ के लापता होने की बात स्कूल स्टाफ को पता चली। पार्थ की मां मुकेश देवी ने बताया कि उनका बेटा मूक-बधिर है और मानसिक रूप से भी कमजोर है। उसके लापता होने का पता चलते ही स्कूल शिक्षक और बड़ी कक्षाओं के बच्चों को उसे ढूंढने के लिए भेजा गया लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। इसके बाद अचीना पुलिस चौक को लिखित शिकायत सौंपी गई। शिकायत में पार्थ के शारीरिक रूप से सक्षम न होने के चलते पशुओं से खतरा होने का अंदेशा भी जताया गया है। पुलिस ने इस संबंध में गुमशुदगी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ट्रैक्टर पर बैठा देखा गया था आखिरी बार
स्कूल प्रधानाचार्य विजय कुमार ने स्कूली छात्र के लापता होने की सूचना उच्चाधिकारियों को भी दी। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की शिकायत पुलिस को देने के निर्देश दिए। प्रधानाचार्य ने बताया कि सुबह पार्थ को गांव की एक गली में खड़े ट्रैक्टर पर बैठा देखा गया था लेकिन इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं लगा।
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रातभर चला सर्च अभियान, सुबह पहुंची डॉग स्क्वायड टीम
पार्थ को खोजने के लिए रात करीब 11 बजे तक गांव और आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चला। इस दौरान ग्रामीणों व स्टाफ सदस्यों ने स्कूल के समीप बने जोहड़ के आसपास भी सर्च अभियान चलाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद रविवार सुबह डॉग स्क्वायड टीम अचीना पहुंची और पार्थ के कपड़े और जूते सुंघाकर कुत्ते को क्षेत्र में दो घंटे तक घुमाया गया लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया।
हमने बच्चे की हर जगह तलाश कर ली लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया है। शनिवार को ग्रामीणों के आने के चलते स्कूल का मेन गेट खुला था। इसी बीच पार्थ लापता हो गया। रविवार सुबह डॉग स्क्वायड की टीम भी गांव पहुंची लेकिन दो घंटे की खोजबीन के बाद भी सफलता हाथ नहीं लग पाई। आसपास के गांवों में भी पार्थ के बारे में जानकारी दी गई है। मैंने इस संबंध में अचीना ताल पुलिस चौकी में शिकायत दी है। - विजय कुमार, प्रधानाचार्य, अचीना राजकीय स्कूल
शिकायत मिलते ही पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर लिया था। शनिवार रात तक सर्च अभियान चलाया गया और रविवार सुबह डॉग स्क्वायड टीम भी बुलाई गई। जाल की मदद से बच्चे को जोहड़ में तलाशने का भी पुलिस प्रयास कर रही है। - जोगेंद्र कुमार, इंचार्ज, अचीना पुलिस चौकी
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चरखी दादरी। अचीना गांव के राजकीय स्कूल का पहली कक्षा का मूक-बधिर विद्यार्थी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। शिक्षक वोट बनवाने के लिए सर्टिफिकेट लेने पहुंचे लोगों के रिकॉर्ड खंगालने में लगे थे, इसी दौरान छात्र स्कूल परिसर से बाहर निकल गया। छात्र के लापता होने की जानकारी मिलते ही स्कूल में हड़कंप मच गया। स्कूल के प्रधानाचार्य ने मामले की शिकायत अचीना ताल पुलिस चौकी में दी। पुलिस ने केस दर्ज कर गांव के अलावा आसपास भी छात्र को तलाशा लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। रविवार सुबह पुलिस की डॉग स्क्वायड टीम भी पहुंची। इसके अलावा गांव के जोहड़ में भी उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
जानकारी के अनुसार अचीना निवासी पार्थ गांव के राजकीय स्कूल की प्राथमिक विंग में पहली कक्षा का छात्र है। इस स्कूल में प्राइमरी कक्षाएं ग्राउंड फ्लोर पर लगती हैं जबकि छठी से 12वीं तक की कक्षाएं पहली मंजिल पर लगती हैं। पार्थ की मां मुकेश भी इसी स्कूल में ड्राइंग टीचर हैं। वह पांच वर्ष से यहां कार्यरत हैं। शनिवार सुबह पार्थ उनके साथ सवा नौ बजे स्कूल आया था और साढ़े नौ बजे प्रार्थना सभा हुई थी। इसके बाद स्कूल के सभी बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में चले गए। स्कूल के प्रधानाचार्य विजय ने बताया कि प्राइमरी हेड ही पहली कक्षा को पढ़ाता है। शनिवार को वोट बनवाने के लिए जन्म तिथि संबंधी दस्तावेज मांगने पर कुछ ग्रामीण स्कूल परिसर में सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे थे। प्राइमरी हेड अपनी कक्षा के बगल वाले कमरे में पुराना रिकॉर्ड की जांच कर रहे थे। उन्होंने पार्थ को कक्षा के सहपाठी के साथ उसकी मां मुकेश के पास भेजा था। इसी बीच वह स्कूल परिसर से बाहर निकल गया। ग्रामीणों के सर्टिफिकेट बनाने के बाद कक्षा इंचार्ज सवा दस बजे जब अपनी क्लास में पहुंचे तो पार्थ को ढूंढते हुए ड्राइंग शिक्षिका मुकेश देवी भी वहां आ गई। इसी दौरान पार्थ के लापता होने की बात स्कूल स्टाफ को पता चली। पार्थ की मां मुकेश देवी ने बताया कि उनका बेटा मूक-बधिर है और मानसिक रूप से भी कमजोर है। उसके लापता होने का पता चलते ही स्कूल शिक्षक और बड़ी कक्षाओं के बच्चों को उसे ढूंढने के लिए भेजा गया लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। इसके बाद अचीना पुलिस चौक को लिखित शिकायत सौंपी गई। शिकायत में पार्थ के शारीरिक रूप से सक्षम न होने के चलते पशुओं से खतरा होने का अंदेशा भी जताया गया है। पुलिस ने इस संबंध में गुमशुदगी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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ट्रैक्टर पर बैठा देखा गया था आखिरी बार
स्कूल प्रधानाचार्य विजय कुमार ने स्कूली छात्र के लापता होने की सूचना उच्चाधिकारियों को भी दी। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की शिकायत पुलिस को देने के निर्देश दिए। प्रधानाचार्य ने बताया कि सुबह पार्थ को गांव की एक गली में खड़े ट्रैक्टर पर बैठा देखा गया था लेकिन इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं लगा।
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रातभर चला सर्च अभियान, सुबह पहुंची डॉग स्क्वायड टीम
पार्थ को खोजने के लिए रात करीब 11 बजे तक गांव और आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चला। इस दौरान ग्रामीणों व स्टाफ सदस्यों ने स्कूल के समीप बने जोहड़ के आसपास भी सर्च अभियान चलाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद रविवार सुबह डॉग स्क्वायड टीम अचीना पहुंची और पार्थ के कपड़े और जूते सुंघाकर कुत्ते को क्षेत्र में दो घंटे तक घुमाया गया लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया।
हमने बच्चे की हर जगह तलाश कर ली लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया है। शनिवार को ग्रामीणों के आने के चलते स्कूल का मेन गेट खुला था। इसी बीच पार्थ लापता हो गया। रविवार सुबह डॉग स्क्वायड की टीम भी गांव पहुंची लेकिन दो घंटे की खोजबीन के बाद भी सफलता हाथ नहीं लग पाई। आसपास के गांवों में भी पार्थ के बारे में जानकारी दी गई है। मैंने इस संबंध में अचीना ताल पुलिस चौकी में शिकायत दी है। - विजय कुमार, प्रधानाचार्य, अचीना राजकीय स्कूल
शिकायत मिलते ही पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर लिया था। शनिवार रात तक सर्च अभियान चलाया गया और रविवार सुबह डॉग स्क्वायड टीम भी बुलाई गई। जाल की मदद से बच्चे को जोहड़ में तलाशने का भी पुलिस प्रयास कर रही है। - जोगेंद्र कुमार, इंचार्ज, अचीना पुलिस चौकी