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शहर की तीसरी आंख को हुआ मोतियाबिंद
Updated Thu, 30 Nov 2017 01:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
शहर में अगर कोई वारदात हो जाती है तो पुलिस का ध्यान सीसीटीवी की ओर जाता है। लेकिन पुलिस विभाग अपने पैसे से ही लगवाए गए सीसीटीवी का ध्यान नहीं रख पाया, जिसके चलते शहर की तीसरी आंख को मोतियाबिंद हो चुका है। इसका ऑपरेशन अगर सही समय पर नहीं हुआ तो किसी दिन पर पुलिस को बड़ी परेशानी झेलनी होगी। शहर की तीसरी आंख यानि सीसीटीवी के हाल जानने के लिए अमर उजाला टीम ने बुधवार को शहर का दौरा किया। इस दौरान पाया कि शहर के दिल्ली गेट व कुलदीप चौक पर लगे कैमरे सही दिशा में लगे हैं और सही कार्य कर रहे हैं। लेकिन बादली के सुखदेव होटल चौक व शहर के सबसे व्यस्त चौक में से एक राव तुलाराम चौक पर चारों कैमरे टूटे पड़े हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वारदात होने की स्थिति में पुलिस को अपने ही कैमरों से कोई मदद नहीं मिल पाएगी।
फरवरी 2016 में समझ आई थी जरूरत
शहर को फरवरी 2016 को हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा व आगजनी के दौरान काफी नुकसान उठाना पड़ा था। जिसके बाद सरकार के आदेश पर संदिग्धों को ढूंढने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया था। इस दौरान निजी प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी पुलिस के लिए फायदेमंद साबित हुए थे। जिस पर तत्कालीन एसपी जश्नदीप रंधावा ने इनकी जरूरत समझते हुए चार स्थानों पर सीसीटीवी लगवाए थे। इनमें से दो स्थानों पर कैमरों की हालत खस्ता हो चुकी है।
पौने दो करोड़ से लगने हैं 31 कैमरे, मुख्यालय में अटका प्रस्ताव
मातनहेल रैली में सीएम के द्वारा शहर में सीसीटीवी लगाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद झज्जर नपा के अधिकारियों ने शहर में कैमरे लगवाने का प्रस्ताव बनाकर विभाग के मुख्यालय को भेजा था। प्लान के मुताबिक शहर के मुख्य स्थानों पर एक करोड़ 77 लाख की लागत से 31 कैमरे लगाए जाने हैं। विभाग ने वायर के झंझट से मुक्ति के लिए प्रपोजल में वायरलेस कैमरे लगवाने का खाका तैयार किया गया है। साथ ही कैमरे लगाने वाली कंपनी ही सात साल तक इनका रखरखाव भी करेगी। नपा के द्वारा एसपी से लोकेशन मांगी गई थी, जिसके अनुसार ही कैमरों का एस्टिमेट बनाया था।
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प्रपोजल में पुलिस द्वारा नपा को दी गई लोकेशन
जगह कैमरों की संख्या
बस स्टैंड झज्जर 4
अंबेडकर चौक 3
छिक्कारा चौक 4
डायमंड चौक 2
भगत सिंह चौक 2
थाना झज्जर चौक 2
पुरानी अनाज मंडी चौक 3
महिला अग्रसेन कॉलेज 4
ब्वॉयज व गर्ल्स स्कूल चौक 4
राव तुलाराम चौक 2
कुल 31
वर्जन
पुलिस विभाग द्वारा शहर में लगवाए गए कैमरों का रखरखाव करवाया जाएगा और देखरेख के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुछ दिन पूर्व ही झज्जर थाने का चार्ज संभाला था तो उन्हें कैमरों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
- सुमित, एसएचओ, झज्जर थाना।
वर्जन
शहर के मुख्य चौराहों पर कैमरे लगाने के लिए सीएम ने घोषणा की थी। इसके बाद पुलिस विभाग से लोकेशन लेकर मुख्यालय को अगस्त में प्रस्ताव भेज दिया था। जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। जैसे ही मंजूरी मिल जाएगी, कैमरे लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
- फरवरी 2016 के आंदोलन में एसपी ने लगवाए थे चार चौकों पर कैमरे
- दो जगह पर टूट चुके हैं कैमरे, लटकी हुई तार और खराब पड़ी हैं डीवीआर
- नपा ने अगस्त में भेजा था 31 कैमरे लगाने का प्रस्ताव, नहीं मिल हरी झंडी
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झज्जर।
शहर में अगर कोई वारदात हो जाती है तो पुलिस का ध्यान सीसीटीवी की ओर जाता है। लेकिन पुलिस विभाग अपने पैसे से ही लगवाए गए सीसीटीवी का ध्यान नहीं रख पाया, जिसके चलते शहर की तीसरी आंख को मोतियाबिंद हो चुका है। इसका ऑपरेशन अगर सही समय पर नहीं हुआ तो किसी दिन पर पुलिस को बड़ी परेशानी झेलनी होगी। शहर की तीसरी आंख यानि सीसीटीवी के हाल जानने के लिए अमर उजाला टीम ने बुधवार को शहर का दौरा किया। इस दौरान पाया कि शहर के दिल्ली गेट व कुलदीप चौक पर लगे कैमरे सही दिशा में लगे हैं और सही कार्य कर रहे हैं। लेकिन बादली के सुखदेव होटल चौक व शहर के सबसे व्यस्त चौक में से एक राव तुलाराम चौक पर चारों कैमरे टूटे पड़े हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वारदात होने की स्थिति में पुलिस को अपने ही कैमरों से कोई मदद नहीं मिल पाएगी।
फरवरी 2016 में समझ आई थी जरूरत
शहर को फरवरी 2016 को हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा व आगजनी के दौरान काफी नुकसान उठाना पड़ा था। जिसके बाद सरकार के आदेश पर संदिग्धों को ढूंढने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया था। इस दौरान निजी प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी पुलिस के लिए फायदेमंद साबित हुए थे। जिस पर तत्कालीन एसपी जश्नदीप रंधावा ने इनकी जरूरत समझते हुए चार स्थानों पर सीसीटीवी लगवाए थे। इनमें से दो स्थानों पर कैमरों की हालत खस्ता हो चुकी है।
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पौने दो करोड़ से लगने हैं 31 कैमरे, मुख्यालय में अटका प्रस्ताव
मातनहेल रैली में सीएम के द्वारा शहर में सीसीटीवी लगाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद झज्जर नपा के अधिकारियों ने शहर में कैमरे लगवाने का प्रस्ताव बनाकर विभाग के मुख्यालय को भेजा था। प्लान के मुताबिक शहर के मुख्य स्थानों पर एक करोड़ 77 लाख की लागत से 31 कैमरे लगाए जाने हैं। विभाग ने वायर के झंझट से मुक्ति के लिए प्रपोजल में वायरलेस कैमरे लगवाने का खाका तैयार किया गया है। साथ ही कैमरे लगाने वाली कंपनी ही सात साल तक इनका रखरखाव भी करेगी। नपा के द्वारा एसपी से लोकेशन मांगी गई थी, जिसके अनुसार ही कैमरों का एस्टिमेट बनाया था।
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प्रपोजल में पुलिस द्वारा नपा को दी गई लोकेशन
जगह कैमरों की संख्या
बस स्टैंड झज्जर 4
अंबेडकर चौक 3
छिक्कारा चौक 4
डायमंड चौक 2
भगत सिंह चौक 2
थाना झज्जर चौक 2
पुरानी अनाज मंडी चौक 3
महिला अग्रसेन कॉलेज 4
ब्वॉयज व गर्ल्स स्कूल चौक 4
राव तुलाराम चौक 2
कुल 31
वर्जन
पुलिस विभाग द्वारा शहर में लगवाए गए कैमरों का रखरखाव करवाया जाएगा और देखरेख के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। कुछ दिन पूर्व ही झज्जर थाने का चार्ज संभाला था तो उन्हें कैमरों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
- सुमित, एसएचओ, झज्जर थाना।
वर्जन
शहर के मुख्य चौराहों पर कैमरे लगाने के लिए सीएम ने घोषणा की थी। इसके बाद पुलिस विभाग से लोकेशन लेकर मुख्यालय को अगस्त में प्रस्ताव भेज दिया था। जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। जैसे ही मंजूरी मिल जाएगी, कैमरे लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
- फरवरी 2016 के आंदोलन में एसपी ने लगवाए थे चार चौकों पर कैमरे
- दो जगह पर टूट चुके हैं कैमरे, लटकी हुई तार और खराब पड़ी हैं डीवीआर
- नपा ने अगस्त में भेजा था 31 कैमरे लगाने का प्रस्ताव, नहीं मिल हरी झंडी