{"_id":"5b96d64d867a557fe67e1767","slug":"71536611917-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओएलएक्स पर डील करनी महंगी पड़ी, फोन तो मिला नहीं 41 हजार भी गंवाए","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ओएलएक्स पर डील करनी महंगी पड़ी, फोन तो मिला नहीं 41 हजार भी गंवाए
Updated Tue, 11 Sep 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बहादुरगढ़। ओएलएक्स पर किसी अज्ञात के साथ की गई मोबाइल की डील लाइनपार निवासी युवक को काफी महंगी पड़ गई। युवक को मोबाइल तो मिला नहीं, वह 39 हजार रुपये भी गंवा बैठा। अब अपने रुपयों की वापसी के लिए वह पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है। उधर, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, लाइनपार के शास्त्री नगर (गली नंबर-3) के निवासी नवीन कुमार ने गत छह सितंबर को ओएलएक्स पर उसने एक मोबाइल पसंद किया। साइट पर उक्त मोबाइल का विज्ञापन किसी जयकिशन फौजी ने डाला हुआ था। नवीन ने विज्ञापन में लिखे मोबाइल नंबर पर कांटेक्ट किया तो उसने अपना नाम जयकिशन बताया और कहा कि वह फौजी है फिलहाल उसकी पोस्टिंग लुधियाना कैंप में है। उनके बीच 9 हजार रुपये में फोन का सौदा तय हो जाता है। नवीन के मुताबिक, खुद को जयकिशन फौजी बताने वाला शख्स कहता है कि तुम पेटीएम के जरिये रुपये ट्रांसफर कर दो, मैं मोबाइल कोरियर कर देता हूं। उक्त शख्स ने अपनी आईडी और पेटीएम अकाउंट की डिटेल भेजी तो उसने 9 हजार रुपये अपने एटीएम खाते से ट्रांसफर कर दिए।
इस तरह और ठगे रुपये
नवीन की माने तो उसी शाम करीब सात बजे उसके पास एक कॉल आती है। कॉलर कहता है कि आपका कोरियर आ गया है। फिलहाल सराय मोड़ पर हूं अपना कोरियर ले जाओ। इसके बाद उसकी फिर कॉल आती है और कहता है कि फौजी ने इस कोरियर पर इंश्योरेंस करा रखा है। पहले 10 हजार 60 रुपये ट्रांसफर करो। फिर मैंने उक्त राशि पेटीएम के जरिये ट्रांसफर कर दी। इसके बाद उक्त शख्स ने कहा कि 10 हजार 60 नहीं 10 हजार सात रुपये भेजने थे। चलो कोई नहीं दोबारा भेज दो फिर अपने 20 हजार नकद और मोबाइल ले लेना। मैंने फिर से रुपये सेंड कर दिए। बातों में उलझा कर उक्त शातिर ने उससे फिर 10 हजार रुपये डलवा लिए। इस तरह से उक्त शातिरों ने उससे 39 हजार रुपये की चपत लगा दी फिर मोबाइल बंद कर लिया।
विज्ञापन
नवीन ने बताया कि वह उसी दिन लाइनपार थाने में गया, तब तो पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। इस पर उसने पेटीएम में शिकायत दी। पेटीएम के अधिकारियों ने पुलिस एफआईआर की कॉपी मांगी। इसके बाद वह फिर थाने गया और तब जाकर धोखाधड़ी का केस दर्ज हो पाया। बकौल नवीन, खुद का नाम जयकिशन फौजी बताने वाले शख्स से उसकी फोन पर बात हो रही है। वह बात करता है लेकिन रुपये का जिक्र होते ही फोन काट देता है। ।
की जा रही है जांच : एसएचओ
युवक की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही शातिरों तक पहुंचा जाएगा। आमजन भी जागरूक रहें। ऑनलाइन शॉपिंग करते समय जागरूकता दिखाएं, किसी के बहकावे में न आएं।
-अमित कुमार, एसएचओ, लाइनपार थाना बहादुरगढ़।
दरअसल, लाइनपार के शास्त्री नगर (गली नंबर-3) के निवासी नवीन कुमार ने गत छह सितंबर को ओएलएक्स पर उसने एक मोबाइल पसंद किया। साइट पर उक्त मोबाइल का विज्ञापन किसी जयकिशन फौजी ने डाला हुआ था। नवीन ने विज्ञापन में लिखे मोबाइल नंबर पर कांटेक्ट किया तो उसने अपना नाम जयकिशन बताया और कहा कि वह फौजी है फिलहाल उसकी पोस्टिंग लुधियाना कैंप में है। उनके बीच 9 हजार रुपये में फोन का सौदा तय हो जाता है। नवीन के मुताबिक, खुद को जयकिशन फौजी बताने वाला शख्स कहता है कि तुम पेटीएम के जरिये रुपये ट्रांसफर कर दो, मैं मोबाइल कोरियर कर देता हूं। उक्त शख्स ने अपनी आईडी और पेटीएम अकाउंट की डिटेल भेजी तो उसने 9 हजार रुपये अपने एटीएम खाते से ट्रांसफर कर दिए।
विज्ञापन
इस तरह और ठगे रुपये
नवीन की माने तो उसी शाम करीब सात बजे उसके पास एक कॉल आती है। कॉलर कहता है कि आपका कोरियर आ गया है। फिलहाल सराय मोड़ पर हूं अपना कोरियर ले जाओ। इसके बाद उसकी फिर कॉल आती है और कहता है कि फौजी ने इस कोरियर पर इंश्योरेंस करा रखा है। पहले 10 हजार 60 रुपये ट्रांसफर करो। फिर मैंने उक्त राशि पेटीएम के जरिये ट्रांसफर कर दी। इसके बाद उक्त शख्स ने कहा कि 10 हजार 60 नहीं 10 हजार सात रुपये भेजने थे। चलो कोई नहीं दोबारा भेज दो फिर अपने 20 हजार नकद और मोबाइल ले लेना। मैंने फिर से रुपये सेंड कर दिए। बातों में उलझा कर उक्त शातिर ने उससे फिर 10 हजार रुपये डलवा लिए। इस तरह से उक्त शातिरों ने उससे 39 हजार रुपये की चपत लगा दी फिर मोबाइल बंद कर लिया।
विज्ञापन
नवीन ने बताया कि वह उसी दिन लाइनपार थाने में गया, तब तो पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। इस पर उसने पेटीएम में शिकायत दी। पेटीएम के अधिकारियों ने पुलिस एफआईआर की कॉपी मांगी। इसके बाद वह फिर थाने गया और तब जाकर धोखाधड़ी का केस दर्ज हो पाया। बकौल नवीन, खुद का नाम जयकिशन फौजी बताने वाले शख्स से उसकी फोन पर बात हो रही है। वह बात करता है लेकिन रुपये का जिक्र होते ही फोन काट देता है। ।
की जा रही है जांच : एसएचओ
युवक की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही शातिरों तक पहुंचा जाएगा। आमजन भी जागरूक रहें। ऑनलाइन शॉपिंग करते समय जागरूकता दिखाएं, किसी के बहकावे में न आएं।
-अमित कुमार, एसएचओ, लाइनपार थाना बहादुरगढ़।