फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   आंदोलन पीड़ितों ने हाईकोर्ट जज से मांगी सुरक्षा

आंदोलन पीड़ितों ने हाईकोर्ट जज से मांगी सुरक्षा

Thu, 22 Feb 2018 01:49 AM IST
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:49 AM IST
विज्ञापन
आंदोलन पीड़ितों ने हाईकोर्ट जज से मांगी सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झज्जर।
जाट आरक्षण आंदोलन के पीड़ित झज्जर के छावनी मोहल्ला निवासी परिवारों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर सुरक्षा दिलाने की मांग की है। साथ ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष और एक अधिवक्ता पर गवाही से पीछे हटने का दबाव बनाने व धमकी देने का आरोप लगाया है।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में छावनी मोहल्ला निवासी उदयपाल, अशोक व हंसराज ने कहा है कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य अधिवक्ता ने उन्हें धमकी दी है कि कोर्ट में चल रहे मामले में गवाही देने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उपरोक्त परिवारों के सदस्यों ने पत्र में सुरक्षा और न्याय मांगा है। उन्होंने कहा है कि पहले भी परिवारों के सदस्यों ने लिखा है कि फरवरी 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान छावनी मोहल्ले में लूटपाट व आगजनी की घटनाओं के अलावा कई लोगों की हत्या गई थी। उक्त मामले झज्जर की अदालत में विचाराधीन है और गवाही अभी नहीं हो पाई है।
विज्ञापन

पत्र में कहा गया है कि पीड़ित परिवारों का हरियाणा प्रदेश में बाहुल्य न होने के कारण अभी तक कोई मुआवजा सरकार की तरफ से नहीं मिला है और न ही सुरक्षा मिल पा रही है। पत्र में आरोप लगाया कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष जितेंद्र धनखड़ कई बार दूसरे लोगों के साथ उनके घर आकर गवाही न देने का दबाव बना चुके हैं और धमकी भी दे रहे हैं कि यदि गवाही दी तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


न मुआवजा मिला, न नौकरी : रामफल
झज्जर के छावनी मोहल्ले में सैनी समाज की बैठक एडवोकेट रामफल सैनी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी 2016 में सैनी समाज के दो लोगों की हत्या के बाद भी उनके परिजनों को सरकार द्वारा अभी तक नौकरी न दिए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई गई।

सैनी समाज की बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जाट समाज के लोगों पर दर्ज मामले वापस लेने पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई। उन्होंन कहा कि दोषियों पर दर्ज केस वापस लेना न्याय संगत नहीं है, दोषियों पर केस फिर से चलाए जाने की मांग की गई। बैठक में सैनी समाज के पीड़ित परिवारों को अभी तक नुकसान का मुआवजा न दिए जाने पर भी कड़ा रोष जताया गया। बैठक में जिला उपायुक्त को मांगों को लेकर ज्ञापन देने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में चुन्नीलाल सैनी, पार्षद किशोर सैनी, कंवर सिंह सैनी, सत्यवीर सैनी, सतबीर सैनी, अशोक कुमार, सुंदर, रामअवतार सहित काफी संख्या में लोग शामिल रहे।


दबाव डालने से मिलेगा हक
झज्जर सैनी समाज की पंचायत में उदयपाल सिंह ने कहा कि सरकार दबाव में कार्य कर रही है। जाटों ने सरकार पर दबाव डालकर, प्रदर्शन कर दर्ज मुकदमों को वापस करा लिया। सरकार ये चाहती है कि सैनी समाज के लोग भी सरकार पर दबाव डालें। लगता है दबाव डालने के बाद ही सरकार हमें हमारा हक देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed