{"_id":"59b83d4b4f1c1be97f8b66f8","slug":"71505246539-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं स्कूल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं स्कूल
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर के प्राइवेट स्कूल सीबीएसई के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह खामी मंगलवार को उस समय उजागर हुई जब शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग के अलावा बाल संरक्षण आयोग के अधिकारियों ने स्कूलों में पहुंचकर जांच अभियान चलाया। जांच में पता चला कि न तो स्कूल प्रबंधन की ओर से स्टाफ की वेरिफिकेशन कराई गई है और न ही स्कूल में कर्मचारियों की आईडी वर्दी पर नजर आई। खामियां देख अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन पर झाड़ लगाते हुए आगामी तीन दिनों के अंदर स्टॉफ की वेरिफिकेशन करवाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में पिछले दिनों एक सात वर्षीय छात्र के हुए मर्डर के बाद प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा विभाग व बाल संरक्षण आयोग ने चेकिंग अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत मंगलवार को टीम के अधिकारी यहां भी पहुंचे और सबसे पहले उन्होंने शहर के बाल भारती स्कूल में पहुंचकर रिकार्ड को खंगाला। जहां रिकार्ड में भारी खामियां मिली। इस पर बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बीके गोयल ने प्रबंधन को काफी फटकार लगाई और कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ये मिली खामियां
बाल भारती स्कूल में प्रशासनिक अधिकारियों को कई खामियां मिली। आयोग के सदस्य बीके गोयल ने पूरे स्कूल में निरीक्षण किया और स्कूल की कमियों को प्रबंधन के आगे गिनाया। मुख्य रूप से स्कूल में निचले से लेकर ऊपरी स्टाफ तक किसी की भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराई गई। इसके अलावा स्कूल में पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से काम कर रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की वर्दी पर न तो नेम प्लेट ही नजर आई और न ही उसके पास आईडी कार्ड मिला। स्कूल में कहीं पर शिकायत बाक्स भी रखा नजर नहीं आया। स्कूल की ओर से स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का रजिस्टर भी पेश नहीं किया गया। इन्हीं बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के प्रति किस तरह की लापरवाही सामने आ रही है।
विज्ञापन
ये अधिकारी रहे शामिल
शहर के स्कूलों में जांच के लिए पुलिस, प्रशासन, शिक्षा विभाग के अलावा बाल संरक्षण आयोग के अधिकारी शामिल रहे। मुख्य रूप से आयोग के सदस्य बीके गोयल, डीएसपी भगतराम, ट्रैफिक एसएचओ अशोक कुमार, ट्रैफिक पुलिस के एएसआई सतीश कुमार के अलावा शिक्षा विभाग से खंड शिक्षा अधिकारी मदन चोपड़ा उपस्थित रहे।
दो महीने में हुए 150 स्कूल बसों के चालान
बहादुरगढ़ में बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक पुलिस की ओर से दो महीने में 150 स्कूल बसों के चालान किए गए हैं। अब इन चालानों में तेजी आ गई है। सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने 7 ऐसी स्कूल बसों के चालान किए। जिनमें या तो लेडी कंडक्टर या टीचर नहीं थे या उनके ड्राइवरों ने नेम प्लेट नहीं लगा थी या फिर चालक द्वारा सीट बेल्ट का उपयोग नहीं किया गया था। साथ ही एक ऑटो का भी चालान किया है। जिसमें अधिक बच्चों को बैठाया गया था।
छुट्टी होते ही मेन रोड पर भारी तादाद में आते हैं बच्चे
बाल भारती स्कूल के बच्चों को छुट्टी के बाद शहर के रोहतक रोड मेन सड़क पर निकाल दिया जाता है। इससे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। इस पर भी अधिकारियों की नजरें रही। इसके लिए अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को गेट बंद करके किसी अन्य रास्ते से जाने के लिए आदेश दिए हैं। खास बात यह है कि इस तरह के आदेश एसडीएम बहादुरगढ़ की ओर से दस माह पहले भी एक पत्र व्यवहार करके दिए गए थे। मगर स्कूल अपनी हरकतों से किसी तरह भी बाज नहीं आ रहा है। लगातार बच्चों को मेन पर सड़क जाने दिया जाता है।
बच्चों की सुरक्षा से नहीं होगा खिलवाड़ : गोयल
बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बीके गोयल ने कहा कि रयान इंटरनेशनल स्कूल की घटना से स्कूलों में सिक्योरिटी सिस्टम को खंगाला जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक क्यों न जाना पड़े। मंगलवार को बहादुरगढ़ के बाल भारती स्कूल का निरीक्षण किया, जहां कई तरह की खामियां मिली। इसके लिए स्कूल प्रबंधन को जल्द खामियों को दूर करने के लिए निर्देश दिए हैं। यदि आगामी तीन दिनों में कमियों को दूर नहीं किया तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूलों का निरीक्षण किया तो मिली खामियां
- नहीं मिला स्कूल स्टाफ का वेरिफिकेशन
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नहीं मिले आई कार्ड
- पुलिस ने गत डेढ़ माह में 150 बसों के काटे चालान
विज्ञापन
बहादुरगढ़।
शहर के प्राइवेट स्कूल सीबीएसई के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह खामी मंगलवार को उस समय उजागर हुई जब शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग के अलावा बाल संरक्षण आयोग के अधिकारियों ने स्कूलों में पहुंचकर जांच अभियान चलाया। जांच में पता चला कि न तो स्कूल प्रबंधन की ओर से स्टाफ की वेरिफिकेशन कराई गई है और न ही स्कूल में कर्मचारियों की आईडी वर्दी पर नजर आई। खामियां देख अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन पर झाड़ लगाते हुए आगामी तीन दिनों के अंदर स्टॉफ की वेरिफिकेशन करवाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में पिछले दिनों एक सात वर्षीय छात्र के हुए मर्डर के बाद प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा विभाग व बाल संरक्षण आयोग ने चेकिंग अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत मंगलवार को टीम के अधिकारी यहां भी पहुंचे और सबसे पहले उन्होंने शहर के बाल भारती स्कूल में पहुंचकर रिकार्ड को खंगाला। जहां रिकार्ड में भारी खामियां मिली। इस पर बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बीके गोयल ने प्रबंधन को काफी फटकार लगाई और कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
ये मिली खामियां
बाल भारती स्कूल में प्रशासनिक अधिकारियों को कई खामियां मिली। आयोग के सदस्य बीके गोयल ने पूरे स्कूल में निरीक्षण किया और स्कूल की कमियों को प्रबंधन के आगे गिनाया। मुख्य रूप से स्कूल में निचले से लेकर ऊपरी स्टाफ तक किसी की भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराई गई। इसके अलावा स्कूल में पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से काम कर रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की वर्दी पर न तो नेम प्लेट ही नजर आई और न ही उसके पास आईडी कार्ड मिला। स्कूल में कहीं पर शिकायत बाक्स भी रखा नजर नहीं आया। स्कूल की ओर से स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का रजिस्टर भी पेश नहीं किया गया। इन्हीं बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के प्रति किस तरह की लापरवाही सामने आ रही है।
विज्ञापन
ये अधिकारी रहे शामिल
शहर के स्कूलों में जांच के लिए पुलिस, प्रशासन, शिक्षा विभाग के अलावा बाल संरक्षण आयोग के अधिकारी शामिल रहे। मुख्य रूप से आयोग के सदस्य बीके गोयल, डीएसपी भगतराम, ट्रैफिक एसएचओ अशोक कुमार, ट्रैफिक पुलिस के एएसआई सतीश कुमार के अलावा शिक्षा विभाग से खंड शिक्षा अधिकारी मदन चोपड़ा उपस्थित रहे।
दो महीने में हुए 150 स्कूल बसों के चालान
बहादुरगढ़ में बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक पुलिस की ओर से दो महीने में 150 स्कूल बसों के चालान किए गए हैं। अब इन चालानों में तेजी आ गई है। सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने 7 ऐसी स्कूल बसों के चालान किए। जिनमें या तो लेडी कंडक्टर या टीचर नहीं थे या उनके ड्राइवरों ने नेम प्लेट नहीं लगा थी या फिर चालक द्वारा सीट बेल्ट का उपयोग नहीं किया गया था। साथ ही एक ऑटो का भी चालान किया है। जिसमें अधिक बच्चों को बैठाया गया था।
छुट्टी होते ही मेन रोड पर भारी तादाद में आते हैं बच्चे
बाल भारती स्कूल के बच्चों को छुट्टी के बाद शहर के रोहतक रोड मेन सड़क पर निकाल दिया जाता है। इससे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। इस पर भी अधिकारियों की नजरें रही। इसके लिए अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को गेट बंद करके किसी अन्य रास्ते से जाने के लिए आदेश दिए हैं। खास बात यह है कि इस तरह के आदेश एसडीएम बहादुरगढ़ की ओर से दस माह पहले भी एक पत्र व्यवहार करके दिए गए थे। मगर स्कूल अपनी हरकतों से किसी तरह भी बाज नहीं आ रहा है। लगातार बच्चों को मेन पर सड़क जाने दिया जाता है।
बच्चों की सुरक्षा से नहीं होगा खिलवाड़ : गोयल
बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बीके गोयल ने कहा कि रयान इंटरनेशनल स्कूल की घटना से स्कूलों में सिक्योरिटी सिस्टम को खंगाला जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक क्यों न जाना पड़े। मंगलवार को बहादुरगढ़ के बाल भारती स्कूल का निरीक्षण किया, जहां कई तरह की खामियां मिली। इसके लिए स्कूल प्रबंधन को जल्द खामियों को दूर करने के लिए निर्देश दिए हैं। यदि आगामी तीन दिनों में कमियों को दूर नहीं किया तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूलों का निरीक्षण किया तो मिली खामियां
- नहीं मिला स्कूल स्टाफ का वेरिफिकेशन
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नहीं मिले आई कार्ड
- पुलिस ने गत डेढ़ माह में 150 बसों के काटे चालान