{"_id":"598e0c944f1c1b196c8b4713","slug":"31502481556-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी डिग्रियां बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी डिग्रियां बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पुलिस ने कई यूनिवर्सिटियों की जाली डिग्रियां बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से काफी जाली डिग्री, डिप्लोमें, यूनिवर्सिटी के लॉगो, मौहर एवं लैपटॉप-प्रिंटर बरामद किए हैं। प्राथमिक पूछताछ में इस गैर कानूनी काम में कुछ यूनिवर्सिटी के मालिकों एवं अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। जबकि मामले में अधिक पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया है।
पुलिस के अनुसार आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआईई) में एक होमकैब आफिस के दूसरी मंजिल पर स्थित आफिस में पिछले काफी समय ये फर्जी डिग्री बनाने का यह काम चल रहा था। कम समय में डिग्री दिलाने के नाम पर कुछ युवक जरूरतमंद लोगों से रुपये ऐंठ रहे थे। इसकी भनक मिलने पर एएसपी हिमांशु गर्ग की देखरेख में एक टीम का गठन किया गया।
सूचना के आधार पर वीरवार को एमआईई चौकी प्रभारी देवेंद्र की टीम ने उक्त कार्यालय में छापेमारी की। उक्त कार्यालय से छापेमारी के दौरान पुलिस को काफी मात्रा में जाली डिग्री, डिप्लोमें और डिग्री बनाने के सामान को देखकर पुलिस भी दंग रह गई। पुलिस ने मौके पर से तीन युवकों को काबू कर लिया। जिनकी पहचान सुनील कुमार (राजस्थान), अमित (खेड़ी साध), रवींद्र (डीघल) के तौर पर हुई। जबकि संदीप नाम का युवक टीम के पहुंचने से पहले ही वहां से गायब हो चुका था। इनके खिलाफ शहर पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
डिग्री तैयार करके भेजते थे यूनिवर्सिटी
सिटी एसएचओ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में युवकों ने बताया है कि वे एजेंटों के माध्यम से फर्जी डिग्रियां बनाने का काम करते हैं। उनके अनेक यूनिवर्सिटी के मालिकों व प्रतिनिधियों के साथ संबंध है। डिग्रियां बनाने के बाद एजेंटों के जरिये यूनिवर्सिटी तक भेजी जाती थी। एसएचओ ने बताया कि अदालत में पेश करने के बाद सुनील व अमित को पूछताछ के लिए छह दिन के रिमांड पर लिया है। जबकि तीसरे आरोपी रवींद्र का चार दिन का रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान इस काम में शामिल अन्य लोगों का खुलासा होने की संभावना है।
रोहतक का संदीप मास्टर माइंड
बताते हैं कि पहले ये युवक यूनिवर्सिटी एवं निजी कॉलेजों में छात्रों को दाखिला दिलाने का काम करते थे। बाद में लालचवश इन्होंने यह गैर कानूनी काम शुरू कर दिया। रोहतक जिले के गांव खेड़ी साध निवासी अमित का भाई संदीप इसका मास्टर माइंड है। इन्होंने करीब सवा साल पहले यह काम शुरू किया। सालभर से एमआईई में इनका कार्यालय है। संदीप बीए, बीएड है, तो उसका भाई अमित एमबीए, बीकॉम एवं बीएड है। 28 वर्षीय रवींद्र महज 12वीं पास है। जबकि सुनील ने बीएड पास है।
इनको भी पकड़ेगी की पुलिस
मामले में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा भिवानी के हैप्पी, दिल्ली के एसके पांडे, रोहतक के पवन, गुजरात के देवेंद्र व हुसैन, सिरसा के राजेश बागड़ी, रोहतक के जितेंद्र मलिक, रोहतक के नरेंद्र नागर का भी नाम सामने आया है। मास्टर माइंड के अलावा पुलिस जल्द ही इन्हें भी गिरफ्तार करेगी। इसके साथ ही पुलिस यूनिवर्सिटी के माध्यम से पढ़ाई कराने वाले शिक्षण केंद्रों की भी जांच पड़ताल शुरू करेगी।
इनके दस्तावेज मिले
उक्त दफ्तर से 10वीं, 12वीं की हरियाणा ओपन एवं एनओएस यूपी की मार्कशीट, आईटीआई भिवानी की डिग्रियां, सिंघानिया यूनिवर्सिटी की बीए, एमए, बेचलर आफ साइंस माइग्रोबोलॉजी, बेचलर ऑफ साइंस पीसीएम, बीजेएमसी, मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एवं सिविल इंजीनियरिंग आदि के फर्जी डिग्री-डिप्लोमें बरामद हुए हैं। इनके अलावा सनराइज, मोनार्ड, सिक्किम, वीर कुंवर, मानवभारती, ग्लोबल, श्रीधर सहित कई यूनिवर्सिटी की बीए, एमए, बीएससी, बीजेएमसी की दर्जनों डिग्रियां, माइग्रेशन और सैकड़ों खाली शीट पाई गई। साथ ही दो लैपटॉप, एलईडी, प्रिंटर, यूनिवर्सिटी के नाम कई चेक एवं अन्य सामान को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
ये भी सवालों के घेरे में
पूछताछ में युवकों से कुछ यूनिवर्सिटी के मालिकों एवं अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। मास्टर माइंड संदीप के सिंघानिया यूनिवर्सिटी के मालिक डीसी सिंघानिया व प्रशासनिक शाखा के हरिकिशन शर्मा, हिमालयान यूनिवर्सिटी के मालिक चमन गोयल, ओपीजेएस के मालिक देवेंद्र एवं प्रशासनिक शाखा से नवीन, अमित, सरिता और मोनार्ड यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ब्लाक के मनीष व संदीप से संबंध बताए गए हैं। युवकों के पास से बुंदेल खंड यूनिवर्सिटी के सहायक सचिव अनिल कुमार शुक्ल की स्टैंप भी पाई गई है।
इन यूनिवर्सिटी के नाम आए सामने
- सिंघानिया यूनिवर्सिटी राजस्थान
- सनराइज यूनिवर्सिटी राजस्थान
- रहिमालयान यूनिवर्सिटी अरुणचल प्रदेश
- ओपीजेएस यूनिवर्सिटी राजस्थान
- मोनार्ड यूनिवर्सिटी हापुड़
- सिक्किम यूनिवर्सिटी
- वीर कुंवर यूनिवर्सिटी बिहार
- मानव भारती यूनिवर्सिटी हिमाचल
- ग्लोबल ओपन यूनिवर्सिटी
- कन्नौर यूनिवर्सिटी
- कर्नाटक स्टेट यूनिवर्सिटी
- बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी
- श्रीधर यूनिवर्सिटी पिलानी
- कई नामी यूनिवर्सिटी के जाली डिग्री-डिप्लोमे बरामद
- एजेंट के माध्यम से यूनिवर्सिटी तक पहुंचाते थे नकली डिग्रियां
- कुछ यूनिवर्सिटी के मालिकों के नाम भी आए सामने
- पूछताछ के लिए पुलिस ने लिया रिमांड पर, हो सकते हैं कई और खुलासे
विज्ञापन
बहादुरगढ़।
पुलिस ने कई यूनिवर्सिटियों की जाली डिग्रियां बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से काफी जाली डिग्री, डिप्लोमें, यूनिवर्सिटी के लॉगो, मौहर एवं लैपटॉप-प्रिंटर बरामद किए हैं। प्राथमिक पूछताछ में इस गैर कानूनी काम में कुछ यूनिवर्सिटी के मालिकों एवं अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। जबकि मामले में अधिक पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया है।
पुलिस के अनुसार आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआईई) में एक होमकैब आफिस के दूसरी मंजिल पर स्थित आफिस में पिछले काफी समय ये फर्जी डिग्री बनाने का यह काम चल रहा था। कम समय में डिग्री दिलाने के नाम पर कुछ युवक जरूरतमंद लोगों से रुपये ऐंठ रहे थे। इसकी भनक मिलने पर एएसपी हिमांशु गर्ग की देखरेख में एक टीम का गठन किया गया।
विज्ञापन
सूचना के आधार पर वीरवार को एमआईई चौकी प्रभारी देवेंद्र की टीम ने उक्त कार्यालय में छापेमारी की। उक्त कार्यालय से छापेमारी के दौरान पुलिस को काफी मात्रा में जाली डिग्री, डिप्लोमें और डिग्री बनाने के सामान को देखकर पुलिस भी दंग रह गई। पुलिस ने मौके पर से तीन युवकों को काबू कर लिया। जिनकी पहचान सुनील कुमार (राजस्थान), अमित (खेड़ी साध), रवींद्र (डीघल) के तौर पर हुई। जबकि संदीप नाम का युवक टीम के पहुंचने से पहले ही वहां से गायब हो चुका था। इनके खिलाफ शहर पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
डिग्री तैयार करके भेजते थे यूनिवर्सिटी
सिटी एसएचओ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में युवकों ने बताया है कि वे एजेंटों के माध्यम से फर्जी डिग्रियां बनाने का काम करते हैं। उनके अनेक यूनिवर्सिटी के मालिकों व प्रतिनिधियों के साथ संबंध है। डिग्रियां बनाने के बाद एजेंटों के जरिये यूनिवर्सिटी तक भेजी जाती थी। एसएचओ ने बताया कि अदालत में पेश करने के बाद सुनील व अमित को पूछताछ के लिए छह दिन के रिमांड पर लिया है। जबकि तीसरे आरोपी रवींद्र का चार दिन का रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान इस काम में शामिल अन्य लोगों का खुलासा होने की संभावना है।
रोहतक का संदीप मास्टर माइंड
बताते हैं कि पहले ये युवक यूनिवर्सिटी एवं निजी कॉलेजों में छात्रों को दाखिला दिलाने का काम करते थे। बाद में लालचवश इन्होंने यह गैर कानूनी काम शुरू कर दिया। रोहतक जिले के गांव खेड़ी साध निवासी अमित का भाई संदीप इसका मास्टर माइंड है। इन्होंने करीब सवा साल पहले यह काम शुरू किया। सालभर से एमआईई में इनका कार्यालय है। संदीप बीए, बीएड है, तो उसका भाई अमित एमबीए, बीकॉम एवं बीएड है। 28 वर्षीय रवींद्र महज 12वीं पास है। जबकि सुनील ने बीएड पास है।
इनको भी पकड़ेगी की पुलिस
मामले में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा भिवानी के हैप्पी, दिल्ली के एसके पांडे, रोहतक के पवन, गुजरात के देवेंद्र व हुसैन, सिरसा के राजेश बागड़ी, रोहतक के जितेंद्र मलिक, रोहतक के नरेंद्र नागर का भी नाम सामने आया है। मास्टर माइंड के अलावा पुलिस जल्द ही इन्हें भी गिरफ्तार करेगी। इसके साथ ही पुलिस यूनिवर्सिटी के माध्यम से पढ़ाई कराने वाले शिक्षण केंद्रों की भी जांच पड़ताल शुरू करेगी।
इनके दस्तावेज मिले
उक्त दफ्तर से 10वीं, 12वीं की हरियाणा ओपन एवं एनओएस यूपी की मार्कशीट, आईटीआई भिवानी की डिग्रियां, सिंघानिया यूनिवर्सिटी की बीए, एमए, बेचलर आफ साइंस माइग्रोबोलॉजी, बेचलर ऑफ साइंस पीसीएम, बीजेएमसी, मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एवं सिविल इंजीनियरिंग आदि के फर्जी डिग्री-डिप्लोमें बरामद हुए हैं। इनके अलावा सनराइज, मोनार्ड, सिक्किम, वीर कुंवर, मानवभारती, ग्लोबल, श्रीधर सहित कई यूनिवर्सिटी की बीए, एमए, बीएससी, बीजेएमसी की दर्जनों डिग्रियां, माइग्रेशन और सैकड़ों खाली शीट पाई गई। साथ ही दो लैपटॉप, एलईडी, प्रिंटर, यूनिवर्सिटी के नाम कई चेक एवं अन्य सामान को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
ये भी सवालों के घेरे में
पूछताछ में युवकों से कुछ यूनिवर्सिटी के मालिकों एवं अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। मास्टर माइंड संदीप के सिंघानिया यूनिवर्सिटी के मालिक डीसी सिंघानिया व प्रशासनिक शाखा के हरिकिशन शर्मा, हिमालयान यूनिवर्सिटी के मालिक चमन गोयल, ओपीजेएस के मालिक देवेंद्र एवं प्रशासनिक शाखा से नवीन, अमित, सरिता और मोनार्ड यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ब्लाक के मनीष व संदीप से संबंध बताए गए हैं। युवकों के पास से बुंदेल खंड यूनिवर्सिटी के सहायक सचिव अनिल कुमार शुक्ल की स्टैंप भी पाई गई है।
इन यूनिवर्सिटी के नाम आए सामने
- सिंघानिया यूनिवर्सिटी राजस्थान
- सनराइज यूनिवर्सिटी राजस्थान
- रहिमालयान यूनिवर्सिटी अरुणचल प्रदेश
- ओपीजेएस यूनिवर्सिटी राजस्थान
- मोनार्ड यूनिवर्सिटी हापुड़
- सिक्किम यूनिवर्सिटी
- वीर कुंवर यूनिवर्सिटी बिहार
- मानव भारती यूनिवर्सिटी हिमाचल
- ग्लोबल ओपन यूनिवर्सिटी
- कन्नौर यूनिवर्सिटी
- कर्नाटक स्टेट यूनिवर्सिटी
- बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी
- श्रीधर यूनिवर्सिटी पिलानी
- कई नामी यूनिवर्सिटी के जाली डिग्री-डिप्लोमे बरामद
- एजेंट के माध्यम से यूनिवर्सिटी तक पहुंचाते थे नकली डिग्रियां
- कुछ यूनिवर्सिटी के मालिकों के नाम भी आए सामने
- पूछताछ के लिए पुलिस ने लिया रिमांड पर, हो सकते हैं कई और खुलासे