{"_id":"596136434f1c1bd3038b46a9","slug":"201499543107-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरनाक मोड़ लील रहा है जिदंगिया, प्रशासन बेखबर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खतरनाक मोड़ लील रहा है जिदंगिया, प्रशासन बेखबर
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
बीती देर रात को मारौत गांव के बस स्टैंड पर हुए हादसे ने आठ जिंदगियां लील ली। मारौत गांव के बस स्टैंड पर खतरनाक मोड़ (ब्लाइंड मोड़) हैं, जहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। मोड़ इतना भयानक है कि गाड़ी के टर्न करते समय पता ही नहीं चलता कि सामने से क्या आ रहा है। ऐसे में रात के समय तो दुर्घटना होने का खतरा और भी अधिक रहता है। शुक्रवार रात का हादसा भी इसी जगह हुआ है।
खास बात यह है कि इस मोड़ पर प्रशासन द्वारा कोई साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है। यदि कोई साइन बोर्ड लगा हो तो वाहन चालक को पता चल सकता है कि आगे खतरनाक मोड़ है। वहीं मोड़ के दोनों साइड में कोई स्पीड ब्रेकर भी नहीं है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का यहां पर लापरवाही साफ दिख रही है। बस स्टैंड पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि वे स्पीड ब्रेकर और संकेतक के बारे में हर हादसे के बाद अधिकारियों को बताते हैं। लेकिन अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
शवों का हुआ पोस्टमार्टम
सामान्य अस्पताल में पुलिस ने कागज कार्रवाई निपटाने का कार्य अलसुबह ही शुरू कर दिया। मृतकों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस के आठ कर्मचारी कागजी कार्रवाई पूरी करते नजर आए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक भी करीब 9 बजे पोस्टमार्टम के कार्य में जुट गए। विभाग की ओर से पोस्टमार्टम के लिए दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन
मृतकों के परिजनों को सरकार देगी 2-2 लाख की मदद
कृषि, विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने गांव मारौत के समीप गत रात्रि हुए भीषण सड़क हादसे में गांव महराणा के सात और टिकान कलां के एक व्यक्ति सहित आठ लोगों के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से सभी मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। धनखड़ ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा अत्यंत हृदयविदारक है। जिसमें एक साथ आठ जानें चली गई। उन्होंने सभी दिवगंत आत्माओं की शांति तथा इस दु:ख की घड़ी में परिजनों को संबल प्रदान करने की परमात्मा से प्रार्थना की है।
वर्जन
उक्त सड़क को इस बार एचएसआरडीसी ने बनवाया है। इसलिए संकेतक की जिम्मेदारी उनकी बनती थी। स्पीड ब्रेकर डीसी की परमिशन के बगैर नहीं बनाया जा सकता।
- जयभगवान, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी झज्जर।
वर्जन
शनिवार को शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिए हैं। परिजनों की शिकायत पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द आरोपी ट्रक चालक को काबू कर लिया जाएगा।
- दयाचंद, थाना प्रभारी, बेरी थाना।
- कृषि मंत्री ने जताई सवेंदना, मृतकों के आश्रितों को मिलेंगे 2-2 लाख
- आठ पुलिसकर्मियों ने निपटाई कागजी कार्रवाई, दो डॉक्टरों ने किया शवों का पोस्टमार्टम
विज्ञापन
झज्जर।
बीती देर रात को मारौत गांव के बस स्टैंड पर हुए हादसे ने आठ जिंदगियां लील ली। मारौत गांव के बस स्टैंड पर खतरनाक मोड़ (ब्लाइंड मोड़) हैं, जहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। मोड़ इतना भयानक है कि गाड़ी के टर्न करते समय पता ही नहीं चलता कि सामने से क्या आ रहा है। ऐसे में रात के समय तो दुर्घटना होने का खतरा और भी अधिक रहता है। शुक्रवार रात का हादसा भी इसी जगह हुआ है।
खास बात यह है कि इस मोड़ पर प्रशासन द्वारा कोई साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है। यदि कोई साइन बोर्ड लगा हो तो वाहन चालक को पता चल सकता है कि आगे खतरनाक मोड़ है। वहीं मोड़ के दोनों साइड में कोई स्पीड ब्रेकर भी नहीं है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का यहां पर लापरवाही साफ दिख रही है। बस स्टैंड पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि वे स्पीड ब्रेकर और संकेतक के बारे में हर हादसे के बाद अधिकारियों को बताते हैं। लेकिन अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
विज्ञापन
शवों का हुआ पोस्टमार्टम
सामान्य अस्पताल में पुलिस ने कागज कार्रवाई निपटाने का कार्य अलसुबह ही शुरू कर दिया। मृतकों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस के आठ कर्मचारी कागजी कार्रवाई पूरी करते नजर आए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक भी करीब 9 बजे पोस्टमार्टम के कार्य में जुट गए। विभाग की ओर से पोस्टमार्टम के लिए दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन
मृतकों के परिजनों को सरकार देगी 2-2 लाख की मदद
कृषि, विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने गांव मारौत के समीप गत रात्रि हुए भीषण सड़क हादसे में गांव महराणा के सात और टिकान कलां के एक व्यक्ति सहित आठ लोगों के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से सभी मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। धनखड़ ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा अत्यंत हृदयविदारक है। जिसमें एक साथ आठ जानें चली गई। उन्होंने सभी दिवगंत आत्माओं की शांति तथा इस दु:ख की घड़ी में परिजनों को संबल प्रदान करने की परमात्मा से प्रार्थना की है।
वर्जन
उक्त सड़क को इस बार एचएसआरडीसी ने बनवाया है। इसलिए संकेतक की जिम्मेदारी उनकी बनती थी। स्पीड ब्रेकर डीसी की परमिशन के बगैर नहीं बनाया जा सकता।
- जयभगवान, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी झज्जर।
वर्जन
शनिवार को शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिए हैं। परिजनों की शिकायत पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द आरोपी ट्रक चालक को काबू कर लिया जाएगा।
- दयाचंद, थाना प्रभारी, बेरी थाना।
- कृषि मंत्री ने जताई सवेंदना, मृतकों के आश्रितों को मिलेंगे 2-2 लाख
- आठ पुलिसकर्मियों ने निपटाई कागजी कार्रवाई, दो डॉक्टरों ने किया शवों का पोस्टमार्टम