{"_id":"59d92ce94f1c1bcd538b6461","slug":"191507405033-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व पत्नी की बेटी मारने वाली महिला को को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूर्व पत्नी की बेटी मारने वाली महिला को को उम्रकैद
Updated Sun, 08 Oct 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार की अदालत ने एक महिला को चार वर्षीय बच्ची की हत्या करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, अदालत ने महिला को 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर महिला को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जानकारी के अनुसार साल्हावास थाने में दर्ज मामले के अनुसार 29 नवंबर 2015 को रुडियावास गांव निवासी बबीता ने अपनी सौतेली बेटी को चुन्नी से गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया था। दोषी महिला बबीता का पति आर्मी में सेवारत है और घटना के समय छुट्टी आया हुआ था। घटना वाले दिन फौजी किसी कार्य के चलते घर से बाहर था। मृतक बच्ची तनु के मामा ने आरोपी बबीता के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। जिस पर पुलिस ने आरोपी महिला से पूछताछ की तो उसने कबूल किया था कि शादी के समय बताया गया था कि उसके पति के पास पूर्व पत्नी से कोई बच्चा नहीं है। इसके चलते वह तन्नु से दुर्भावना रखती थी। इसी के चलते उसने पहले हाथों से और फिर चुन्नी से गला दबाकर तन्नु की हत्या की थी। केस में अहम गवाह मृतक तन्नु की दादी राजपति रही। जिसने बयान में बताया कि तन्नु को उसने आखिरी सेब खिलाने के बहाने बबीता को ले जाते हुए देखा था। जिसके बाद करीब साढे़ 3 बजे घर में बनी खोर से तन्नु का शव बरामद किया गया था। पुलिस ने एफएसएल और फोरेसिंक टीम से भी मौका मुआयना करवाया था। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक एक्सपर्ट रिपोर्ट में पहले हाथों से दबाने व बाद में चुन्नी से गला दबाने से मौत होने का खुलासा हुआ था।
विज्ञापन
झज्जर।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार की अदालत ने एक महिला को चार वर्षीय बच्ची की हत्या करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, अदालत ने महिला को 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर महिला को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जानकारी के अनुसार साल्हावास थाने में दर्ज मामले के अनुसार 29 नवंबर 2015 को रुडियावास गांव निवासी बबीता ने अपनी सौतेली बेटी को चुन्नी से गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया था। दोषी महिला बबीता का पति आर्मी में सेवारत है और घटना के समय छुट्टी आया हुआ था। घटना वाले दिन फौजी किसी कार्य के चलते घर से बाहर था। मृतक बच्ची तनु के मामा ने आरोपी बबीता के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। जिस पर पुलिस ने आरोपी महिला से पूछताछ की तो उसने कबूल किया था कि शादी के समय बताया गया था कि उसके पति के पास पूर्व पत्नी से कोई बच्चा नहीं है। इसके चलते वह तन्नु से दुर्भावना रखती थी। इसी के चलते उसने पहले हाथों से और फिर चुन्नी से गला दबाकर तन्नु की हत्या की थी। केस में अहम गवाह मृतक तन्नु की दादी राजपति रही। जिसने बयान में बताया कि तन्नु को उसने आखिरी सेब खिलाने के बहाने बबीता को ले जाते हुए देखा था। जिसके बाद करीब साढे़ 3 बजे घर में बनी खोर से तन्नु का शव बरामद किया गया था। पुलिस ने एफएसएल और फोरेसिंक टीम से भी मौका मुआयना करवाया था। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक एक्सपर्ट रिपोर्ट में पहले हाथों से दबाने व बाद में चुन्नी से गला दबाने से मौत होने का खुलासा हुआ था।
विज्ञापन