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धोखाधड़ी का आरोपी आढ़ती दिल्ली से गिरफ्तार
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चरखी दादरी। किसानों को अनाज का भुगतान नहीं करने वाले आढ़ती को एसआईटी ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से पुलिस ने टीयूवी गाड़ी और एक लाख दो हजार की नकदी भी बरामद की है। आरोपी को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए पांच दिन के रिमांड पर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी का कारण परिवार पर कर्ज बताया है। आरोपी किरोड़ीमल रामकुमार ट्रेडिंग कंपनी का संचालक है और उसका भाई रामनिवास अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
प्रेस वार्ता में सीआईए प्रभारी दिलबाग सिंह ने बताया कि गत 13 जून को चरखी दादरी अनाज मंडी के दो फर्म संचालक किसानों को अनाज खरीद का भुगतान किए बिना ही फरार हो गए थे। विभिन्न गांवों के किसानों ने जय दादा गुंसाई ट्रेडिंग कंपनी संचालक मनीष, निरंजन उर्फ गोल्डी, जगदीश व कृष्ण उर्फ केशु सहित किरोड़ीमल रामकुमार ट्रेडिंग कंपनी के संचालक रामनिवास और रोशनलाल के खिलाफ सिटी थाने में सात एफआईआर दर्ज करवाई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक स्मिति चौधरी ने एसआईटी गठित की थी। एसआईटी का इंचार्ज सीआईए प्रभारी दिलबाग सिंह को बनाया गया था।
एसआईटी इंचार्ज ने पत्रकार वार्ता में बताया कि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही थी। रविवार शाम पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि इस मामले का एक आरोपी रोशनलाल दिल्ली के फखरुद्दीन नगर से अपनी टीयूवी गाड़ी लेकर गुजरने वाला है। इस आधार पर दिलबाग सिंह अपनी टीम सहित वहां पहुंचे और रोशनलाल को धर दबोचा। दिलबाग सिंह ने बताया कि उसकी टीयूवी गाड़ी की जांच की गई तो पुलिस को एक लाख दो हजार रुपये बरामद हुए। सोमवार सुबह उसे कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। सीआईए प्रभारी ने बताया कि फर्म संचालक रामनिवास, जगदीश, मनीष, कृष्ण उर्फ केशु व निरंजन उर्फ गोल्डी की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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252 किसानों ने 4.56 करोड़ का भुगतान बकाया होने का किया था दावा
इस मामले में विभिन्न गांवों के किसानों ने जिला उपायुक्त मुकेश आहूजा को की शिकायत दी थी। इसके बाद उपायुक्त ने तत्कालीन एसडीएम सतबीर कुंडू की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय में किसानों के सुबूत सहित दावे दर्ज किए थे। इस दौरान 252 किसानों ने चार करोड़ 56 लाख का भुगतान बकाया होने के दावे दर्ज कराए थे। किसानों ने चार करोड़ 41 लाख की दस हजार क्विंटल सरसों, दो लाख 26 हजार का 130 क्विंटल गेहूं व दस लाख की 250 क्विंटल ग्वार का भुगतान न होने के दावे फर्मों द्वारा दी गई कच्ची पर्ची सहित दर्ज कराए थे।
गिरफ्तारी की सूचना पाकर थाने में पहुंचे किसान
आढ़ती रोशनलाल की गिरफ्तारी की खबर दोपहर तक ही आसपास के गांवों और शहर में फैल गई। इसके बाद किसान सिटी थाने में पहुंचने शुरू हो गए। देर शाम तक यह सिलसिला जारी रहा। इस दौरान किसानों ने सिटी थाने के स्टाफ से उनकी राशि दिलाने की गुहार भी लगाई। पुलिस कर्मियों ने उन्हें सकारात्मक आश्वासन देकर वहां से लौटा दिया।
आरोपी रोशनलाल को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। उससे अभी पूछताछ जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी का कारण परिवार पर कर्ज बताया है। आरोपी से पूछताछ पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उससे हमने टीयूवी गाड़ी और एक लाख दो हजार की नकदी बरामद की है।
दिलबाग सिंह, एसआईटी एवं सीआईए इंचार्ज
प्रेस वार्ता में सीआईए प्रभारी दिलबाग सिंह ने बताया कि गत 13 जून को चरखी दादरी अनाज मंडी के दो फर्म संचालक किसानों को अनाज खरीद का भुगतान किए बिना ही फरार हो गए थे। विभिन्न गांवों के किसानों ने जय दादा गुंसाई ट्रेडिंग कंपनी संचालक मनीष, निरंजन उर्फ गोल्डी, जगदीश व कृष्ण उर्फ केशु सहित किरोड़ीमल रामकुमार ट्रेडिंग कंपनी के संचालक रामनिवास और रोशनलाल के खिलाफ सिटी थाने में सात एफआईआर दर्ज करवाई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक स्मिति चौधरी ने एसआईटी गठित की थी। एसआईटी का इंचार्ज सीआईए प्रभारी दिलबाग सिंह को बनाया गया था।
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एसआईटी इंचार्ज ने पत्रकार वार्ता में बताया कि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही थी। रविवार शाम पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि इस मामले का एक आरोपी रोशनलाल दिल्ली के फखरुद्दीन नगर से अपनी टीयूवी गाड़ी लेकर गुजरने वाला है। इस आधार पर दिलबाग सिंह अपनी टीम सहित वहां पहुंचे और रोशनलाल को धर दबोचा। दिलबाग सिंह ने बताया कि उसकी टीयूवी गाड़ी की जांच की गई तो पुलिस को एक लाख दो हजार रुपये बरामद हुए। सोमवार सुबह उसे कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। सीआईए प्रभारी ने बताया कि फर्म संचालक रामनिवास, जगदीश, मनीष, कृष्ण उर्फ केशु व निरंजन उर्फ गोल्डी की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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252 किसानों ने 4.56 करोड़ का भुगतान बकाया होने का किया था दावा
इस मामले में विभिन्न गांवों के किसानों ने जिला उपायुक्त मुकेश आहूजा को की शिकायत दी थी। इसके बाद उपायुक्त ने तत्कालीन एसडीएम सतबीर कुंडू की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय में किसानों के सुबूत सहित दावे दर्ज किए थे। इस दौरान 252 किसानों ने चार करोड़ 56 लाख का भुगतान बकाया होने के दावे दर्ज कराए थे। किसानों ने चार करोड़ 41 लाख की दस हजार क्विंटल सरसों, दो लाख 26 हजार का 130 क्विंटल गेहूं व दस लाख की 250 क्विंटल ग्वार का भुगतान न होने के दावे फर्मों द्वारा दी गई कच्ची पर्ची सहित दर्ज कराए थे।
गिरफ्तारी की सूचना पाकर थाने में पहुंचे किसान
आढ़ती रोशनलाल की गिरफ्तारी की खबर दोपहर तक ही आसपास के गांवों और शहर में फैल गई। इसके बाद किसान सिटी थाने में पहुंचने शुरू हो गए। देर शाम तक यह सिलसिला जारी रहा। इस दौरान किसानों ने सिटी थाने के स्टाफ से उनकी राशि दिलाने की गुहार भी लगाई। पुलिस कर्मियों ने उन्हें सकारात्मक आश्वासन देकर वहां से लौटा दिया।
आरोपी रोशनलाल को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। उससे अभी पूछताछ जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी का कारण परिवार पर कर्ज बताया है। आरोपी से पूछताछ पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उससे हमने टीयूवी गाड़ी और एक लाख दो हजार की नकदी बरामद की है।
दिलबाग सिंह, एसआईटी एवं सीआईए इंचार्ज