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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों से ठगे 5 करोड़ रुपये

Tue, 01 Aug 2017 01:03 AM IST
Updated Tue, 01 Aug 2017 01:03 AM IST
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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों से ठगे 5 करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ युवकों युवकों से 5 करोड़ रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। शातिरों को दिए रुपयों को वापस हासिल करने के लिए पीड़ित दर-दर भटक रहे हैं। युवकों ने बहादुरगढ़ सदर थाने में एक महिला समेत कुल चार लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता गुरुग्राम निवासी सतीश और चरखीदादरी निवासी वेदपाल ने छारा की रहने वाली सोनिया, सोनीपत के कुलदीप व गढ़ी निवासी दूधनाथ और सचिन पर धोखाधड़ी कर पांच करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पीड़ित सतीश का कहना है कि गांव छारा निवासी सोनिया उसकी रिश्तेदारी में है। गत 21 जुलाई 2015 का उसके पास सोनिया का फोन आया। सोनिया ने उसे रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। मुझे नौकरी की जरूरत थी तो मैं भी सोनिया के झांसे में आ गया। सोनिया से मिला तो उसने कहा कि रेलवे विभाग में डायरेक्टर कुलदीप के साथ उसकी जान-पहचान है। उन्हीं ने उसे रेलवे में नौकरी पर लगवाया गया। तुम भी नौकरी लग सकते हो, लेकिन इसके लिए 5 लाख देने पड़ेंगे। जिस पर भरोसा करके 3 अगस्त 2015 को तीन लाख रुपये सोनिया को दे दिए।
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- छह महीने की कराई ट्रेनिंग
पीड़ित सतीश के अनुसार सोनिया ने स्वयं ही उसका फार्म भर दिया और 14 अक्तूबर 2016 में ज्वाइनिंग पत्र दे दिया। यह पत्र सोनीपत के कुंडली स्थित अंशज प्लाजा मैक्साइज सोसाइटी के फ्लैट नंबर-ए15 में उसे कुलदीप सिंह नाम के व्यक्ति द्वारा दिया गया। उस वक्त कुलदीप ने कहा कि वह रेलवे में आईएएस रैंक पर है और उसे पावर है कि वह घर पर ही रहकर रेलवे ट्रेनिंग पूरी करवा सकता है। उस समय उसके अलावा वहां 12 युवक और मौजूद थे। कुलदीप ने छह महीने तक ट्रेनिंग करवाई। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद शेष दो लाख रुपये उसने सोनिया को दे दिए। ट्रेनिंग के बाद जब नौकरी लगने की बात आई तो टाल-मटोल रवैया अपनाया जाने लगा। ज्वाइनिंग न होने को काफी समय बीत गया और फिर उसका शातिरों से संपर्क टूट गया। बाद में अंदेशा हुआ कि उक्त रेलवे की ट्रेनिंग फर्जी थी। उसके साथ धोखा किया गया है।
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- नौकरी मिली नहीं, कैसे चुकाएं कर्ज
सतीश का कहना है कि केवल उसे ही नहीं, उसके साथ दर्जनों युवकों को ठगी का शिकार बनाया गया है। उक्त शातिर ठगों ने लोगों के साथ लगभग 5 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। हरियाणा के झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम व चरखी दादरी के अलावा राजस्थान के अलवर जिले के काफी युवा ठगी का शिकार हुए हैं। वहीं, पीड़ित वेदपाल ने कहा कि बेरोजगारी से पीछा छुड़ाने के लिए इधर-उधर से रुपयों का जुगाड़ किया था। नौकरी तो मिली नहीं, अब कर्जा और हो गया। पुलिस ठगी के चारों आरोपियों को शीघ्र से शीघ्र गिरफ्तार कर उन्हें उनका पैसा दिलाए और आरोपियों को ऐसी सख्त सजा दे कि वे फिर कभी किसी के साथ ठगी न करें।


ये हुए ठगी का शिकार
1. सतीश : गुरुग्राम
2. सुंदरपाल : गुरुग्राम
3. मोहित : गुरुग्राम
4. लखपत : रेवाड़ी
5. वेदपाल : चरखी दादरी
6. प्रवीन : चरखी दादरी
7. वसीम : गुरुग्राम
8. रवि तंवर : झज्जर
9. ज्योति : झज्जर
10. पूजा : झज्जर
11. अतर सिंह : अलवर राजस्थान
12. अशोक : अलवर राजस्थान
13. जसवंत : अलवर राजस्थान
14. चंद्रगुप्त : अलवर
15. सुरेश : अलवर
16. सुनील : गुरुग्राम
17. संदीप : झज्जर
18. रेखा : गुरुग्राम
19. भीम सिंह : अलवर
20. अंकित कुमार : अलवर
21. आमिर : गुरुग्राम
22. इस्माइल : गुरुग्राम
23. मोहन : गुरुग्राम


वर्जन
युवकों की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जा रही है। युवकों से मिले फोन नंबरों के आधार पर उक्त लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। जल्द मामले को सुलझा लिया जाएगा।
- जसबीर सिंह, इंस्पेक्टर, थाना सदर बहादुरगढ़।


- छारा निवासी महिला सहित कुल चार लोगों के खिलाफ सदर थाने में केस दर्ज
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