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Bahadurgarh: क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद के अपमान पर हुआ विवाद, रातोंरात हटा दिया गया स्वागत द्वार से नाम

Sat, 05 Aug 2023 02:24 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 05 Aug 2023 02:24 PM IST
सार

वार्ड-28 के सेक्टर-7 के स्वागत द्वार का नाम शहीद क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद द्वार रखा गया था। इस द्वार पर शहीद चन्द्रशेखर आजाद स्वागत द्वार लिखने के साथ-साथ आजाद का चित्र, नगर परिषद अध्यक्ष सरोज राठी का चित्र और नगर पार्षद ज्योति पवन रोहिल्ला के चित्र भी लगाए गए थे।

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Controversy over insult of revolutionary Chandrashekhar Azad in Bahadurgarh
स्वागत बोर्ड में नाम हटाने का मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बहादुरगढ़ नगर परिषद द्वारा शहर के सेक्टर-7 के प्रवेश द्वार का नाम बदल दिया गया। पहले इस द्वार का नाम शहीद चन्द्रशेखर आजाद दिवस द्वार था। शनिवार सुबह लोगों को बदला हुआ नजर आया। शहीद चन्द्र शेखर आजाद द्वार के बजाय महाराजा रणबीर सिंह रोहिल्ला द्वार लिखवा दिया गया। लोगों ने नाम बदला हुआ देखा तो बवाल मच गया। ऐसा करने को तमाम लोगों ने क्रांतिकारियों का अपमान बताया और द्वार का नाम पहले की तरह शदीद चन्द्रशेखर आजाद के नाम पर ही रखने की मांग की। बाद में वार्ड से नगर पार्षद ज्योति पवन रोहिल्ला ने इसे चूक बताते हुए कहा कि इसको पहले की तरह यथावत कर दिया जाएगा।

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तेजी से विरोध हुआ तो पार्षद ने मानी पहले की तरह करने की मांग
दरअसल, नगर परिषद ने शहर में कई कॉलोनियों के बाहर महापुरुषों के नाम पर स्वागत द्वार बनवाए थे। वार्ड-28 के सेक्टर-7 के स्वागत द्वार का नाम शहीद क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद द्वार रखा गया था। इस द्वार पर शहीद चन्द्रशेखर आजाद स्वागत द्वार लिखने के साथ-साथ आजाद का चित्र, नगर परिषद अध्यक्ष सरोज राठी का चित्र और नगर पार्षद ज्योति पवन रोहिल्ला के चित्र भी लगाए गए थे। लेकिन शुक्रवार को एकाएक द्वार का नाम बदलकर महाराजा रणबीर सिंह रोहिल्ला द्वार रख दिया गया। महाराजा रणबीर सिंह रोहिल्ला का चित्र भी लगाया गया। शहीद चन्द्रशेखर आजाद और बाकी के चित्र भी लगे रहे। शनिवार सुबह लोगों ने नाम बदला हुआ देखा तो हैरत में पड़ गए। सोशल मीडिया में जबरदस्त विरोध शुरू हो गया।
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शहीद भगत सिंह मैत्री संस्था के प्रधान प्रदीप यादव ने कहा कि शहीद क्रंातिकारी चन्द्रशेखर आजाद और अन्य शहीदों का अपमान कतई सहन नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोग कितना गिरेंगे। कोई स्वागत द्वारों पर महापुरुषों के साथ अपनी फोटो लगा रहा है तो कोई महापुरुषों को ही बदलकर अपनी जाति अनुसार महापुरुषों की खोज में लगा हुआ है। ये घिनौनी हरकत पार्षद की छोटी मानसिकता को दर्शा रही है। उन्होंने तुरंत इस द्वार का नाम पहले की तरह करने की मांग की और कहा कि इस लड़ाई में आजाद के पौत्र अमित आजाद का भी साथ लिया जाएगा।
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पार्षद रोहिल्ला की सफाई पर अमित बहराना ने कहा कि यह कोई छोटी सी टाईपिंग की गलती नहीं है, बल्कि स्वागत द्वार पर लगी बहुत बड़ा सीट है। जानबूझकर ऐसा किया किया है। वार्ड-13 से नगर पार्षद मोहित राठी ने कहा कि वार्ड के मुख्य द्वार पर जब यह बोर्ड लग रहा था तब पार्षद कहां थे। ऐसा हो नहीं सकता कि पीछे से चिपका गए हों। इसी वार्ड से पूर्व पार्षद वजीर सिंह राठी और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज वत्स ने भी आजाद के अपमान के खिलाफ  आवाज उठाई। दिनेश शेखावत ने कहा कि यह यगर परिषद अधिकारियों की भी गलती है, जो स्वीकार्य नहीं है।


अधिकारी के अनुसार
शहीदों का सम्मान सर्वोपरि है। हम भी पूरा सम्मान करते हैं। सेक्टर-7 के शहीद चन्द्रशेखर आजाद स्वागत द्वार पर महाराजा रणबीर सिंह रोहिल्ला स्वागत द्वार की जो सीट लगाई गई है, यह सीट दूसरे नए स्वागत द्वार पर लगाई जानी, लेकिन ठेकेदार के कारिंदों ने गलती से यहां लगा दी। इसको कल ही बदल दिया जाएगा। -ज्योति पवन रोहिल्ला, नगर पार्षद, वार्ड-28।

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