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Jhajjar-Bahadurgarh News: घरों में आ रहा दूषित पानी, खतरे में सेहत
Thu, 20 Jul 2023 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 20 Jul 2023 01:21 AM IST
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झज्जर। लोगों की प्यास बुझाने वाले जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से जलघरों में बनाए गए करोड़ों के फिल्टर प्लांट का पानी साफ करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। नहरों में बारिश के बाद घरों में जलघरों से आ रहा पानी मिट्टी के रंग जैसा है। लोगों का कहना है कि पानी में मिट्टी आ रही है जो उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा रही है। सामान्य अस्पताल में हर रोज आठ से दस मरीज पीलिया के पहुंच रहे हैं।
शहर में लोगों को पानी के पानी उपलब्ध करवाने के लिए तीन जलघर बनाए गए हैं। इनमें से 68 हजार की आबादी वाले झज्जर शहर के लोगों को करीब 95 लाख लीटर पानी प्रतिदिन उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें सांपला रोड स्थित सबसे बड़ा जलघर है। इससे आधे शहर की आबादी को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि आधे शहर को पुराना तहसील रोड व गुरुग्राम रोड स्थित जलघरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। प्रदेश सरकार की तरफ से वर्ष 2012 में झज्जर सहित आसपास के 17 गांवों में आने वाले 15 सालों में बढ़ने वाली आबादी को देखते हुए करीब 87 करोड़ रुपये की लागत से जल बढ़ोतरी परियोजना तैयार की थी। जिसका वर्ष 2016-17 में लोगों को लाभ मिलना शुरू हो गया था लेकिन तहसील रोड व सांपला रोड पर बनाए गए जलघरों में नए फिल्टर बनाए जाने के बाद भी मानसून के सीजन में आने वाले मटमैले पानी को साफ नहीं कर पा रहे हैं।
लोगों की प्रतिक्रिया:
कई दिन से सप्लाई का पानी मटमैला आ रहा है। पानी में से बदबू आ रही है। यह घरेलू कार्य योग्य नहीं है। बीमार होने का डर बना है।
पूजा।
स्वच्छ पानी न आने की वजह से घर के कार्य प्रभावित हो रहे है। पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही हैं।
मीनाक्षी
कई बार शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। सेहत जैसी समस्या को लेकर भी विभाग गंभीर नहीं है।
राजेश कुमार।
जलघर से पानी साफ नहीं आ रहा है। इस वजह से 15 रुपये का कैंपर मोल लेकर पानी पीने पर मजबूर हैं। आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
सुदेश देवी।
वर्जन:
बारिश के सीजन में पाइपों में मटमैला पानी चला जाता है लेकिन फिल्टरों में पानी को साफ किया जा रहा है। शहरवासियों को स्वच्छ पानी कर सप्लाई दी जाएगी।
नवीन कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एंव अभियांत्रिकी विभाग,झज्जर।
वर्जन
यदि घरों में मटमैला पानी आ रहा है तो पानी को कुछ समय के लिए रखने के बाद जब मिट्टी जम जाए तो पानी को उपर से दूसरे बर्तन में निकालकर रख ले और उसे उबाल कर ठंडा करने के बाद प्रयोग करें। सामान्य अस्पताल में पीलिया के मरीज प्रतिदिन 8 से 10 आ रहे हैं। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
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डॉ नरेश दहिया,एमएस,सामान्य अस्पताल, झज्जर।
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शहर में लोगों को पानी के पानी उपलब्ध करवाने के लिए तीन जलघर बनाए गए हैं। इनमें से 68 हजार की आबादी वाले झज्जर शहर के लोगों को करीब 95 लाख लीटर पानी प्रतिदिन उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें सांपला रोड स्थित सबसे बड़ा जलघर है। इससे आधे शहर की आबादी को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि आधे शहर को पुराना तहसील रोड व गुरुग्राम रोड स्थित जलघरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। प्रदेश सरकार की तरफ से वर्ष 2012 में झज्जर सहित आसपास के 17 गांवों में आने वाले 15 सालों में बढ़ने वाली आबादी को देखते हुए करीब 87 करोड़ रुपये की लागत से जल बढ़ोतरी परियोजना तैयार की थी। जिसका वर्ष 2016-17 में लोगों को लाभ मिलना शुरू हो गया था लेकिन तहसील रोड व सांपला रोड पर बनाए गए जलघरों में नए फिल्टर बनाए जाने के बाद भी मानसून के सीजन में आने वाले मटमैले पानी को साफ नहीं कर पा रहे हैं।
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लोगों की प्रतिक्रिया:
कई दिन से सप्लाई का पानी मटमैला आ रहा है। पानी में से बदबू आ रही है। यह घरेलू कार्य योग्य नहीं है। बीमार होने का डर बना है।
पूजा।
स्वच्छ पानी न आने की वजह से घर के कार्य प्रभावित हो रहे है। पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही हैं।
मीनाक्षी
कई बार शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। सेहत जैसी समस्या को लेकर भी विभाग गंभीर नहीं है।
राजेश कुमार।
जलघर से पानी साफ नहीं आ रहा है। इस वजह से 15 रुपये का कैंपर मोल लेकर पानी पीने पर मजबूर हैं। आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
सुदेश देवी।
वर्जन:
बारिश के सीजन में पाइपों में मटमैला पानी चला जाता है लेकिन फिल्टरों में पानी को साफ किया जा रहा है। शहरवासियों को स्वच्छ पानी कर सप्लाई दी जाएगी।
नवीन कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एंव अभियांत्रिकी विभाग,झज्जर।
वर्जन
यदि घरों में मटमैला पानी आ रहा है तो पानी को कुछ समय के लिए रखने के बाद जब मिट्टी जम जाए तो पानी को उपर से दूसरे बर्तन में निकालकर रख ले और उसे उबाल कर ठंडा करने के बाद प्रयोग करें। सामान्य अस्पताल में पीलिया के मरीज प्रतिदिन 8 से 10 आ रहे हैं। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
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डॉ नरेश दहिया,एमएस,सामान्य अस्पताल, झज्जर।