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Jhajjar-Bahadurgarh News: दिसंबर तक पूरा हो जाएगा अर्बन एक्स्टेंशन रोड-2 का निर्माण
Wed, 05 Jul 2023 12:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 05 Jul 2023 12:45 AM IST
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बहादुरगढ़। दिल्ली बस अड्डे और कई अन्य क्षेत्रों में जाना आवागमन सुगम बनाने के लिए दिल्ली में वाहनों की भीड़ कम करने के लिए बनाए जा रहे अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) का निर्माण तेजी से चल रहा है। बहादुरगढ़ स्पर का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। इस एक्सप्रेस वे के दिसंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इसके बाद यह रोड बहादुरगढ़ के अलावा चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से हवाई अड्डे पहुंचने में बड़ी सुविधा देगा। बहादुरगढ़ से दिल्ली का सफर केवल 25 मिनट में पूरा होगा।
यूईआर-2 एक तरह से दिल्ली का तीसरा रिंग रोड होगा। इस एक्सप्रेस-वे के जरिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़कों का ऐसा तंत्र विकसित कर रहा है, जिससे थमे हुए यातायात को रफ्तार मिल सकेगी। इसके साथ ही यह दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने में भी मददगार साबित होगा। इसका निर्माण 2021 में शुरू हुआ और 2023 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। एनएचएआई ने इस परियोजना के निर्माण कार्य को 5 भागों में बांटा है। इसकी निर्माण लागत 7,700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। परियोजना निदेशक फिरोज खान ने बताया कि इस नेशनल हाईवे का नंबर एनएच 344 एम है। इसका 75 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसकी लंबाई लगभग 75.7 किमी लंबी रहेगी। इस रोड के बनने से दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर भीड़भाड़ कम होगी। यह चार से छह लेन का एक्सप्रेसवे है। इसकी शुरुआत दिल्ली के अलीपुर में दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग से है और फिर मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़, द्वारका से गुजरते हुए यह महिपालपुर के पास दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर खत्म होता है। नेशनल हाईवे नंबर-9 से इसको बहादुरगढ़ में कनेक्ट किया गया है। पश्चिमी-दक्षिणी दिल्ली, आईजीआई एयरपोर्ट और गुडग़ांव के लोग यूईआर-2 के जरिए एनएच-44 तक भी आसानी से पहुंच पाएंगे। इससे चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जाने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से आसपास के इलाकों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। लगभग सारा रोड रेड लाइट (ट्रैफिक लाइट) फ्री होगा।
केवल दिल्ली की बात की जाए तो दिल्ली में यह एक्सप्रेस-वे अलीपुर के बकोली गांव से शुरू होकर बवाना औद्योगिक क्षेत्र, रोहिणी, मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़ और द्वारका के जरिए से एनएच-2 से होकर गुजरेगा। दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र से इसकी पहली चार लेन शुरू होंगी और यह हरियाणा के सोनीपत के गांव बड़वासनी में एनएच-352 ए तक जाएगी। इसके बाद वाली छह लेन बक्करवाला से शुरू होकर हरियाणा के बहादुरगढ़ बाईपास के पास एनएच-9 तक जाएगी। बहादुरगढ़ में इस मार्ग का करीब आधा किलोमीटर का टुकड़ा बन रहा है। मार्ग को एनएच-9 से जोडऩे के लिए बहादुरगढ़ में बाईपास से एलिवेटिड रोड बनाया जा रहा है। दिल्ली के दिचाऊ कलां से बहादुरगढ़ बाईपास तक इसकी लंबाई 7.3 किलोमीटर होगी।
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यह अति महत्वाकांक्षी रोड इन पांच पैकेज में बन रहा है :
क्रमांक
पैकेज
लंबाई किमी में
लागत रुपये करोड़ों में
1. एनएच-1 से कराला-कंझावला रोड
15
1,552
2. कराला-कंझावला रोड से नांगलोई-नजफगढ़ रोड
13.450
1,121
3. नांगलोई नजफगढ़ रोड से द्वारका सेक्टर-24 रोड
9.661
685.31
4. बवाना औद्योगिक क्षेत्र से सोनीपत के गांव बड़वासनी तक 29.6
694
5. बक्करवाला से बहादुरगढ़ बाईपास के निकट यूईआर-2 7.269
324
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यूईआर-2 एक तरह से दिल्ली का तीसरा रिंग रोड होगा। इस एक्सप्रेस-वे के जरिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़कों का ऐसा तंत्र विकसित कर रहा है, जिससे थमे हुए यातायात को रफ्तार मिल सकेगी। इसके साथ ही यह दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने में भी मददगार साबित होगा। इसका निर्माण 2021 में शुरू हुआ और 2023 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। एनएचएआई ने इस परियोजना के निर्माण कार्य को 5 भागों में बांटा है। इसकी निर्माण लागत 7,700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। परियोजना निदेशक फिरोज खान ने बताया कि इस नेशनल हाईवे का नंबर एनएच 344 एम है। इसका 75 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसकी लंबाई लगभग 75.7 किमी लंबी रहेगी। इस रोड के बनने से दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर भीड़भाड़ कम होगी। यह चार से छह लेन का एक्सप्रेसवे है। इसकी शुरुआत दिल्ली के अलीपुर में दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग से है और फिर मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़, द्वारका से गुजरते हुए यह महिपालपुर के पास दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर खत्म होता है। नेशनल हाईवे नंबर-9 से इसको बहादुरगढ़ में कनेक्ट किया गया है। पश्चिमी-दक्षिणी दिल्ली, आईजीआई एयरपोर्ट और गुडग़ांव के लोग यूईआर-2 के जरिए एनएच-44 तक भी आसानी से पहुंच पाएंगे। इससे चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जाने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से आसपास के इलाकों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। लगभग सारा रोड रेड लाइट (ट्रैफिक लाइट) फ्री होगा।
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केवल दिल्ली की बात की जाए तो दिल्ली में यह एक्सप्रेस-वे अलीपुर के बकोली गांव से शुरू होकर बवाना औद्योगिक क्षेत्र, रोहिणी, मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़ और द्वारका के जरिए से एनएच-2 से होकर गुजरेगा। दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र से इसकी पहली चार लेन शुरू होंगी और यह हरियाणा के सोनीपत के गांव बड़वासनी में एनएच-352 ए तक जाएगी। इसके बाद वाली छह लेन बक्करवाला से शुरू होकर हरियाणा के बहादुरगढ़ बाईपास के पास एनएच-9 तक जाएगी। बहादुरगढ़ में इस मार्ग का करीब आधा किलोमीटर का टुकड़ा बन रहा है। मार्ग को एनएच-9 से जोडऩे के लिए बहादुरगढ़ में बाईपास से एलिवेटिड रोड बनाया जा रहा है। दिल्ली के दिचाऊ कलां से बहादुरगढ़ बाईपास तक इसकी लंबाई 7.3 किलोमीटर होगी।
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यह अति महत्वाकांक्षी रोड इन पांच पैकेज में बन रहा है :
क्रमांक
पैकेज
लंबाई किमी में
लागत रुपये करोड़ों में
1. एनएच-1 से कराला-कंझावला रोड
15
1,552
2. कराला-कंझावला रोड से नांगलोई-नजफगढ़ रोड
13.450
1,121
3. नांगलोई नजफगढ़ रोड से द्वारका सेक्टर-24 रोड
9.661
685.31
4. बवाना औद्योगिक क्षेत्र से सोनीपत के गांव बड़वासनी तक 29.6
694
5. बक्करवाला से बहादुरगढ़ बाईपास के निकट यूईआर-2 7.269
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