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भवन तोड़ने की मंजूरी के चक्कर में अटका 100 बेड के अस्पताल का निर्माण

Sat, 05 Jun 2021 01:52 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jun 2021 01:52 AM IST
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Construction of 100 bed hospital stuck due to approval to break building
झज्जर। शहर के सामान्य अस्पताल के पुराने भवन को जर्जर घोषित करने के बाद विभाग ने तीन वर्ष पहले खाली कर बंद कर दिया था। ताकि कोई घटना न हो सके। विभाग की तरफ से भवन को तोड़ने और इसके स्थान पर 100 बेड का नया भवन तैयार करने के लिए एस्टीमेट तैयार करवा कर सरकार से मंजूरी मांगी गई थी। आज तक इसके लिए मंजूरी नहीं मिल पाई है। इसके चक्कर में नए भवन के निमार्ण का कार्य अटका हुआ है।
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कोरोना काल में जगह की कमी खली
कोरोना काल में सामान्य अस्पताल में जगह की काफी कमी खली। बड़ी संख्या में अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन व बेड की आवश्यकता रही। लेकिन सामान्य अस्पताल में बेड की कमी के कारण लोगों को जमीन में गद्दे डालकर ऑक्सीजन लेने पर मजबूर होना पड़ा। अगर समय रहते 100 बेड के नए भवन का निर्माण हो गया होता तो लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
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2012 में तैयार किया गया था नया 100 बेड का भवन
वर्ष 2012 में करीब साढेे़ 12 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेड के नए भवन का निर्माण किया गया था। उसके बाद कई विभाग पुराने भवन में काम कर रहे थे। इनमें दंत विभाग की ओपीडी, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड केंद्र, टीकाकरण सहित मलेरिया विभाग का कार्यालय इस भवन में था। जब इस भवन को जर्जर घोषित किया गया, उस समय इन्हें बदलकर सामान्य अस्पताल के 100 बेड वाले भवन में तब्दील कर दिया गया था।
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200 बेड का हो जाएगा जिला अस्पताल
शहर के सामान्य अस्पताल में 100 बेड के नए भवन का निर्माण होने के बाद जिला मुख्यालय पर 200 बेड का सरकारी अस्पताल हो जाएगा। वहीं, इसी हिसाब से स्टाफ की नियुक्ति भी की जाएगी।
सेक्टर छह में भेजा मलेरिया विभाग
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से भवन के जर्जर होने के बाद मलेरिया विभाग का कार्यालय भी बदल दिया है। विभाग को शहर के सेक्टर 6 में स्थित पॉलीक्लिनिक स्थानांतरित कर दिया गया है। इस भवन में कार्य रहे ओपीडी, कार्यालय आदि को स्थानांतरित कर दिया गया है।

वर्जन
पुराने भवन को काफी समय पहले खाली कर दिया गया था। अब मुख्यालय से इस भवन को तोड़ने और नए भवन का निर्माण करने के लिए मंजूरी मांगी गई है। मंजूरी मिलने के बाद पुराने भवन को तोड़ा जाएगा। उसके बाद इस स्थान पर नया भवन बनेगा।
- डॉ संजय सचदेवा, एसएमओ, सामान्य अस्पताल, झज्जर।
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