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नागरिक अस्पताल में जल्द शुरू होगी एसएनसीयू सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
Updated Thu, 28 Jul 2016 01:40 AM IST
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civil hospital
- फोटो : Bureau
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कमजोर व बीमार नवजात शिशुओं को उनके घर के नजदीक नागरिक अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं से लैस एसएनसीयू की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। सब ठीक-ठाक रहा तो अगस्त माह से इसका लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा। इसमें इन बॉर्न व आउट बॉर्न वाले बच्चों को इलाज की पूरी सुविधा मिलेगी। उन्हें महंगे निजी अस्पतालों व दूर-दराज लेकर जाने की जरूरत उनके परिजनों को नहीं पड़ेगी।
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सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) की लंबे अर्से से नागरिक अस्पताल में कमी खल रही थी। मेट्रीनल चाइल्ड हेल्थ स्कीम के तहत अस्पताल के ब्लॉक-बी की पहली मंजिल पर लगभग 7 हजार स्क्वेयर फीट में आधुनिक मशीनों से लैस नई एसएनसीयू तैयार करने का कार्य शुरू हुआ। एलइडी लाइट व अन्य सुविधाओं से सुसज्जित इस एसएनसीयू का कार्य अब अंतिम चरण में है। लगभग दो-तीन फीसदी कार्य ही रह गया है। पूरी यूनिट में टाइलें लगाई गई हैं तो वहीं, अन्य सुविधाओं का भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरा ध्यान रखा गया है। नवजात शिशुओं की उचित देखभाल व प्राइवेट हॉस्पिटलों में महंगे इलाज के खर्चे से राहत दिलाने के लिए सरकार की ओर ये यह बेहतर एसएनसीयू तैयार की गई है। इसमें अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के अलावा बाहर पैदा होने वाले बच्चे जो किसी न किसी कारण से कमजोर है या फिर बीमार है उनके उपचार के लिए बनाई गई है। पिछले काफी समय से इस पर काम चल रहा था, लेकिन अब अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि अगले महीने में स्वास्थ्य विभाग इसके जरिये बीमार नवजात शिशुओं का इलाज शुरू कर देंगे। एसएनसीयू पर लगभग 58 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। निर्माण कार्य से जुड़े शैलेंद्र का कहना है कि उनकी तरफ से पूरी तरह से बनकर तैयार हो गई है। एक-दो दिन में साफ-सफाई भी हो जाएगी।
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इन सुविधाओं पर फोकस
नागरिक अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों की देखभाल के लिए वैसे तो पहले ही एसएनसीयू चल रही है, लेकिन यह बेहद छोटी है। इसमें एसएनसीयू से संबंधित सभी मशीनें व अन्य सुविधाएं फिलहाल नहीं है। 5 वार्मर भी इसमें लगे हुए हैं, लेकिन शिशुओं के स्वास्थ्य व उनकी मृत्यु दर को कम करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बहादुरगढ़ के अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं से लैस एसएनसीयू की जरूरत महसूस की थी। जिस पर विभाग की ओर से मंजूरी मिलने के बाद अब अब जो एसएनसीयू तैयार हुई है वह देखने से ही किसी को भी बच्चों के इलाज के प्रति संतुष्ट करती है। इसमें बच्चा रोग विशेषज्ञ के अलावा तीन मेडिकल ऑफिसर व 8 स्टाफ नर्स भी मौजूद रहेंगी।
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बनेंगे तीन वार्ड
सबसे पहले इसमें तीन वार्ड तैयार किए गए हैं। इनमें पहला तो इनबॉर्न होगा जिसमें अस्पताल के अंदर ही जन्म लेने वाले बच्चों को बीमार होने की अवस्था में रखा जाएगा। दूसरा वार्ड आउट बॉर्न होगा। इसमें बाहर से रेफर होकर आने वाले बच्चों को दाखिल किया जाएगा। तीसरा वार्ड स्टेप डाउन होगा। इसमें वे बच्चे रहेंगे जो स्वास्थ्य में सुधार के बाद डिस्चार्ज की स्टेज पर आ जाएंगे। एसएनसीयू में ही रेडियंट वार्मर, फोटो थैरेपी यूनिट, कार्डियोमोनिटर व सीरिंज पंप भी रहेंगे। अस्पताल के बी-ब्लाक के ऊपर 7 हजार स्क्वेयर फुट से ज्यादा एरिये में यह यूनिट तैयार की गई है।
निजी अस्पतालों को भी देगी मात
नागरिक अस्पताल में तैयार हुई यह यूनिट एक तरह से बहादुरगढ़ के अभी तक उपलब्ध निजी अस्पतालों को मात देगी। इसे जिस तरह से तैयार किया गया है ठीक उसी तरह इसे आपरेट किया गया तो नवजात शिशुओं को नाममात्र के खर्च पर बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें दो फायदे होंगे। पहला तो बच्चे की गंभीर हालत होने पर निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से बचा जा सकेगा। दूसरा पीजीआई रोहतक रेफर करने की मजबूरी नहीं होगी।
जल्द मिलेगा लाभ
एसएनसीयू लगभग तैयार हो चुकी है, लेकिन अभी हैंडओवर नहीं हुई है। इसमें लगने वाली कई मशीनें व अन्य उपकरण भी आ चुके हैं, लेकिन जैसे ही काम फाइनल हो जाएगा और यह यूनिट हैंडओवर हो जाएगी उसके बाद इसमें नवजात शिशुओं को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
-डॉ. जितेंद्र कादयान, एमएस, नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़।