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खानपुर खुर्द की लाडली नेहा को राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार
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खुदी को कर बुलंद इतना की हर तकदीर से पहले, खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है। ऐसा ही कुछ कारनामा झज्जर के खानपुर खुर्द गांव की लाडली नेहा पिलानियां ने कर दिखाया है। नेहा ने सबसे कम उम्र में बॉक्सिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पदक जीतने का श्रेय प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर उसे भारत सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा जाएगा। नेहा को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 22 जनवरी को इस पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। इतना ही नहीं नेहा पिलानियां गणतंत्र दिवस समारोह की परेड में भी हिस्सा लेगी। इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से 21 जनवरी को आमंत्रित किया गया है। 22 जनवरी को नेहा पिलानियां को राष्ट्रपति भवन में शाम को पांच बजे आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार के साथ एक लाख रुपये की राशि व प्रमाण पत्र से नवाजा जाएगा। उसके बाद 23 जनवरी को दिल्ली में राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह की परेड में हिस्सा लेंगी। उनके साथ उनके माता-पिता को भी मंत्रालय की तरफ से आमंत्रित किया गया है। इस दौरान वे 21 से 27 जनवरी तक दिल्ली में ही रहेंगे।
साढ़े 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीते चार पदक
भारतीय सेना की हिसार छावनी में स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाली नेहा पिलानियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चार पदक जीत चुकी है। सितंबर 2018 में पोलैंड में आयोजित हुई आठवीं अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, स्पेन में अप्रैल 2019 में आयोजित हुए इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल, जर्मनी में जून 2019 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल व बेस्ट बॉक्सर का अवॉर्ड जीत चुकी है। इसके अलावा अक्तूबर 2019 में यूएई में आयोजित जूनियर वुमन एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर देश की झोली में डाल चुकी है। इससे पहले वह राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर भी अनेक पदक प्राप्त कर चुकी है।
पिता सेना में दे रहे सेवाएं, मां बढ़ाती हैं बेटी का हौसला
नेहा के पिता बलजीत सिंह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। उनकी रेजिमेंट फिलहाल राजस्थान के जैसलमेर में तैनात है। नेहा की मां बेटी के साथ रह कर उसका हौसला बढ़ाती हैं। नेहा के माता-पिता का कहना है कि बेटी ने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। उनका असली सपना उस दिन पूरा होगा जब नेहा ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश की झोली में डालेगी।
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साढ़े 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीते चार पदक
भारतीय सेना की हिसार छावनी में स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाली नेहा पिलानियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चार पदक जीत चुकी है। सितंबर 2018 में पोलैंड में आयोजित हुई आठवीं अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, स्पेन में अप्रैल 2019 में आयोजित हुए इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल, जर्मनी में जून 2019 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल व बेस्ट बॉक्सर का अवॉर्ड जीत चुकी है। इसके अलावा अक्तूबर 2019 में यूएई में आयोजित जूनियर वुमन एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर देश की झोली में डाल चुकी है। इससे पहले वह राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर भी अनेक पदक प्राप्त कर चुकी है।
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पिता सेना में दे रहे सेवाएं, मां बढ़ाती हैं बेटी का हौसला
नेहा के पिता बलजीत सिंह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। उनकी रेजिमेंट फिलहाल राजस्थान के जैसलमेर में तैनात है। नेहा की मां बेटी के साथ रह कर उसका हौसला बढ़ाती हैं। नेहा के माता-पिता का कहना है कि बेटी ने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। उनका असली सपना उस दिन पूरा होगा जब नेहा ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश की झोली में डालेगी।
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